कुलभूषण मामले पर झुका पाकिस्तान, सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील का अधिकार मिला

Last Updated: शुक्रवार, 11 जून 2021 (10:40 IST)
पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार विधानसभा ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय अध्यादेश, 2020 को मंजूरी दे दी है। यह को देश के उच्च न्यायालयों में अपनी सजा के खिलाफ करने की अनुमति देगा। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने गुरुवार, 4 जून को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के फैसले के संबंध में पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को अपील का देने के लिए एक विधेयक को पास कर दिया है।
जानकारी के लिए बता दें कि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने अपने फैसले में असेंबली को प्रभावी समीक्षा और दोबारा सोचने का निर्देश दिया था। कुलभूषण साल 2016 से पाकिस्तान की जेल में बंद हैं। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ने कुलभूषण जाधव को इरान से अगवा किया था।

जाधव के पाकिस्तान जेल में बंद होने के बाद से भारतीय सरकार यह कहती आई है कि कुलभूषण पूर्व नेवी अफसर थे। ईरान वो एक बिजनेस डील के लिए गए थे और यहीं उनका अपहरण हुआ था और उन्हें पाकिस्तान आर्मी के हाथों में सौंप दिया गया था।

पिछले साल पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि कुलभूषण जाधव को एक और कांसुलर एक्सेस के लिए इस्लामाबाद की पेशकश को लेकर भारत इसलिए अनिच्छुक है, क्योंकि वह इस मामले को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में ले जाना चाहता है।

उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान दुश्मन की चाल को समझता है। भारत आईसीजे में गया, लेकिन असफल रहा जबकि पाकिस्तान ने आईसीजे के फैसले का अनुपालन किया।

उन्होंने कहा कि भारत, पाकिस्तान को वापस आईसीजे में घसीटना चाहता है। पाकिस्तान इस तरह के प्रयास में भारत को सफल नहीं होने देने के उपाय करेगा। गौरतलब है कि भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव को पकिस्तान के एक सैन्य अदालत ने जासूसी और आतंकवाद के आरोपों पर अप्रैल 2017 में मौत की सजा सुनाई थी।



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