dharma sangrah

हाई टेक होती नकल की अकल

वक्त के साथ बदले हैं नकल के तरीके

Written By ND
Updated: मंगलवार, 23 फ़रवरी 2010 (15:25 IST)
ND
ND
कहते हैं नकल के लिए भी अक्ल की जरूरत होती है, लिहाजा इस मामले में आज के युवा परीक्षार्थी बहुत अक्लमंद हैं। इन्होंने नकल पर अक्ल लगाते हुए नए-नए तरीके खोज निकाले हैं इसलिए परीक्षकों को सचेत हो जाना चाहिए। ये 'हाई टेक' युवा अब तकनीक को भी नकल के मैदान में खींच लाए हैं।

ये लोग बच्चों के खेल-खिलौनों से लेकर आधुनिक विज्ञान के यंत्रोपकरणों तक का इस्तेमाल परीक्षाओं में पास होने के लिए कर रहे हैं। यही वजह है कि आजकल देश-विदेश के विद्यार्थी नकल के बड़े खिलाड़ी साबित हो रहे हैं।

परीक्षा चाहे किसी स्कूल की हो या किसी कॉलेज की, नकल में नई-नई तकनीकों का जमकर प्रयोग किया जाने लगा। आजकल मोबाइल फोन, पीडीए, कंप्यूटर, स्कैनर, लेजर प्रिंटर आदि जैसे आधुनिक उपकरणों को भी नकल का शक्तिशाली हथियार बनाया जाने लगा है। इनके बलबूते पर अब नकल करना बहुत आसान और 'परंपरागत' तरीकों की तुलना में बहुत सुरक्षित सिद्ध हो रहा है। इसके अलावा विद्यार्थी नकल के और अधिक तरीके सीखने-सिखाने के लिए अब इंटरनेट की भी शरण लेने लगे हैं।

कुछ समय पहले जब विभिन्न परीक्षाओं में कैल्क्युलेटर पर प्रतिबंध लगा तो उसकी जगह घड़ियों में लगे कैल्क्युलेटर ने ले ली। इसके बाद मोबाइल पर नकल की परीक्षा शुरू हो गई। नकल के इस नए रंग-ढंग को देखते हुए परीक्षाओं में मोबाइल फोन पर भी रोक लगानी पड़ गई। पर युवा है कि मानता नहीं।

परीक्षा कक्ष में न सही, किसी न किसी बहाने बाहर जाकर तो मोबाइल का इस्तेमाल किया ही जा सकता है। मोबाइल में दर्ज सूचनाएँ और सूत्र आदि नकल में बहुत काम आ रहे हैं। तब भी कोई समस्या रह जाए तो भी 'नो टेंशन'।

मोबाइल में दुनियाभर का ज्ञान समेटे इंटरनेट की सुविधा भी तो है! नकल के क्षेत्र में अब एक और नया 'महारथी' सामने आ रहा है 'स्पाई फोन'। ब्लू टूथ तकनीक पर काम करने वाले इस यंत्र के दो हिस्से होते हैं। कान में लगने वाला एक छोटा-सा इयर प्लग और कमीज के बटन जितना माइक्रोफोन। लड़कियों या कानों तक लंबे बाल रखने वाले लड़कों के लिए तो यह बहुत फायदेमंद है क्योंकि कानों में घुसा इयर प्लग बालों से ढक जाता है।

' इलेक्ट्रिक पेन' भी नकल में बखूबी इस्तेमाल होने लगा है। वैसे तो यह आवाज रिकॉर्ड करने का यंत्र होता है जिसके कैप में स्पीकर भी होता है लेकिन विद्यार्थी इसका प्रयोग नकल के लिए करते हैं। ये लोग इसमें अपनी संभावित सामग्री रिकॉर्ड कर लेते हैं और फिर बहुत धीमी आवाज में उसके कैप को कान में घुसाकर सुनते हुए परीक्षा में लिखते रहते हैं।

इसके अलावा इसके साथ कानों में रूई घुसाकर कान दर्द का बहाना भी बनाया जा सकता है। यह यंत्र परीक्षा कक्ष के बाहर या कहीं दूर रखे मोबाइल से जुड़ा रहता है। इसके जरिए न केवल किसी को फोन ही किया जा सकता है, बल्कि किसी की कॉल भी 'रिसीव' की जा सकती है। नकल करने-कराने वालों के बीच यह बहुत मददगार साबित होता है। प्रश्न पत्र सामने रखकर पढ़ने वाले अंदाज में बुदबुदाते हुए अपने साथी को प्रश्न बता दीजिए। बस वहाँ से जवाब मिलते ही लिखना शुरू कर दीजिए।

Show comments

झारखंड में छात्र आंदोलन का दिखा असर, JPSC के 3 सदस्‍यों ने दिया इस्‍तीफा, प्रदर्शन को लेकर क्या बोले CM हेमंत सोरेन?

ममता बनर्जी के काफिले पर हमला, भीड़ ने कार पर किया पथराव, भाजपा और पुलिस पर लगा यह आरोप

UPI पर होने वाले अधिकांश ट्रांजैक्शन रहेंगे फ्री, किन पर लगेगा टैक्स, सरकार ने दिया बड़ा अपडेट

India-US Relations : H-1B वीजा शुल्क और इमिग्रेशन नीति के अलावा PM मोदी ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस किन मुद्दों पर की चर्चा

Mojtaba Khamenei : मोजतबा खामेनेई की किसी भी पल हो सकती है मौत, इजराइली मीडिया के दावे के बीच सामने आया वीडियो, कैसी है ईरान के सुप्रीम लीडर की हालत

सभी देखें

यूपी में पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति के लिए आवेदन 11 अगस्त से, 21 सितंबर है अंतिम तिथि, योगी सरकार में छात्रों को मिला मजबूत सहारा

शशि थरूर के बयान पर कांग्रेस में बवाल, केसी वेणुगोपाल ने दी नसीहत, भाजपा नेता ने कसा यह तंज

मुख्यमंत्री योगी ने राष्ट्रनायकों के परिजनों का किया सम्मान, शौर्यगाथा की पुस्तकों का भी हुआ विमोचन

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर भारत के खिलाफ अफवाह फैला रहीं देशविरोधी ताकतें : योगी आदित्यनाथ

कांवड़ यात्रा हुई हाईटेक : योगी सरकार में शिवभक्तों को एक क्लिक पर हर सुविधा