भारत और चीन करेंगे दिल्ली में सीमा वार्ता

बीजिंग/ नई दिल्ली| पुनः संशोधित रविवार, 22 मार्च 2015 (19:08 IST)
बीजिंग/ नई दिल्ली। भारत और चीन सोमवार से दिल्ली में 18वें दौर की सीमा वार्ता आरंभ करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पिछले साल सत्ता संभालने के बाद यह दोनों देशों के बीच पहले चरण की सीमा वार्ता होगी। इस वार्ता में दोनों देश वास्तविक नियंत्रण रेखा के स्पष्टीकरण पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।
दोनों देशों में मजबूत नेतृत्व के तहत समाधान की उम्मीद के बीच विशेष प्रतिनिधि और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल अपने चीनी समकक्ष एवं स्टेट काउंसिलर यांग जियेची के साथ बातचीत करेंगे।
 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति के बीच पिछले साल सितंबर में दिल्ली में हुई विस्तृत चर्चा की पृष्ठभूमि में दोनों देशों के बीच यह 2 दिवसीय बातचीत होने जा रही है।
 
शी का भारत दौरा लद्दाख के चुमार में चीनी सैनिकों की घुसपैठ की घटना के साये में हुआ था। शी के दौरे के बाद दोनों देशों के सैनिकों के एकसाथ पीछे हटने के साथ यह विवाद हल हुआ था। शी ने कहा कि चुमार जैसी घटना हो सकती है, क्योंकि सीमा का अभी रेखांकन नहीं हुआ है।
 
चीन के विदेश मंत्री वांग ई ने हाल ही में कहा था कि चीन और भारत को द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए कुछ अधिक करना चाहिए।
 
उन्होंने सीमा वार्ता से पहले कहा कि विवाद नियंत्रित रहा है। फिलहाल सीमा वार्ता छोटी सकारात्मक प्रगति हासिल करने की प्रक्रिया में हैं। 
 
चीन का कहना रहा है कि सीमा विवाद सिर्फ 2,000 किलोमीटर तक सीमित है, जबकि भारत ने जोर दिया है कि विवाद करीब 4,000 किलोमीटर को लेकर है। (भाषा)



और भी पढ़ें :