रिहाई के लिए विदेशी मदद नहीं-कोलंबिया

बोगोटा (वार्ता)| वार्ता| पुनः संशोधित मंगलवार, 23 दिसंबर 2008 (11:02 IST)
कोलंबिया के राष्ट्रपति अलवारो यूरिबे ने एफएआरसी गुरिल्ला द्वारा बनाए गए छह बंधकों को रिहा करने की विद्रोहियों की पेशकश के बाद इस मामले में किसी विदेशी सरकार के शामिल होने से इनकार किया है।


माना जाता है कि यूरिबे का बयान इस संबंध में आया है कि वामपंथी नेता एवं वेनेजुएला के राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज ने इस वर्ष एफएआरसी द्वारा बंधक बनाए गए लोगों के एक समूह की में मदद की थी लेकिन बाद में लैटिन अमरीका में आतंकवाद के मुद्दे पर कोलंबिया से उनकी तकरार भी हुई।
एफएआरसी का कहना है कि अपहृत दो राजनेताओं और सैन्य बलों के चार सदस्यों को जल्द ही कोलंबिया के सीनेटर और शावेज के सहयोगी पीडेड कोरदोबा को सौंप दिया जाएगा, जिन्होंने सलाह दी थी कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति इस रिहाई में शामिल हो सकते हैं।


शावेज का नाम लिए बगैर यूरिबे ने कहा कि हमारी सरकार अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लोगों को इसमें शामिल कर अपने विदेश संबंधों को दाव पर लगाने की अनुमति नहीं देगी।

शावेज ने इस वर्ष के शुरुआत में छह बंधकों की रिहाई के लिए वार्ता में मदद की थी, लेकिन कोलंबिया के अधिकारी को शावेज की विद्रोहियों के प्रति सहानुभूति को लेकर परेशानी है जिन्हें अमेर‍िका आतंकवादी मानता है।

एफएआरसी ने बंधकों की रिहाई के बारे में कुछ संकेत दिए हैं कि तीन पुलिस अधिकारियों एवं एक सैनिक को पहले छोड़ा जाएगा। इसके बाद पूर्व गवर्नर अलान जारा और स्थानीय सांसद सिगिफ्रेडो लापेज को रिहा किया जाएगा, जिन्हें छह वर्षों से अधिक समय से बंधक बनाया गया है।



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