वातावरण के हिसाब से उछलते हैं मेंढक

मेलबोर्न| भाषा| पुनः संशोधित शुक्रवार, 4 जुलाई 2014 (18:08 IST)
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मेलबोर्न। एक का उछलना जितना आसान दिखता है, उतना है नहीं। वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि मेंढक की अलग-अलग प्रजातियां भिन्न-भिन्न तरीके से छलांग लगाती हैं और उनका उछलना बहुत हद तक उनके आसपास के वातावरण पर निर्भर करता है।

वैज्ञानिकों ने पाया कि पेड़ों पर रहने वाले मेंढक ऊंचाई तक तो चढ़ जाते हैं, लेकिन छलांग लगाने पर वे ज्यादा दूरी नहीं तय कर पाए।

सामान्य तौर पर जलीय मेंढक छलांग में लंबी दूरी तय करता है, लेकिन जमीन से ज्यादा दूर नहीं जाता। वहीं दूसरी तरफ बिलों में रहने वाला मेंढक न तो ऊंची छलांग लगाता है और न ही अधिक दूरी तय करता है।
में शोध कर रहे मार्टा विडाल-गार्सिया ने उनके इस प्रयोग में 30 भिन्न प्रजातियों के लगभग 230 मेंढकों की छलांग को उच्च गुणवत्ता और गति वाले वीडियो कैमरों में कैद किया।
मार्टा ने कहा कि हमने मेंढकों को उनके प्रजननकाल में बारिश के बाद रात के अंधेरे में खोजा, क्योंकि यही वह समय होता है, जब मेंढक ज्यादा सक्रिय होते हैं।

विश्लेषण के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि मेंढकों की छलांग उनके आसपास के वातावरण पर निर्भर करती है और अलग-अलग जगह रहने वाले मेढकों की छलांग भी अलग-अलग तरह की होती है। (भाषा)



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