कांग्रेस ने कर्नाटक चुनाव में उतारा 91 साल का उम्मीदवार, चलने के लिए होती है सहारे की जरूरत
- खुद को सरपट दौड़ने वाला घोड़ा कहते हैं शिवशंकरप्पा
- उम्र 91 साल, चलते समय होती सहारे की जरूरत
- शिवशंकरप्पा की पोती जगदीश शेट्टार की पुत्रवधू
शिवशंकरप्पा ने कहा कि मेरे पास जन समर्थन और भगवान का आशीर्वाद है। और क्या चाहिए? कांग्रेस विधायक शिवशंकरप्पा वास्तव में मध्य कर्नाटक में दावणगेरे के 'पर्याय' बन गए हैं। मुस्कराहट के साथ वह फिर से जीत हासिल करने का विश्वास व्यक्त करते हैं।
सरपट दौड़ने वाला घोड़ा : शिवशंकरप्पा ने बढ़ती उम्र के बावजूद कांग्रेस की ओर से टिकट मिलने पर मजाकिया अंदाज में जवाब दिया, 'घुड़दौड़ के लिए केवल सरपट दौड़ने वाले घोड़े को ही चुना जाता है। मैं ऐसा ही एक घोड़ा हूं। मैं सबसे बड़े अंतर से चुनाव जीतूंगा।'
प्रभावशाली वीरशैव महासभा के अध्यक्ष शिवशंकरप्पा की 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव में मुख्य लड़ाई भाजपा के बीजी अजय कुमार से है, जो दावणगेरे के महापौर रह चुके हैं।
प्रेम से चाहने वाले उन्हें एसएस कहते हैं। शिवशंकरप्पा को चलते समय सहारे की जरूरत होती है, लेकिन उनकी सुनने की क्षमता अच्छी है, आवाज स्पष्ट है और वह स्पष्टता के साथ अपने मन की बात कहते हैं।
312 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति : उन्होंने नामांकन दाखिल करते समय अपने पास 312.75 करोड़ रुपए की संपत्ति होने की घोषणा की है। जब एक पत्रकार ने कुछ खबरों का हवाला देते हुए उनसे कहा कि उनकी जगह अल्पसंख्यक समुदाय के किसी व्यक्ति को टिकट मिलना चाहिए था, तो कांग्रेस नेता ने मजाक में उन्हें डांटते हुए कहा- 'गड़बड़ मत करो। यहां (दावणगेरे दक्षिण) सभी मेरे साथ हैं। आपको इस बारे में परेशान होने की जरूरत नहीं है। मुस्लिम और लिंगायत सभी मेरे साथ हैं।
शेट्टार को कांग्रेस में लाए थे शिवशंकरप्पा : दावणगेरे में मेडिकल, इंजीनियरिंग और नर्सिंग कॉलेज चलाने वाले प्रख्यात शिक्षाविद् शिवशंकरप्पा ने कहा कि चुनावी मैदान में उनका कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं है और उन्हें चुनाव जीतने का पूरा भरोसा है। पार्टी के एक नेता ने बताया कि शिवशंकरप्पा की राजनीतिक कुशाग्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कांग्रेस ने उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता जगदीश शेट्टार को पार्टी में शामिल कराने का काम सौंपा था।
भाजपा ने शेट्टार को आगामी चुनाव लड़ने के लिए टिकट नहीं दिया, जिसके बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी। कांग्रेस ने तुरंत उन्हें शिवशंकरप्पा के माध्यम से पार्टी में शामिल कर लिया। शिवशंकर की पोती और एसएस गणेश की बेटी आंचल शेट्टार की पुत्रवधू है। कांग्रेस ने शिवशंकरप्पा के बेटे और पूर्व मंत्री एसएस मल्लिकार्जुन को दावणगेरे उत्तर से चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया है। (भाषा)
