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भारत के दो ट्विन टाउन, पति और देवर में से कौन पति है, यह पहचानने में लगता है समय

आश्चर्य! भारत में हैं जुड़वां बच्चों के दो गांव, वैज्ञानिक भी हैं हैरान

Updated: शुक्रवार, 19 मार्च 2021 (14:38 IST)
photo source social media
किसी के यहां जुड़वां बच्चे होना साधारण बात हो सकती है, लेकिन यदि पूरे गांव में ही जुड़वां बच्चे पैदा होने लगे तो क्या कहेंगे? है ना आश्चर्य में डालने वाली बात। जी हां, रोचक और रोमांचक के इस बार के एपिसोड में जानिए कि भारत में ऐसे कौन से दो गांव हैं, जहां सिर्फ जुड़वां बच्चे ही जन्म लेते हैं।
 
 
जुड़वां बच्चों का पहला गांव है कोडिन्ही, जो भारतीय राज्य केरल के मल्लपुरम जिले में स्थित है। इस गांव ने सारी दुनिया के वैज्ञानिकों को आश्चर्य में डाल रखा है। इसकी 2,000 की आबादी में से एक जैसे जुड़वां बच्चों की 350 जोड़ियां हैं। इसे ट्विन टाउन भी कहा जाता है, क्योंकि यहां पर प्रत्येक 1,000 जन्मों पर 6 जोड़ियां जुड़वां बच्चों की होती हैं। कोडिन्ही के प्रत्येक परिवार में एक से ज्यादा जुड़वां बच्चों की जोड़ियां हैं। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि इस गांव में दुनियाभर में पैदा होने वाले जुड़वां बच्चों से 6 गुना ज्यादा जुड़वां पैदा होते हैं।
 
2008 में जुड़वां बच्चों की संख्या जानने के लिए इस गांव में एक सर्वे किया गया था जिसमें यह आश्चर्यजनक परिणाम निकलकर आया कि लगभग 280 जुड़वां लोगों के जोड़े कोडिन्ही में हैं। 2009 में 220 जुड़वां रजिस्टर्ड हुए थे यानी एक जैसे 440 चेहरे। कई घर तो ऐसे हैं, जहां एक ही चेहरे के 3 इंसान हैं। मतलब सैकड़ों हमशक्लों का यह गांव है।
 
यहां के आम लोगों को जुड़वां बच्चों की वजह से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खासकर टीचरों के लिए विद्यार्थियों को पहचानना, घर में अगर बच्चा बीमार हो तो दोनों बच्चों को दवाई पिलाने जैसी समस्या यहां आम बात है। यहां तक की नवविवाहित जोड़ों के लिए अपने जीवनसाथी को पहचानने में कुछ समय तक असुविधा का सामना करना पड़ता है। पति और देवर में कन्फ्यूजन हो जाता है।
 
 
अक्टूबर 2016 में लंदन, जर्मनी सहित भारत के हैदराबाद और केरल विश्वविद्यालयों के शोध विशषज्ञों की संयुक्त टीम ने कोडिन्ही में इतनी संख्या में हो रहे जुड़वां लोगों के रहस्य को जानने के लिए यहां का दौरा कर किया था। हालांकि अभी तक यहां पर इतनी अधिक संख्या में जुड़वां बच्चों के पैदा होने के पीछे किसी ठोस वजह का पता नहीं लग पाया।
 
जुड़वां बच्चों का दूसरा गांव है उमरी, जो भारतीय राज्य उत्तरप्रदेश के प्रयागराज जिले में स्थित है। प्रयागराज के पास मोहम्मदपुर उमरी की भी यही कहानी है। इस गांव की कुल 900 लोगों की जनसंख्या में 150 से ज्यादा जुड़वां बच्चों की जोड़ियां हैं। उमरी गांव के जुड़वां बच्चों की दर राष्ट्रीय औसत की तुलना में 300 गुना ज्यादा है और शायद यह दुनिया में सबसे ज्यादा है। हैरानी का बात है कि यहां सिर्फ इंसान ही नहीं, बल्कि मवेशी भी ट्विन्स पैदा हो रहे हैं। पिछले 70 वर्षों से यह सिलसिला जारी है।
 
 
इस गांव में इतने जुड़वां होने की मिस्ट्री को सॉल्व करने की कोशिश अमेरिका समेत कई देश कर चुके हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि इसका कारण जीन्स हो सकते हैं, लेकिन बहुतों के लिए यह ईश्वरीय चमत्कार से कम नहीं है।
 
चलते-चलते एक खास बात आपको बताते चलें कि ये दोनों ही गांव मुस्लिम बहुल हैं। तो है ना हैरान करने वाली बातें। 

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