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सौरमंडल से काफी दूर धूमकेतु बना रहे हैं नए ग्रह

Updated: सोमवार, 23 अक्टूबर 2017 (22:04 IST)
वॉशिंगटन। वैज्ञानिकों ने नासा की दूरबीन का इस्तेमाल करते हुए सूर्य और प्लूटो के बीच की दूरी से कम से कम तीन गुना दूर धूमकेतुओं के एकजुट होकर नया ग्रह बनाने का पता लगाया है। दरअसल, वैज्ञानिकों ने धूमकेतुओं के घने छल्लों को देखा है।
 
अमेरिका स्थित जॉन होपकिंस यूनिवर्सिटी एप्लाइड फिजिक्स लैबोरेटरी में ग्रहीय वैज्ञानिक केरी लिजे के मुताबिक धूमकेतुओं के छल्ले से निकलने वाले प्रकाश का अनुमान लगाए जाने पर यह जाहिर हुआ है कि इनमें से हर एक पृथ्वी के आकार के कुछ ग्रहों का विकास कर रहा है। 
 
पिछले कुछ दशकों में हवाई के इंफ्रारेड टेलीस्कोप फैसिलिटी और स्पित्जर स्पेस टेलीस्कोप जैसी नासा की शक्तिशाली वेधशालाओं का इस्तेमाल करते हुए वैज्ञानिकों ने धूमकेतु जैसे कई नए डिस्क सिस्टम पाए।
 
हालांकि, लिजे ने बताया कि इन छल्लों का एक दूसरे के करीब आना अब भी एक पहेली है। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए कि आप आमतौर पर एक नई प्रणाली में धूमकेतुओं के इस तरह से एक दूसरे के करीब आने को नहीं देखते हैं। (भाषा) 

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