शादीशुदा लोगों को मिल सकती है बड़ी टैक्स छूट! राघव चड्ढा ने उठाई Joint ITR की मांग, जानिए कैसे बचेगा लाखों का टैक्स
अगर आप शादीशुदा हैं और इनकम टैक्स भरते हैं तो आने वाले समय में आपको बड़ी राहत मिल सकती है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने (Raghav Chadha) ने संसद में मांग उठाई है कि शादीशुदा जोड़ों को संयुक्त आयकर रिटर्न (Joint Income Tax Return) भरने का विकल्प दिया जाए। उनका कहना है कि मौजूदा टैक्स सिस्टम में ऐसे परिवारों के साथ नाइंसाफी होती है जहां पति-पत्नी में से कोई एक ही कमाता है या दोनों की आय में बड़ा अंतर होता है।
क्या है जॉइंट टैक्स रिटर्न का प्रस्ताव
राघव चड्ढा के मुताबिक अगर सरकार शादीशुदा जोड़ों को संयुक्त रूप से टैक्स रिटर्न भरने की अनुमति देती है, तो परिवार की कुल आय को दोनों के बीच बांटकर देखा जाएगा। इससे कई मध्यम वर्गीय परिवार टैक्स छूट की सीमा में आ सकते हैं और उन्हें कम या शून्य टैक्स देना पड़ सकता है।
उदाहरण से समझिए फायदा
सांसद ने संसद में दो परिवारों का उदाहरण दिया—
परिवार A: पति-पत्नी दोनों 10-10 लाख कमाते हैं, कुल आय 20 लाख → टैक्स नहीं
परिवार B: एक सदस्य 20 लाख कमाता है, दूसरा नहीं → करीब 1.92 लाख टैक्स
उन्होंने सवाल उठाया कि जब दोनों परिवारों की कुल कमाई एक जैसी है, तो टैक्स अलग-अलग क्यों?
किन परिवारों को होगा सबसे ज्यादा फायदा
सिंगल इनकम वाले परिवार
पति-पत्नी की आय में बड़ा अंतर
मध्यम वर्गीय वेतनभोगी लोग
छोटे बिजनेस वाले दंपत्ति
पहले भी उठ चुकी है मांग
चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की संस्था इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंट्स ऑफ इंडिया (Institute of Chartered Accountants of India) भी सरकार को जॉइंट टैक्स फाइलिंग का सुझाव दे चुकी है।
अमेरिका, जर्मनी जैसे कई देशों में पति-पत्नी को संयुक्त टैक्स भरने की सुविधा मिलती है।
अभी क्या है नियम
भारत में हर व्यक्ति को अलग-अलग आरटीआर (ITR) भरना होता है
शादीशुदा जोड़ों के लिए जॉइंट टैक्स का कोई प्रावधान नहीं
बजट 2026 में भी ऐसा कोई नियम शामिल नहीं किया गया
आगे क्या हो सकता है
संसद में मुद्दा उठने के बाद अब उम्मीद है कि सरकार भविष्य में आयकर नियम (Income Tax Rules) में बदलाव पर विचार कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो लाखों परिवारों का टैक्स बोझ कम हो सकता है। Edited by : Sudhir Sharma