लारीजानी, सुलेमानी को लेकर सामने आया सच, Donald Trump ने कहा- NATO की जरूरत नहीं, ईरान बोला- पहले हिसाब, फिर शांति
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्हें नाटो के अधिकांश सहयोगी देशों ने साफ कर दिया है कि वे मध्य-पूर्व में ईरान के खिलाफ अमेरिका की सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं होना चाहते। ट्रंप ने कहा कि ईरान के सभी टॉप लीडर मारे गए, नेवी और एयरफोर्स भी खत्म हो गई है। NATO के समर्थन से इनकार पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमें किसी की जरूरत नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि अभी के हालात में ईरान में सत्ता परिवर्तन होना आसान नहीं है। ईरान ने अभी तक अली लारिजानी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
ट्रंप ने लिखा कि कई देशों ने इस बात से सहमति जताई है कि ईरान को किसी भी हालत में परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए, लेकिन इसके बावजूद वे अमेरिका के साथ सैन्य कार्रवाई में भाग लेने को तैयार नहीं हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने NATO पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अमेरिका हर साल अरबों डॉलर खर्च कर अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा करता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर वही देश साथ खड़े नहीं होते। उन्होंने कहा कि उन्हें इस रवैए पर हैरानी नहीं है क्योंकि वे पहले से ही नाटो को एकतरफा व्यवस्था मानते रहे हैं। ट्रंप के इस बयान के बाद मध्य-पूर्व में जारी तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि ईरान के खिलाफ संभावित बड़े सैन्य अभियान को लेकर अमेरिका अपने सहयोगियों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है।
पीएम नेतन्याहू बोला- सत्ता परिवर्तन आसान नहीं
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी को मार गिराने का दावा करते हुए कहा कि अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों का उद्देश्य ईरानी सरकार को कमजोर करना था ताकि ईरानियों को अपना भविष्य तय करने का मौका मिल सके।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अली लारीजानी को ईरान चलाने वाले ग्रुप का चीफ बताया। नेतन्याहू ने लारीजानी की मौत का दावा करते हुए कहा कि ईरान के बड़े नेताओं पर किए जा रहे हमलों का उद्देश्य वहां की सत्ता को कमजोर करना है। उन्होंने यह भी कहा कि इन हमलों के जरिए ईरान के लोगों को मौका देना चाहते हैं, ताकि वे मौजूदा शासन को हटा सकें। हालांकि उन्होंने खुद माना कि ऐसा तुरंत या आसानी से नहीं होगा।
ईरान के बड़े अधिकारी मारे गए, इजराइल का दावा
इजराइल ने दावा किया है कि उसने ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी और देश के सबसे प्रभावशाली निर्णय लेने वालों में से एक अली लारीजानी को मार गिराया है। इजरायल रक्षा बल (IDF) ने कहा है कि उसकी गोलाबारी में ईरानी अर्धसैनिक बल 'बासिज' के कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी मारे गए हैं। इसके अलावा इजराइल का यह भी कहना है कि ईरान की खतरनाक अर्धसैनिक बल बसीज (Basij) के प्रमुख भी मारे गए हैं। हालांकि इस दावे पर ईरान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
ईरान ने कहा- पहले लेंगे हिसाब फिर शांति
ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि पहले अमेरिका और इजराइल से हिसाब लिया जाएगा, उसके बाद ही शांति की बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि ईरान अपने दुश्मनों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा और मौजूदा संघर्ष जल्द थमने वाला नहीं है। ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि पहले अमेरिका और इजराइल से हिसाब लिया जाएगा, उसके बाद ही शांति की बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि ईरान अपने दुश्मनों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा और मौजूदा संघर्ष जल्द थमने वाला नहीं है। Edited by : Sudhir Sharma