Trump vs NATO : कागजी शेर है नाटो, ईरान युद्ध में साथ न देने पर डोनाल्ड ट्रंप का हमला, कहा- बिना अमेरिका कुछ नहीं
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य तनाव के बीच नाटो देशों पर तीखा हमला बोला है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध में सहयोग न देकर नाटो ने खुद को कमजोर साबित किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि अमेरिका के बिना नाटो (NATO) एक कागजी शेर है।
ट्रंप ने उन सहयोगी देशों की आलोचना की जिन्होंने ईरान के नियंत्रण वाले होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी अपील को ठुकरा दिया। उन्होंने कहा कि अब जब सैन्य स्थिति लगभग नियंत्रण में है और खतरा कम हो गया है, तब सहयोगी देश तेल की बढ़ती कीमतों की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन जलडमरूमध्य को खोलने के लिए सैन्य मदद देने को तैयार नहीं हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की नाकेबंदी से बढ़ा संकट
अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर प्रभावी नाकेबंदी कर दी है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से हर दिन लगभग 20 से 21 मिलियन बैरल कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद गुजरते हैं। यह वैश्विक समुद्री तेल व्यापार का करीब 20 से 25 प्रतिशत हिस्सा है। इस रास्ते में बाधा आने से दुनिया भर में तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है।
ट्रंप लगातार अपने सहयोगी देशों से इस अहम समुद्री रास्ते की सुरक्षा में मदद करने की मांग कर रहे हैं ताकि तेल सप्लाई सामान्य हो सके। हालांकि जिन देशों से मदद मांगी गई, उन्हें अमेरिका-इजराइल के ईरान पर हमले से पहले विश्वास में नहीं लिया गया था, जिस वजह से कई देशों ने सीधे सैन्य समर्थन से दूरी बना ली।
नाटो देशों में मतभेद, युद्ध में उतरने से बच रहे सहयोगी
इस मुद्दे पर पश्चिमी देशों में भी मतभेद साफ दिखाई दे रहे हैं। जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, नीदरलैंड, जापान और कनाडा ने संयुक्त बयान जारी कर होर्मुज में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की बात कही, लेकिन जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz ने स्पष्ट किया कि इसके लिए पहले संघर्ष खत्म होना जरूरी है।
फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून की रक्षा और तनाव कम करना ही सबसे बेहतर रास्ता है और कोई भी देश इस युद्ध में सीधे शामिल होने को तैयार नहीं दिख रहा।
नाटो पर पहले भी सवाल उठाते रहे हैं ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से नाटो की भूमिका पर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध के दौरान अमेरिका ने सहयोगी देशों के लिए अरबों डॉलर खर्च किए, लेकिन अब जब अमेरिका और इजराइल ईरान के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं, तो वही देश साथ देने से पीछे हट रहे हैं। ट्रंप के मुताबिक ईरान लंबे समय से मध्य पूर्व और दुनिया की सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है, लेकिन इसके बावजूद पश्चिमी सैन्य गठबंधन पूरी तरह एकजुट नहीं दिख रहा। Edited by : Sudhir Sharma