0

मुहर्रम 2019 : ताजियों की परंपरा कैसे हुई शुरू, जानिए इसका इतिहास

मंगलवार,सितम्बर 10, 2019
Muharram Tazia
0
1
इमाम हुसैन (रअ) दरअसल इंसानियत के तरफदार और इंसाफ के पैरोकार थे। मोहर्रम माह की दसवीं तारीख जिसे यौमे आशुरा कहा जाता ...
1
2
कर्बला कहां है, क्या है इसकी कहानी- इराक की राजधानी बगदाद से 100 किलोमीटर दूर उत्तर-पूर्व में एक छोटा-सा कस्बा है- ...
2
3
10 सितंबर 2019, मंगलवार को मुहर्रम मनाया जा रहा है। आइए जानें इन 10 बातों से यौमे आशुरा की अहमियत
3
4
पैगंबर मुहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन एवं उनके साथियों की शहादत की याद में मुहर्रम मनाया जाता है।
4
4
5
पैगंबर मुहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन एवं उनके साथियों की शहादत की याद में मुहर्रम मनाया जाता है। वर्ष 2019 में ...
5
6
बकरीद या ईद उल अजहा पर कुर्बानी दी जाती है। यह एक जरिया है जिससे बंदा अल्लाह की रजा हासिल करता है। बेशक अल्लाह को ...
6
7
इस्लामी साल में दो ईदों में से एक है बकरीद। ईद-उल-जुहा और ई-उल-फितर। ईद-उल-फिरत को मीठी ईद भी कहा जाता है। इसे रमजान को ...
7
8
पैगंबर हजरत इब्राहीम ने कुर्बानी का जो उदाहरण दुनिया के सामने रखा था, उसे आज भी परंपरागत रूप से याद किया जाता है।
8
8
9
मुसलमानों का सबसे बड़ा त्योहार कहा जाने वाला ईद-उल-फितर का पर्व न सिर्फ हमारे समाज को जोड़ने का मजबूत सूत्र है, बल्कि ...
9
10
रमजान के पाक महीने में इबादत गुजार बंदे पहली रात से ही अपने माबूद (पूज्य) को मनाने, उसकी इबादत करने मे जुट जाते हैं। इन ...
10
11
रमजान में शबे कद्र कब होगी, लेकिन 26वां रोजा और 27वीं शब को शबे कद्र होने की संभावना जताई जाती है।
11
12
रमजान उल मुबारक का चांद 5 मई को नहीं दिखाई दिया, जिसकी वजह से रमजान का पहला रोजा 7 मई 2019, मंगलवार से रखा जाएगा।
12
13
वह शख्स है के उसके पास कुछ माल है, मगर निसाब से कम है, मगर उसका सवाल करके माँगना नाजाइज़ है।
13
14
रमजान का महीना रहमतों, बरकतों, नेकियों और नियामतों का है। इसकी आमद पर दुनियाभर में मुसलमान खुशी महसूस करते हैं। अरबी ...
14
15
अंक ज्योतिष के अनुसार 786 को परस्पर में जोड़ते है तो 7+8+6=21 होता है। 21 को भी परस्पर जोड़ा जाए तो 2+1=3 अंक हुआ, जो ...
15
16
इस्लाम धर्म में 786 को शुभ अंक माना जाता है। लेकिन यह शुभ अंक केवल इस्लाम नहीं बल्कि हिंदू लोग भी मानते हैं। जिस तरह ...
16
17
पैगम्बरे- इस्लाम हजरत मोहम्मद इंसानियत के तरफदार और परस्पर प्यार के पैरोकार थे, इसलिए आपने मोहब्बत का पैगाम दिया तथा ...
17
18
हजरत मोहम्मद साहब दीन-दुखियों के सच्चे सेवक थे। उनके जन्म के समय अरब में महिलाओं की बड़ी दुर्दशा थी।
18
19
पैगम्बर साहब हजरत मुहम्मद सल्ल. का जन्म मक्का शहर में 571 ईसवी को हुआ था। इसी की याद में ईद मिलादुन्नबी का पर्व मनाया ...
19