रिटायर आउट होने के विकल्प पर बोले अश्विन, 'बहुत देर कर दी हुजूर आते-आते'

Last Updated: बुधवार, 13 अप्रैल 2022 (20:56 IST)
हमें फॉलो करें
मुंबई। के ऑलराउंडर रविचंद्रन अश्विन का मानना ​​है कि रिटायर्ड आउट होना एक सामरिक कदम है, जो उन्होंने हाल ही में में पहली बार उठाया था। उन्होंने कहा कि टीमों ने इस नियम का इस्तेमाल करने में पहले ही बहुत देर कर दी है।

उल्लेखनीय है कि अश्विन लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ पिछले रविवार को 2022 आईपीएल के 20वें मैच में 19वें ओवर में रिटायर्ड आउट हो कर मैदान से बाहर चले गए थे। उन्हें रियान पराग से ऊपर नंबर छह पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया था, लेकिन फिर अश्विन पारी के अंत में 23 रन पर 28 रन बनाने के बाद 19वें ओवर की दो गेंदों के बाद रिटायर्ड आउट हो गए, तब राजस्थान का स्कोर चार विकेट पर 135 रन था।

अश्विन ने बुधवार को अपने यूट्यूब चैनल पर इस बारे में, यह कभी-कभी काम कर सकता है और कभी-कभी नहीं। फुटबॉल में ये चीजें लगातार होती रहती हैं और हमने अभी तक टी-20 क्रिकेट में इसे पूरी तरह से नहीं अपनाया है। यह एक सहस्त्राब्दी का खेल है।

यह अगली पीढ़ी का खेल है। असल में अगर आप फुटबॉल में देखें तो मेस्सी या क्रिस्टियानो रोनाल्डो अक्सर गोल करते हैं, लेकिन उनकी टीम के गोलकीपर को भी गोल बचाना चाहिए और उनके डिफेंडर्स को अच्छा डिफेंड करना चाहिए। तभी कोई मेसी या रोनाल्डो सुर्खियों में होंगे।
अनुभवी ऑलराउंडर ने कहा, एक खेल के तौर पर टी-20 उस ओर बढ़ रहा है, जहां फुटबॉल पहुंच गया है। जैसे कि वे प्रतिस्थापन खिलाड़ी का इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं, मैंने रिटायर्ड आउट होकर कुछ ऐसा ही किया। हमें पहले ही इस नियम का लाभ उठाने में देर हो चुकी है, लेकिन मुझे विश्वास है कि आने वाले दिनों में इसका काफी इस्तेमाल होगा। मुझे नहीं लगता कि यह नॉन-स्ट्राइकर छोर पर किसी को आउट करने जैसी बात होगी।

उल्लेखनीय है कि अश्विन के रिटायर्ड हाेने के बाद बल्लेबाजी करने आए पराग ने चार गेंदों में से एक पर छक्का लगाया था और राजस्थान रॉयल्स अंत में तीन रनों के छोटे अंतर से मैच जीता था।

अश्विन ने बताया कि उन्होंने बल्लेबाजी में पूरी कोशिश की, लेकिन वह आसानी से रन बनाने में सक्षम नहीं थे। उन्होंने कहा, यह सिर्फ एक चतुर कदम था। रियान पराग बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं और जब कृष्णप्पा गौतम का 16वां ओवर खत्म हुआ तो मैंने खुद को पांच से छह गेंदें दीं, यह देखने के लिए कि क्या मैं छक्का या दो चौके लगा सकता हूं।

कुछ गेंदें पाले में आईं और मैंने हिट करने की कोशिश की, लेकिन थोड़ी गलती कर दी। मैंने हर चीज करके देख ली, लेकिन मुझे समय नहीं मिल सका। फिर मैंने सोचा, जब रियान पराग जैसा कोई खिलाड़ी डगआउट में है और केवल दस गेंदें शेष हैं। अगर वह आते हैं और दो छक्के भी लगाते हैं तो हमें अच्छा स्कोर मिल सकता है। यह एक सामरिक निर्णय था।

उल्लेखनीय है कि अश्विन नॉन-स्ट्राइकर बैक अप के रन-आउट होने के सबसे बड़े समर्थकों में से एक हैं और वह आईपीएल के पहले खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 2019 में जोस बटलर को ऐसे आउट किया था।(वार्ता)



और भी पढ़ें :