Russia-Ukraine War : रूस ने यूक्रेन पर तेज किया हमला, पश्चिमी हथियारों की आपूर्ति को बना रहा निशाना

पुनः संशोधित गुरुवार, 5 मई 2022 (00:30 IST)
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ल्वीव (यूक्रेन)। रूसी सेना ने के पश्चिमी हिस्से में विदेशी हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला को लक्षित करते हुए हमले किए वहीं पूर्वी हिस्से में भी अपने आक्रमणों को तेज कर दिया है। इस बीच यूरोपीय संघ ने युद्ध के लिए को दंडित करने के उद्देश्य से तेल आयात पर प्रतिबंध का प्रस्ताव रखा है।
रूसी सेना ने बुधवार को कहा कि उसने यूक्रेन में पांच रेलवे स्टेशनों पर बिजली सुविधाओं को नष्ट करने के लिए समुद्र और हवा से प्रक्षेपित मिसाइलों का इस्तेमाल किया, जबकि तोपखाने और विमानों ने भी सैन्य अड्डों व ईंधन तथा गोला-बारूद डिपो पर हमला किया।

रूसी सेना ने मारियुपोल में एक इस्पात संयंत्र की घेराबंदी कर रखी है जहां से सप्ताहांत में कई नागरिकों को निकाला गया था। एक रूसी अधिकारी ने इस बात से इनकार किया कि वे संयंत्र पर हमला कर रहे हैं। यूक्रेनी सैनिकों की तरफ से दावा किया गया था कि रूस संयंत्र पर धावा बोल रहे हैं। इस बीच, यूक्रेन के अधिकारियों ने कहा कि पूर्वी डोनबास क्षेत्र में हुए हमलों में 21 नागरिक मारे गए।

बीते दिन हमलों में तेजी रूस द्वारा नौ मई को ‘विजय दिवस’ की तैयारियों के बीच आई है। नाजी जर्मनी पर सोवियत संघ की जीत को ‘विजय दिवस’ के तौर पर मनाया जाता है। इस साल दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस अवसर का उपयोग सीमित जीत की घोषणा करने के लिए करेंगे या व्यापक युद्ध के लिए विशेष सैन्य अभियान का विस्तार करेंगे।

पूर्ण युद्ध की घोषणा करने पर पुतिन ‘मार्शल लॉ’ लागू कर सकेंगे और वे आरक्षित सैनिकों को भी युद्ध में शामिल कर सकेंगे। पश्चिमी देशों के अधिकारी यूक्रेन के साथ जंग में बड़ी संख्या में रूसी सैनिकों के हताहत होने की बात कहते रहे हैं। क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने बुधवार को इन अटकलों को असत्य और मूर्खतापूर्ण करार दिया।

यूक्रेन में नए हमलों के बीच रूस के सहयोगी बेलारूस ने सैन्य अभ्यास की घोषणा की है। मिंस्क में रक्षा मंत्रालय ने कहा कि बुधवार को शुरू हुआ सैन्य अभ्यास किसी पड़ोसी को धमकाने के लिए नहीं है लेकिन यूक्रेन के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि बेलारूस युद्ध में शामिल होता है तो देश कार्रवाई के लिए तैयार रहेगा।

रूस जहां यूक्रेन के व्यापक हिस्सों पर हमले कर रहा है वहीं उनमें से कई हमले पोलैंड की सीमा के निकट स्थित पश्चिमी शहर ल्वीव पर केंद्रित हैं जो ‘नाटो’ की तरफ से आपूर्ति किए जा रहे हथियारों को देश में लाने का अहम मार्ग है।

अब तक केवल छिटपुट हमलों का सामना कर रहे शहर में मंगलवार देर रात धमाकों की आवाजें सुनी गईं। यह अन्य जगह छिड़ी जंग के बीच बचकर निकले लोगों के लिए एक आश्रय स्थल बन गया था। महापौर ने कहा कि हमलों से तीन बिजली उपकेंद्र क्षतिग्रस्त हो गए, शहर के कुछ हिस्सों में बिजली ठप हो गई और पानी की आपूर्ति बाधित हो गई। दो लोग घायल हो गए।

रूसी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल इगोर कोनाशेनकोव ने कहा कि रेल बुनियादी ढांचे पर हमले पश्चिमी हथियारों की आपूर्ति बाधित करने के लिए थे, जबकि रूसी रक्षामंत्री सर्गेई शोइगु ने शीर्ष सैन्य अधिकारियों से कहा कि पश्चिमी देश यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति कर रहे हैं।

यूक्रेन में पश्चिमी हथियार आने से उसकी सेना को रूस के शुरुआती आक्रमण को कुंद करने में मदद मिली और तय है कि डोनबास के लिए होने वाली लड़ाई में भी यह केंद्रीय भूमिका निभाएंगे। मॉस्को अब कह रहा है कि युद्ध के शुरुआती हफ्तों में कीव पर कब्जे में उसकी विफलता के बाद उसका ध्यान डोनबास पर है।

यूक्रेन ने संभावित निर्णायक लड़ाई से पहले पश्चिम से हथियारों की आपूर्ति बढ़ाने का आग्रह किया है। पहले यूक्रेन की मदद करने में सुस्त दिख रहे जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार यूक्रेन को विभिन्न हथियारों की आपूर्ति करने पर विचार कर रही है।

डोनबास क्षेत्र में आने वाले पूर्वी डोनेत्स्क क्षेत्र के गवर्नर ने कहा कि रूसी हमलों में मंगलवार को 21 लोग मारे गए। इससे पहले आठ अप्रैल को क्रामटोर्स्क में रेलवे स्टेशन पर मिसाइल हमले में कम से कम 59 लोग मारे गए थे।(भाषा)



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