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क्या रूस में मोजतबा खामेनेई प्लास्टिक सर्जरी करवा रहे है, अयातुल्ला की अंतिम विदाई से रहस्यमयी अनुपस्थिति से उठे सवाल?
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई का कार्यक्रम तय हो चुका है। छह दिनों तक चलने वाले इस राजकीय शोक समारोह में दुनिया के अनेक देशों के शीर्ष प्रतिनिधियों और लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार समारोह में भारी अंतरराष्ट्रीय भागीदारी होगी और तेहरान में करोड़ों लोगों के जुटने का अनुमान लगाया जा रहा है। ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई पिछले कई महीनों से सार्वजनिक जीवन से लगभग गायब है। वे अपने पिता और पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई में भी शामिल नहीं है।
ईरान में धर्मगुरु की याद में ऐतिहासिक आयोजन में उत्तराधिकारी की अनुपस्थिति असामान्य है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि सर्वोच्च नेता की सुरक्षा सर्वोपरि है। लेकिन इस असामान्य अनुपस्थिति को केवल सुरक्षा कारण मान लेना भी ठीक नहीं है। मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य,गुप्त उपचार और विदेश में मौजूदगी जैसी संभावनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
ईरान इजराइल के संघर्ष के शुरुआती दिनों में कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों और खुफिया सूत्रों के हवाले से दावा किया गया था कि मोजतबा खामेनेई एक हमले में घायल हुए थे। कुछ अमेरिकी अधिकारियों के सार्वजनिक बयानों में भी उनके घायल होने का उल्लेख किया गया, जबकि ईरान ने इन दावों की पुष्टि नहीं की। उनकी वास्तविक स्वास्थ्य स्थिति आज भी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है। यहीं से एक दूसरा सवाल जन्म लेता है की यदि चोटें सामान्य नहीं थी, तो क्या उनका उपचार ईरान के बाहर कराया जा रहा है।
हाल के वर्षों में मॉस्को और तेहरान के बीच रक्षा, खुफिया, ऊर्जा और सामरिक सहयोग अभूतपूर्व रूप से मजबूत हुआ है। यदि किसी शीर्ष ईरानी नेता को अत्यधिक गोपनीय चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा की आवश्यकता हो,तो ईरान के लिए रूस से महफूज़ और कोई नहीं हो सकता। इस साल 13 मार्च को अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दावा किया था कि खामेनेई घायल हो गए थे और शायद उनका चेहरा भी बिगड़ गया था। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के चेहरे पर युद्ध या विस्फोट के कारण गंभीर चोट लगे, तो पुनर्निर्माण या प्लास्टिक सर्जरी कई चरणों में की जा सकती है और पूर्ण पुनर्वास में कई महीने लग सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि अब तक न तो रूस ने और न ही ईरान ने यह स्वीकार किया है कि मोजतबा खामेनेई रूस में हैं या उनका वहाँ उपचार चल रहा है। इसी प्रकार चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी, गंभीर स्थायी चोट या विदेश में गुप्त चिकित्सा से जुड़े दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
रूस और ईरान अमेरिका के बढ़ते दबाव और आर्थिक प्रतिबंधों के बीच एक-दूसरे के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बनकर उभरे हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, परमाणु तकनीक, खुफिया सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा के क्षेत्रों में भी गहरे संबंध स्थापित हो चुके हैं। रूस, ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम में लंबे समय से सहयोग करता रहा है। सीरिया के गृहयुद्ध में भी दोनों देशों ने राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार का संयुक्त रूप से समर्थन किया और सैन्य समन्वय स्थापित किया था।
यूक्रेन युद्ध के बाद दोनों देशों की निकटता और बढ़ गई, जब रूस पर पश्चिमी प्रतिबंध कड़े हुए और ईरान भी पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा था। हाल के वर्षों में दोनों देशों ने रक्षा सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। ड्रोन, मिसाइल तकनीक, वायु रक्षा प्रणालियों, संयुक्त सैन्य अभ्यास और खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान में सहयोग बढ़ा है। इसके अलावा दोनों देशों ने पश्चिमी वित्तीय व्यवस्था पर निर्भरता कम करने के लिए राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने तथा उत्तर-दक्षिण अंतरराष्ट्रीय परिवहन गलियारे को विकसित करने पर भी जोर दिया है। जनवरी 2025 में दोनों देशों ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसने रक्षा,सुरक्षा, व्यापार, ऊर्जा, विज्ञान, परिवहन और प्रौद्योगिकी जैसे अनेक क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग का ढांचा तैयार किया।
इस समझौते ने यह स्पष्ट कर दिया कि मॉस्को और तेहरान अपने संबंधों को केवल सामयिक राजनीतिक सहयोग तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि उन्हें दीर्घकालिक भू-राजनीतिक साझेदारी के रूप में विकसित कर रहे हैं। इसी मजबूत रणनीतिक रिश्ते के कारण समय-समय पर यह अटकलें भी सामने आती रही हैं कि यदि किसी शीर्ष ईरानी नेता को अत्यधिक गोपनीय सुरक्षा या विशेष चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता पड़े,तो रूस संभावित विकल्प हो सकता है।
राजनीतिक दृष्टि से भी मोजतबा खामेनेई की अनुपस्थिति महत्वपूर्ण है। ईरान की व्यवस्था में सर्वोच्च नेता केवल धार्मिक प्रमुख नहीं, बल्कि सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर और राष्ट्रीय सुरक्षा के अंतिम निर्णायक भी होते है। ऐसे पद पर बैठे व्यक्ति का लंबे समय तक सार्वजनिक रूप से न दिखना स्वाभाविक रूप से अटकलों को जन्म देता है। फिलहाल मोजतबा खामेनेई का मामला तथ्यों से अधिक रहस्य और रणनीतिक गोपनीयता का विषय बना हुआ है। मोजतबा खामेनेई की सार्वजनिक अनुपस्थिति, उनके स्वास्थ्य को लेकर उठते सवाल और रूस-ईरान की घनिष्ठ साझेदारी ने अनेक संभावनाओं को जन्म अवश्य दिया है।
