नेपाल की राष्ट्रपति के काफिले पर हमला

काठमांडू| Last Updated: बुधवार, 16 दिसंबर 2015 (21:08 IST)
काठमांडू। नेपाल की प्रथम महिला राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी बुधवार को उस वक्त बाल-बाल बच गईं, जब जनकपुर के प्रसिद्ध जानकी मंदिर के दर्शन के दौरान उनके काफिले पर भारतीय मूल के मधेसियों ने पत्थरों से हमला किया और एक पेट्रोल बम फेंका।
 
राजधानी काठमांडू से करीब 225 किलोमीटर दूर जनकपुर में इस प्रसिद्ध मंदिर के पास प्रदर्शन कर रही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने आंसू गैस के गोले छोड़े। साथ ही सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प में करीब 20 प्रदर्शनकारी घायल हो गए।
 
विवाह पंचमी उत्सव के दौरान प्रार्थना के लिए एक हेलीकॉप्टर से 54 वर्षीय भंडारी के आने पर काफी तनाव छाया हुआ था जिसके चलते अधिकारियों ने इलाके में सुरक्षा सख्त कर दी थी।
 
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, राष्ट्रपति के रूप में उनकी यात्रा के विरोध में प्रदर्शन करते हुए सैकड़ों की संख्या में लोग जनकपुर की सड़कों पर उतर आए और उनमें से कई काले झंडे लिए हुए थे।
 
यूनाइटेड डेमोक्रेटिक मधेसी फ्रंट से संबद्ध प्रदर्शनकारियों की उनकी यात्रा के दौरान जनकपुर में कई स्थानों पर पुलिस के साथ झड़प हुई। घायलों का कई स्वास्थ्य संस्थाओं में इलाज चल रहा है।
 
भंडारी की यात्रा का आंदोलनरत मधेसी विरोध कर रहे थे क्योंकि वह सत्तारुढ़ सीपीएन-यूएमएल पार्टी का प्रतिनिधित्व करती हैं। वे लोग नए संविधान के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।
 
काठमांडू पोस्ट की खबर के मुताबिक उनके रवाना होने के ठीक बाद मंदिर परिसर में एक पेट्रोल बम फेंका गया, जिससे मंच और मंडप में आग लग गई।
 
खबर के मुताबिक, राष्ट्रपति मंदिर में करीब 10 मिनट रूकीं और प्रदर्शनकारियों ने सभी दिशाओं से पथराव किया। यहां तक कि उन्होंने भंडारी के वाहन और उन्हें बचाकर ले जा रहे काफिले में शामिल कुछ वाहनों पर भी पथराव किया।
 
नेपाल में नियुक्त भारतीय राजदूत रंजीत राय ने अपनी यात्रा रद्द कर दी है। उनकी भी योजना मंदिर जाने की थी। मधेस आधारित पार्टियों ने भंडारी (सीपीएन-यूएमएल की उपाध्यक्ष) की यात्रा के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। (भाषा)




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