1. समाचार
  2. ईरान-इजरायल युद्ध
  3. ईरान-इजरायल युद्ध न्यूज
  4. iran-irgc-shoots-down-us-mq-9-reaper-drone-airspace-violation

RGC का दावा- मार गिराया अमेरिका का खतरनाक MQ-9 रीपर ड्रोन, F-35 लड़ाकू विमान भी उल्टे पांव लौटे

US mq9 reeper drone
ईरान रिवॉल्यूश्नरी गार्ड कोर (IRGC) ने मंगलवार को दावा किया कि अपनी हवाई सीमा का उल्लंघन करने पर एक अमेरिकी एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया। ईरानी सेना के रडार ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी घुसपैठ पकड़ी थी, इसके बाद सुरक्षा बलों ने कार्रवाई करते हुए इस खतरनाक ड्रोन को ध्वस्त कर दिया। आरक्यू-4 ड्रोन और एफ-35 फाइटर जेट भी पीछे हटे। ALSO READ: सीजफायर के बीच फिर भड़का युद्ध! अमेरिकी सेना ने ईरान की मिसाइल साइट और नौकाएं कीं तबाह
 
आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है। जब अमेरिकी ड्रोन ईरानी हवाई क्षेत्र में घुसा तो उसे दुश्मन के विमान के रूप में पहचाना गया और तुरंत खत्म कर दिया गया। अमेरिका के किसी भी युद्धविराम उल्लंघन के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करना उसका अधिकार है। इस हमले के कुछ घंटे पहले ही अमेरिकी सेना ने ईरानी रॉकेट प्रक्षेपण स्थलों पर 'रक्षात्मक' हमले किए जाने का एलान किया था।
 

क्या है MQ-9 रीपर ड्रोन की विशेषता

MQ-9 रीपर ड्रोन (जिसे प्रेडेटर-बी भी कहा जाता है) दुनिया के सबसे घातक, आधुनिक और भरोसेमंद अनमैन्ड कॉम्बैट एरियल व्हीकल्स (UCAV) यानी लड़ाकू ड्रोन्स में से एक है। इसे अमेरिका की कंपनी जनरल एटॉमिक्स ने बनाया है। MQ-9 रीपर सिर्फ जासूसी नहीं करता, बल्कि पलक झपकते ही दुश्मन का खात्मा करने की क्षमता रखता है।

MQ-9 रीपर ड्रोन बेहद सटीक लेजर-गाइडेड मिसाइलों से लैस होता है। यह लगभग 1,700 किलोग्राम वजन के हथियार ले जा सकता है। यह ड्रोन अधिकतम 50,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ सकता है और लगातार 27 से 34 घंटे तक हवा में रह सकता है। इसमें लगे सेंसर पहले दुश्मन को खोजते हैं और फिर कमांड मिलते ही उसे नष्ट कर देते हैं। इस वजह से उसे हंटर किलर भी कहा जाता है।
 

क्या है खामेनेई का संदेश?

इस बीच ईरानी मीडिया ने सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के नाम से एक संदेश जारी किया है। इसमें दावा किया गया है कि ईरान ने अमेरिका और इजराइल को जमीन, समुद्र और हवा तीनों रास्तों से मिसाइलों और ड्रोन के जरिए निशाना बनाया है। 
 
खामेनेई ने आस-पास के देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि अब ये देश अमेरिकी सेना की मौजूदगी के लिए ढाल का काम नहीं करेंगे। बयान में कहा गया है कि अब अमेरिका को इस क्षेत्र में अपने सैन्य अड्डे बनाने के लिए कोई भी सुरक्षित जगह नहीं मिलेगी।
edited by : Nrapendra Gupta 
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज़ टीम
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें