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Mon, 3 Aug 2026

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नरेन्द्र मोदी का पाकिस्तान पर परोक्ष प्रहार

ब्रिक्स देशों की बैठक में भारतीय प्रधानमंत्री का आतंकवाद के खिलाफ दुनिया का आह्वान

Narendra Modi
हैम्बर्ग। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पाकिस्तान पर परोक्ष प्रहार करते हुए सभी देशों से आतंकवाद, आतंकवादियों के सुरक्षित पनाहगाहों तथा उनके प्रायोजकों के विरुद्ध एकजुट होकर सशक्त कार्रवाई का करने का आह्वान किया है।
  
मोदी ने यहां प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों के समूह-जी 20 देशों के शिखर सम्मेलन से पूर्व ब्रिक्स देशों-ब्राजील, रूस, भारत, चीन तथा दक्षिण कोरिया की अनौपचारिक बैठक में दुनिया भर में आतंकवाद के बढ़ते खतरों का जिक्र करते हुए कहा कि आतंकवाद का पश्चिम एशिया में प्रसार, आतंकवाद से एशियाई और यूरोपीय समाजों को खतरे तथा अफगानिस्तान में इसका बढ़ता प्रकोप एक गंभीर संकट है। उन्होंने ब्रिक्स और जी-20 के सदस्य देशों से आतंकवाद, आतंकवादियों के वित्तीय स्रोतों, उनके सुरक्षित पनाहगाहों तथा उसके प्रायोजकों के विरुद्ध एकजुट होकर दृढ़ता से सशक्त कार्रवाई करने का आह्वान किया।
 
उन्होंने कहा कि अतंरराष्ट्रीय राजनीति में तेजी से हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण पूरी दुनिया में सुरक्षा की स्थितियां चितांजनक हो चुकी हैं। खाड़ी तथा पश्चिम एशिया में और उत्तर कोरिया को लेकर पूर्वी एशिया में बढ़ता भूराजनीतिक तनाव चिंता का विषय है।
 
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन विषम हालात के बावजूद सौभाग्यवश वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में काफी सुधार हो रहा है। भारतीय अर्थव्यवस्था भी तेजी से आगे बढ़ रही है। इस साल देश की आर्थिक विकास दर 7 फीसदी से अधिक रहने की संभावना है। भारत का आर्थिक सुधारों का एजेंडा लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इस संदर्भ में पिछले सप्ताह से लागू हुए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का जिक्र करते हुए कहा कि यह देश का पिछले 70 साल के इतिहास का सबसे बड़ा कर सुधार है। इससे कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और जीडीपी का विस्तार होगा तथा देश की एक अरब 30 करोड़ आबादी को एकीकृत बाजार मिलेगा।
   
मोदी ने दुनिया में स्थिरता, प्रगति तथा सुशासन के लिए ब्रिक्स को एक सशक्त आवाज बताते हुए कहा कि इस समूह के सदस्य देशों के फैसले पूरी दुनिया को प्रभावित करने का माद्दा रखते हैं। ऐसे में ब्रिक्स देशों को वैश्विक आर्थिक प्रगति को बनाए रखने के लिए एक साथ काम करना बहुत जरूरी है। उन्होंने इसके साथ ही कौशल युक्त पेशेवरों की मुक्त आवाजाही की वकालत करते हुए इसके रास्ते में रोड़ा बन रहे संरक्षणवाद के विरुद्ध मिलकर आवाज उठाने पर जोर दिया। 
 
प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के विरुद्ध संघर्ष के साथ ही जलवायु परिवर्तन जैसे ज्वलंत मुद्दों पर भी ब्रिक्स के नेतृत्व की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि जहां तक पेरिस जलवायु संधि का सवाल है, भारत इसके पालन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस अवसर पर ब्रिक्स रेटिंग एजेंसी के गठन पर भी जोर दिया।
 
मोदी ने अपने वक्तव्य की शुरुआत में ही कहा कि सर्वप्रथम राष्ट्रपति शी जिनपिंग के स्वागत भरे शब्दों तथा इस बैठक की मेज़बानी करने के लिए धन्यवाद। मोदी ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अध्यक्षता में ब्रिक्स की गतिशीलता तथा सकारात्मक प्रगति ने हमारे आपसी सहयोग को और भी गहरा किया है। जी20 शिखर सम्मेलन के लिए जर्मनी पहुंचे मोदी ने विश्व के अन्य शीर्ष नेताओं से भी मुलाकात की। 
चीनी राष्ट्रपति ने भी अपने वक्तव्य में आतंकवाद के विरुद्ध भारत के दृढ़ संकल्प और उसके अध्यक्षीय काल में संगठन की गतिशीलता की सराहना की। उन्होंने गत वर्ष गोवा में ब्रिक्स शिखर बैठक के निष्कर्षों का भी उल्लेख किया। चीनी राष्ट्रपति ने आर्थिक एवं सामाजिक विकास में भारत की सफलता की सराहना की तथा भविष्य में और प्रगति की कामना की।
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