बलूचिस्तान में लगे मोदी वी लव यू के नारे, नेता ने कहा- थैंक्स

Last Updated: बुधवार, 31 अगस्त 2016 (15:18 IST)
बलूच नेता बरहुमदाग बुगती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाने के लिए दिल से धन्यवाद कहा है। बुगती ने अपने इस संदेश में स्पष्ट कहा है कि 'हम न पाकिस्तान का हिस्सा थे, न हैं और न ही रहेंगे।' उधर लंदन के बाद जर्मनी में भी बलूचिस्तान की आजादी के समर्थन में एक बार फिर प्रोटेस्ट हुआ। इस प्रोटेस्ट में 'मोदी वी लव यू' के भी नारे सुनाई दिए।
पाकिस्तानी सेना को बलूचिस्तान भी वैसे ही छोड़ना होगा जैसे उन्होंने 1970 में बांग्लादेश छोड़ा था। बुगती ने स्पष्ट कर दिया वो आज़ादी के मुद्दे पर किसी तरह की बातचीत के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने पाकिस्तानी मीडिया अपर भी आरोप लगाते हुए कहा कि वे भी कभी बलूचिस्तान में हो रहीं हिंसा पर बात नहीं करती है।
 
तीन दिन पहले भी जर्मनी में पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी हुई थी। बलोच लोग जर्मनी के लिपजिग में पाकिस्तान के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त को लालकिले से दिए अपने भाषण में बलूचिस्तान का जिक्र किया था और तभी से बलूच लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ और तेज कर दिए हैं।
 
इसी भाषण के चलते 28 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयान के खिलाफ बलूचिस्तान की एसेंबली में सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया गया था। एक हफ्ते पहले बलूचिस्तान में आजादी के समर्थकों ने पाकिस्तान के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया था और भारत का राष्ट्रीय ध्वज लहराया था। इन लोगों ने बलूचिस्तान के शहीद कहे जाने वाले नेता अकबर बुगती के साथ प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर भी लहराई थी। 
 
 बलूच नेशनल मूवमेंट की जर्मनी शाखा ने बलूचिस्तान के लोगों के संहार तथा उनके मानवाधिकारों के उल्लंघन के विरुद्ध प्रदर्शन किया और बलूचियों के उत्पीड़न की आवाज उठाने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का समर्थन किया।
 
शाखा के लोगों ने बलूचिस्तान में अपने लोगों के जबरन उठा लिए जाने और उन्हें लापता करने के विरोध में डसेलडर्फ, बर्लिन तथा म्युनिख में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर 30 अगस्त को विरोध प्रदर्शन कर अपनी आवाजें उठाईं।
 
बलूचियों का कहना था कि 15 अगस्त को भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बलूचियों के उत्पीड़न तथा मानवाधिकारों के उल्लंघन के संबंध में आवाज उठाए जाने के बाद से पाकिस्तानी सेना बलूचिस्तान में बलूचियों के विरुद्ध रासायनिक अस्त्रों का इस्तेमाल करने लगी है।
 
जर्मनी के शहरों में प्रदर्शन करने वाले बलूची अपने हाथ में तख्ती लिए थे जिस पर लिखा था- 'प्रधानमंत्री मोदी, बलूची आपसे प्यार करते हैं।' उनका कहना था कि पाकिस्तान की सेना ने बलूचिस्तान को गैस चैम्बर बना दिया है। कुछ पोस्टरों पर लिखा था- 'बलूचियों का लापता होना बंद कराओ, उनके मानवाधिकारों का उल्लंघन रोको।'
 
प्रदर्शनकारियों ने बलूचियों के संहार पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी पर आश्चर्य व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों ने 'चीन का हस्तक्षेप बंद करो' तथा 'नवाब बुगती अमर रहे' के नारे भी लगाए।
 
बलूच नेशनल मूवमेंट के उपसचिव सरमनी जोन, नदीम सलीम ने बताया कि 1948 तक बलूचिस्तान स्वतंत्र था, पाकिस्तान ने सैनिक कार्रवाई कर उस पर गैरकानूनी ढंग से कब्जा किया। यह अंतरराष्ट्रीय कानून तथा बलूच जनता की इच्छा के विरुद्ध था।  पाकिस्तान की सेना के कब्जे से बलूचियों का सब कुछ छिन गया। अब वे लोकतंत्र, शिक्षा, विकास तथा अपनी स्वतंत्रता से वंचित हो गए हैं।



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