sundarkand

नासा अगले साल सूर्य पर भेज सकता है रोबोटिक अंतरिक्ष यान

Updated: सोमवार, 27 फ़रवरी 2017 (17:04 IST)
वॉशिंगटन। नासा अगले साल सूर्य पर अपना पहला रोबोटिक अंतरिक्ष यान भेजने की योजना बना रहा है। सूर्य के वातावरण की जांच करने के लिए इस अंतरिक्ष यान को इसमें 60 लाख किलोमीटर तक भेजे जाने की योजना है।


 
इंसान चांद, मंगल और यहां तक कि सुदूर अंतरिक्ष में भी अंतरिक्ष यान भेज चुका है। अब नासा की योजना सूर्य पर सोलर प्रोब प्लस मिशन भेजने की है। सूर्य पृथ्वी से लगभग 14.90 करोड़ किलोमीटर की दूरी पर है।
 
गोड्डार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर में नासा के अनुसंधान वैज्ञानिक एरिक क्रिश्चियन ने कहा कि यह सूर्य के लिए भेजा जाने वाला हमारा पहला मिशन होगा। क्रिश्चियन ने कहा कि हम सूर्य की सतह पर नहीं पहुंच सकते लेकिन यह मिशन उसके इतना करीब तो पहुंच ही जाएगा कि 3 अहम सवालों के जवाब दे सके। यह मिशन संभवत: इस बात का जवाब दे पाएगा कि सूर्य की सतह उसके वातावरण जितनी गर्म क्यों नहीं है?
 
नासा के अनुसार सूर्य की सतह का ताप महज 5,500 डिग्री सेल्सियस है जबकि उसके वातावरण का ताप 20 लाख डिग्री सेल्सियस है। ‘लाइव साइंस’ की रिपोर्ट के अनुसार वैज्ञानिक यह भी जानना चाहते हैं कि सौर हवाओं को उनकी गति कैसे मिलती है। इस मिशन से यह भी पता चल सकता है कि सूर्य कई बार इतनी अधिक ऊर्जा के कण क्यों उत्सर्जित करता है, जो असुरक्षित अंतरिक्ष यात्रियों एवं अंतरिक्ष यानों के लिए खतरा पैदा करते हैं। (भाषा)
Show comments

Avadh Ojha : 30-40 करोड़ लोगों को निपटा दूंगा, भगवान मुझे कभी सत्ता में मत लाना, अब सत्ता की कुर्सी से क्यों डर रहे हैं अवध ओझा

रेल यात्रियों को क्या फायदा होगा, 7 हाई-डेंसिटी रेल नेटवर्क को फोर-लेन करने की मिली मंजूरी

1.43 लाख का iPhone 14 Pro ऑर्डर किया, बॉक्स में निकला नकली चीनी फोन, अब कंपनी देगी करीब ₹1.7 लाख

ब्रिटेन में क्यों फंसे हैं विजय माल्या? भगोड़े कारोबारी ने किया बड़ा दावा

मजिस्ट्रेट की इतनी हिम्मत..? छात्र को नोटिस भेजने पर भड़के CJI, ग्रेटर नोएडा प्रशासन को लगाई कड़ी फटकार

सभी देखें

सीएमा क्रिकेट प्रीमियर लीग 3.0 में 15-16 सितंबर को 12 टीमें दिखाएंगी दम

iphone duo price in india : Apple के पहले फोल्डेबल iPhone की 10 बड़ी खूबियां, ₹2.99 लाख में क्या भारतीय इसे खरीदेंगे?

इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर राहुल गांधी ने मांगी छात्रों से राय, कहा एजुकेशन सिस्टम में उम्मीद खो चुके स्टूडेंट

7 साल बाद भारत आ रहे हैं शी जिनपिंग; ब्रिक्स सम्मेलन में लेंगे हिस्सा, पीएम मोदी से भी हो सकती है मुलाकात

मानसून की वापसी पर ब्रेक! बंगाल की खाड़ी में एक्टिव हुआ नया सिस्टम, यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

अगला लेख