तानाशाह किम ने दुनिया को फिर दिखाई ताकत, नॉर्थ कोरिया ने किया 1500 किलोमीटर की रेंज वाली मिसाइलों का परीक्षण

Last Updated: सोमवार, 13 सितम्बर 2021 (11:03 IST)
तीन दिन पहले नॉर्थ कोरिया ने अपना 73वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर तानाशाह किम जोंग ने नहीं किया था तो सभी को हैरानी हुई थी। अब एक बार फिर किम जोंग ने अपने दुश्मनों को ताकत दिखाने के लिए नई चाल चली है। नॉर्थ कोरिया ने अब लॉन्ग रेंज मिसाइलों का किया है।


नॉर्थ कोरिया की सेंट्रल एजेंसी ने परीक्षण की तस्वीरें भी जारी की हैं। वर्कर्स डेली अखबार ने मिसाइल परीक्षण का विवरण देने वाले एक लेख के साथ दो तस्वीरें छापी हैं।

इसमें एक मिसाइल को लॉन्च और आकाश में उड़ते हुए दिखाया गया है। परीक्षणों के दौरान मिसाइलों ने अपने लक्ष्य को भेदने से पहले 7,580 सेकंड में 1500 किलोमीटर (930 मील) की दूरी तय की। नॉर्थ कोरिया में लोग भुखमरी झेल रहे हैं और सनकी तानाशाह हथियारों के जखीरे को बढ़ाने में लगा हुआ है।
उत्तर कोरिया ने कहा है कि उसने नई विकसित लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल का सप्ताह के अंत में सफल परीक्षण किया है। बीते कई महीनों में उत्तर कोरियाई मिसाइल परीक्षण की यह पहली ज्ञात गतिविधि है जो रेखांकित करती है कि किस तरह अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता में गतिरोध के बीच उत्तर कोरिया सैन्य क्षमताओं का विस्तार कर रहा है।
कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने सोमवार को कहा कि क्रूज मिसाइल विकसित करने का काम बीते दो साल से चल रहा था और शनिवार तथा रविवार को परीक्षण के दौरान उसने 1,500 किलोमीटर दूर स्थित लक्ष्य पर मार करने की क्षमता का प्रदर्शन किया है। उत्तर कोरिया ने नई मिसाइलों को ‘‘बेहद महत्वपूर्ण सामरिक हथियार’’ बताया जो सेना को मजबूत करने के देश के नेता किम जोंग उन के आह्वान के अनुरूप है। उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने मिसाइल परीक्षण की तस्वीरें जारी कीं।
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने कहा कि सेना अमेरिका तथा दक्षिण कोरिया की खुफिया सेवा के जरिए उत्तर कोरिया के परीक्षणों का विश्लेषण कर रहा है। अमेरिकी हिंद प्रशांत कमान ने कहा कि वह सहयोगियों के साथ मिलकर हालात पर नजर रख रही है और उत्तर कोरिया की गतिविधियां बताती हैं कि उसका ध्यान निरंतर ‘सैन्य कार्यक्रम को विकसित करने और पड़ोसियों तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए खतरे उत्पन्न करने पर है।’’
केसीएनए ने कहा कि मिसाइलों ने अपने निशानों पर मार करने से पहले उत्तर कोरिया की भूमि और जल क्षेत्र के ऊपर 126 मिनट तक उड़ान भरी। इसमें बताया गया कि किम के शीर्ष सैन्य अधिकारी पाक जॉग चोन ने परीक्षण का अवलोकन किया और देश के रक्षा वैज्ञानिकों से कहा कि वे उत्तर कोरिया की क्षमताओं में वृद्धि के लिए सभी प्रयास करें।

ऐसा लगता है कि किम मिसाइल परीक्षण देखने के लिए नहीं पहुंचे थे। अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच वार्ता में 2019 से गतिरोध बना हुआ है, जब अमेरिका ने पाबंदियों में बड़ी राहत देने का उत्तर कोरिया का अनुरोध ठुकरा दिया था। अब किम की सरकार बाइडन प्रशासन के वार्ता के अनुरोध को ठुकरा रही है, उसका कहना है कि पहले वाशिंगटन अपनी ‘शत्रुतापूर्ण’ नीतियों को छोड़े।



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