अमेरिका के शेलरेट में अश्वेत की मौत के बाद बवाल

शेलरेट| पुनः संशोधित गुरुवार, 22 सितम्बर 2016 (12:45 IST)
शेलरेट। अमेरिका के शेलरेट में एक अश्वेत व्यक्ति के पुलिस अधिकारी की गोली का शिकार होने के बाद इलाके में हिंसक प्रदर्शन हुए जिसके बाद पुलिस लोगों के गुस्से को शांत करने में जुटी थी। 
 
बहरहाल, व्यक्ति के शोक में शाम के दौरान आयोजित प्रार्थना ने जल्द मार्च का रूप ले लिया और इसी प्रदर्शन के दौरान गोली लगने से एक प्रदर्शनकारी घायल हो गया जिसके बाद प्रदर्शनों की दूसरी रात को गवर्नर ने शहर में आपात स्थिति की घोषणा कर दी।
 
शेलरेट के अधिकारियों ने ट्विटर पर घोषणा की कि व्यक्ति पुलिस की गोली लगने से घायल नहीं हुआ। शहर के अधिकारियों ने वास्तव में यह घोषणा की थी कि व्यक्ति की मौत हो गई है लेकिन बाद में उन्होंने अपने बयान से पलटते हुए कहा था कि व्यक्ति जीवित है और उसे जीवनरक्षक प्रणाली पर रखा गया है।
 
शेलरेट में दूसरी रात भी हुए हिंसक प्रदर्शनों ने शहर को अमेरिका के उन शहरों में शुमार कर दिया है, जहां किसी अश्वेत व्यक्ति की मौत के बाद हिंसा भड़क उठी थी।
 
अधिकारियों ने मंगलवार को हुई गोलीबारी का कोई भी वीडियो फुटेज जारी करने से इंकार कर दिया जिसमें गोली लगने से 43 वर्षीय कीथ लैमोंट स्कॉट नामक अश्वेत व्यक्ति की मौत हो गई थी। बहरहाल, घटना के बाद 2 अलग-अलग विरोधाभासी बयानों के चलते हिंसा भड़क उठी। 
 
पुलिस का कहना था कि स्कॉट ने पुलिस के बार-बार कहने के बावजूद अपनी बंदूक नीचे नहीं रखी थी जबकि स्कॉट के पड़ोसियों का कहना था कि उसके हाथ में किताब थी न कि कोई हथियार और वह वहां अपने बेटे को लेने के लिए स्कूल बस का इंतजार कर रहा था।
 
घटना के बाद शहर में नस्ली तनाव पैदा हो गया। गवर्नर पैट मैकक्रोरी ने बुधवार देर रात यह घोषणा की कि उन्होंने शेलरेट पुलिस प्रमुख के शहर में आपात स्थिति लागू करने का अनुरोध स्वीकार लिया है और शहर में कानून व्यवस्था बहाल करने के लिए नेशनल गार्ड और सैनिकों को बुलाया है।
 
बहरहाल, चिकित्साकर्मी ने बताया कि प्रदर्शन में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति के साथ 2 अन्य लोगों और 6 पुलिस अधिकारियों को भी मामूली चोटें आई हैं। शहर के केंद्र में आयोजित बुधवार की प्रार्थना शांतिपूर्ण थी लेकिन कुछ गुस्साए समूह ने इसे छोड़कर शेलरेट के केंद्र से होते हुए मार्च निकाला।
 
उन्होंने 'अश्वेत की जिंदगी मायने रखती है' और 'हाथ ऊपर उठाओ, गोली मत मारो' के नारे लगाए। जैसे ही ये प्रदर्शनकारी ओमनी होटल के पास पहुंचे, अधिकारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की और मार्च में शामिल कुछ लोगों ने पुलिस पर बोतलें फेंकी और पथराव किया। इसके तुरंत बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर ग्रेनेड दागे और प्रदर्शनकारियों ने गोलियां चलाईं। इसके बाद पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। (भाषा)
 



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