Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे झुका पाकिस्तान, बहावलपुर में जैश के हेडक्वार्टर को कब्जे में लिया

शुक्रवार, 22 फ़रवरी 2019 (22:21 IST)
लाहौर। जम्मू-कश्मीर में पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान पर पड़े चौतरफा जबरदस्त अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे झुकते हुए उसने शुक्रवार को बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद के हेडक्वार्टर, एक मदरसे और मस्जिद का नियंत्रण अपने कब्जे में ले लिया।

पाकिस्तान सरकार ने अपनी सरजमीं से संचालित होने वाले आतंकी संगठनों पर इसलिए नकेल कसी है, क्योंकि वह दुनिया से बिलकुल अलग-थलग पड़ गया है।
 
आतंकी जैश-ए-मोहम्मद संगठन (जेईएम) ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी ली है जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए हैं।

दरअसल, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने एक दिन पहले बयान जारी कर पुलवामा हमले को जघन्य और कायराना बताया तथा इस हमले की कड़ी निंदा की। साथ ही जोर देकर कहा कि इस तरह की हरकतों को अंजाम देने वालों और धन मुहैया करने वालों को न्याय के दायरे में लाया जाए।
 
पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने बताया कि पंजाब सरकार ने बहावलपुर स्थित जेईएम मुख्यालयों को अपने नियंत्रण में ले लिया है। मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने बहावलपुर में 2 परिसरों को अपने नियंत्रण में लिया है और उसके कामकाज को देखने के लिए अपना एक प्रशासक नियुक्त किया है। बहावलपुर लाहौर से 400 किमी दूर है।
गृह मंत्रालय के एक बयान में यह कहा गया है कि जैश पर कार्रवाई गुरुवार को प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय सुरक्षा कमेटी की बैठक में लिए गए फैसले की तर्ज पर की गई। बयान में कहा गया है कि दोनों परिसरों में फिलहाल 70 शिक्षक और 600 छात्र हैं।

जैश-ए-मोहम्मद का हेडक्वार्टर : बहावलपुर पाकिस्तान का 12वां सबसे अधिक जनसंख्या वाला शहर है और यहीं पर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हेडक्वार्टर है। यह 16 एकड़ में फैला हुआ है। यहां पर मेडिकल सुविधा के साथ क्लास रूम भी है, जहां आतंक की तालीम दी जाती है।

जिस जगह जैश का हेडक्वार्टर है, उसके समीप ही नेशनल हाईवे भी है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के इस्लामाबाद से 600 किलोमीटर दूर जैश के आतंकी उनकी नाक के नीचे तैयार होते हैं।
उल्लेखनीय है कि गुरुवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के संगठन जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत पर प्रतिबंध लगाया था।

असल में लश्कर-ए-तैयबा का ही दूसरा रूप जमात-उद-दावा है। जमात-उद-दावा के नेटवर्क में 300 से ज्यादा मदरसे हैं। इसका सरगना दुनिया का मोस्ट वांटेड आतंकी हाफिज सईद है। फलाह-ए-इंसानियत नाम के संगठन के जरिए फंड इकट्ठा करने का है जिसका उपयोग आतंकी गतिविधियों को संचालित करने में होता है। (भाषा)

Show comments

धीरेन्द्र शास्त्री चोर है! बागेश्वर बाबा पर क्यों भड़के भाजपा के पूर्व सांसद विनय कटियार?

60 दिनों में खाते में आएगा पैसा, EV खरीदने वालों के लिए बड़ी राहत, दिल्ली के परिवहन मंत्री ने बताई योजना

E20 पेट्रोल और एथेनॉल मिश्रण पर फिर छिड़ी बहस, मनीष कश्यप का वीडियो क्यों हो रहा है वायरल

RailOne App का बड़ा कमाल, AI बताएगा वेटिंग टिकट कन्फर्म होगी या नहीं

2026 के 7 बेस्ट इलेक्ट्रिक स्कूटर, लंबी रेंज, दमदार फीचर्स और शानदार परफॉर्मेंस, खरीदने से पहले देखें पूरी List

सभी देखें

E20 पेट्रोल से माइलेज घटेगा या नहीं, क्या सच में आएंगी चींटियां और बीमा पर पड़ेगा असर? हरदीप सिंह पुरी ने बताई सचाई

आगरा में सनसनीखेज वारदात, पति की हत्या के बाद पत्नी ने बाथरूम में दफनाया शव, जांच में हुआ बड़ा खुलासा

एक पेड़ मां के नाम 3.0' अभियान शुरू, जुलाई में स्कूलों में होगा महा पौधरोपण, हर छात्र बनेगा एक पौधे का संरक्षक

UP के शिक्षकों को बड़ी सौगात, 8 जुलाई से शुरू होगी कैशलेस चिकित्सा योजना, परिवार को भी मिलेगा मुफ्त इलाज का लाभ

'यूपी की नौकरशाही पॉलिसी पैरालिसिस की शिकार नहीं': CM योगी का बड़ा बयान, 464 करोड़ की प्रशासनिक अकादमी का किया लोकार्पण

अगला लेख