Hanuman Chalisa
✕

कविता : नए साल! तुम खुशियां लाना...

Updated: बुधवार, 30 दिसंबर 2020 (16:14 IST)
New Year Poem
 

- ओमप्रकाश क्षत्रिय 'प्रकाश'
 
नए साल! तुम जल्दी आना ।
संग में अपने खुशियां लाना ।।
 
छोड़ दिए हैं काम अधूरे 
उसको पूरे करके जाना ।
स्वप्न सलौने अपने हैं
रंगों से है उसे सजाना।।
 
देख रहा हूं मैं तुम को 
चुस्ती-स्फूर्ति लेकर आना।
नए साल! तुम जल्दी आना ।
संग में अपने खुशियां लाना ।।
 
मैं पौधे भी खूब लगाऊंगा 
पानी भी खूब पिलाऊंगा ।
पढ़कर अच्छी-अच्छी बातें 
परीक्षा में भी अव्वल आऊंगा।।
 
बस तुम आना और जगाना
उत्सव-आनंद से भर जाना।
नए साल! तुम जल्दी आना ।
संग में अपने खुशियां लाना ।।
 
दादा-दादी के घर जाऊंगा 
मम्मी-पापा की संगत पाऊंगा।
काका काकी भी प्यारे हैं 
उनका भी मन बहलाऊंगा ।
 
है रिश्ते हंसी-खुशी निभाना 
है प्यार सभी का ही पाना ।
नए साल! तुम जल्दी आना ।
संग में अपने खुशियां लाना ।।

ALSO READ: Essay on Happy New Year : न्यू ईयर पर हिन्दी में निबंध

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

चारधाम यात्रा: अटूट आस्था, VIP संस्कृति और व्यवस्थाओं की अग्निपरीक्षा

रूस दे रहा है नाटो को परमाणु हथियारों की धमकी, NATO कमांड केन्द्रों पर हो सकते हैं हमले

शारदीय नवरात्रि व्रत 2026: रोज-रोज साबूदाने की खिचड़ी खाने के 6 नुकसान

सबके लिए समय है... फिर अपने सपनों के लिए क्यों नहीं?

कब मनाया जाएगा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस? जानें कब हुई इसकी शुरुआत और क्‍या है उद्देश्‍य?

अगला लेख