SRH के गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने इस वीडियो में बताया गति का महत्व
नई दिल्ली::भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने कहा कि अपने शुरुआती वर्षों में उन्हें अपनी गेंदबाजी में गति जोड़ने के महत्व का पता नहीं था लेकिन एक बार ऐसा करने के बाद उन्हें बल्लेबाजों को परेशानी में डालने वाली स्विंग को बरकरार रखने में मदद मिली।
How did @BhuviOfficial add pace to his bowling?
— SunRisers Hyderabad (@SunRisers) May 28, 2021
Hear it from the man himself #OrangeArmy #OrangeOrNothing pic.twitter.com/O62WKhgoz3
भुवनेश्वर ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की अपनी टीम सनराइजर्स हैदराबाद के ट्विटर हैंडल पर जारी किये गये वीडियो में कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो पहले कुछ वर्षों में मुझे ऐसा अहसास नहीं था कि गति में भी कुछ जोड़ना जरूरी है।' उन्होंने कहा, 'मैंने खेलना जारी रखा और तब मुझे अहसास हुआ कि स्विंग के साथ मुझे अपनी गति में भी सुधार करने की आवश्यकता है क्योंकि 130 किमी प्रति घंटे या उससे कम की रफ्तार से गेंदबाजी करने से बल्लेबाज स्विंग से तालमेल बिठा दे रहे थे। इसलिए मैं गति बढ़ाना चाहता था लेकिन नहीं जानता था कि ऐसा कैसे करना है।' इस 31 वर्षीय गेंदबाज ने अब तक 21 टेस्ट मैचों में 63 विकेट, 117 वनडे में 138 विकेट और 48 टी20 अंतरराष्ट्रीय में 45 विकेट लिये हैं।
उन्होंने कहा, 'सौभाग्य से मैं अपनी गति में सुधार करने में सफल रहा और इससे वास्तव में मुझे काफी मदद मिली। इसलिए यदि आप 140 किमी से अधिक रफ्तार से नहीं लेकिन 135 किमी के आसपास की रफ्तार से भी गेंदबाजी करते हो तो इससे स्विंग बरकरार रखने और बल्लेबाज को परेशानी में डालने में मदद मिलती है। ' भुवनेश्वर चोटों से जूझते रहे हैं और उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप और इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला के लिये टीम में नहीं चुना गया है।
इंग्लैंड दौरे पर नहीं हुआ था चयन तो अफवाहों को किया था शांत
हाल ही में इंग्लैंड दौरे के लिए चुनी गयी भारतीय टीम में भुवनेश्वर कुमार को जगह नहीं मिलने पर सवाल उठने के बाद एक मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया था कि भुवनेश्वर अब टेस्ट क्रिकेट में नहीं खेलना चाहते है।
मीडिया रिपोर्ट्स का सार यह था कि आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ अवार्ड जीत चुके भुवनेश्वर कुमार अब वनडे और टी-20 क्रिकेट पर ही अपना ध्यान बनाए रखना चाहते हैं।
There have been articles about me not wanting to play Test cricket. Just to clarify, I have always prepared myself for all three formats irrespective of the team selection and will continue to do the same.
— Bhuvneshwar Kumar (@BhuviOfficial) May 15, 2021
Suggestion - please dont write your assumptions based on “sources”!
इसका खंडन करते हुए भुवनेश्वर ने ट्विटर पर लिखा था, मेरे बारे में कुछ लेख छपे हैं कि मैं टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलना चाहता। मैं ये साफ कर दूं कि टीम में चयन हो या नहीं मैं खुद को हमेशा क्रिकेट के तीनों प्रारूपों के लिए तैयार रखता हूं और यह आगे भी जारी रहेगा।
भारतीय गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के पिता किरण पाल का इस ही महीने निधन हो गया। वह 63 वर्ष के थे और लम्बे समय से बीमार चल रहे थे।(भाषा)
