dharma sangrah

09 मई : गोपाल कृष्ण गोखले की जयंती पर जानें 5 रोचक बातें

गोपाल कृष्ण गोखले की जीवनी एवं तथ्य

Written By WD Feature Desk
Updated: गुरुवार, 9 मई 2024 (12:02 IST)
Gopal Krishna Gokhale 
 
HIGHLIGHTS
 
• गोपाल कृष्ण गोखले का जन्म कब हुआ था।
• गोपाल कृष्ण गोखले के कार्य जानें।
• गोपाल कृष्ण गोखले का स्वतंत्रता में योगदान।

ALSO READ: Maharana Pratap: 09 मई, भारत के गौरव महाराणा प्रताप की जयंती, जानें 5 अनसुनी बातें
 
Gopal Krishna Gokhale: भारत के स्वतंत्रता सेनानियों में गोपाल कृष्ण गोखले का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। हर साल 09 मई को उनकी जयंती मनाई जाती है। आइए जानते हैं उनके बारे में रोचक जानकारी...
 
• भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी रहे तथा भारत भूमि को गुलामी से आजाद कराने के लिए जन्मे गोपाल कृष्ण गोखले देशप्रेम की भावना से ओतप्रोत थे। उनका जन्म 09 मई 1866 को महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में एक साधारण परिवार में हुआ था। उनके पिता कृष्ण राव थे, जो कि पेशे से क्लर्क का कार्य किया करते थे। 
 
• गोपाल कृष्ण गोखले अपनी शिक्षा-दीक्षा के दौरान अत्यंत मेधावी छात्र थे। उनका पढ़ाई में सराहनीय प्रदर्शन देखकर उन्हें सरकार की ओर से 20 रुपए की छात्रवृत्ति मिलनी शुरू हुई, तब उन्हें शिक्षकों और सहपाठियों की काफी सराहना मिली। पुणे के फर्ग्युसन कॉलेज के संस्थापक सदस्यों में से एक गोपाल कृष्ण गोखले भी थे, जिन्होंने इसी कॉलेज में अध्यापन का कार्य करने के साथ-साथ राजनीतिक गतिविधियां भी जारी रखीं। 
 
• कहा जाता है कि गोखले की प्रेरणा से गांधी जी ने दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के खिलाफ आंदोलन चलाया। गांधी जी के आमंत्रण पर 1912 में गोखले खुद भी दक्षिण अफ्रीका गए और रंगभेद की निंदा की तथा इसके खिलाफ आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। तथा गांधी जी को अहिंसा के जरिए स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा भी उन्हीं से मिली थी। 
 
• गोखले को एक जननेता और नरमपंथी सुधारवादी माना जाता है। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और सर्वेंट्स सोसायटी ऑफ इंडिया के सम्मानित सदस्य भी थे। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान दिया तथा देश में व्याप्त जातिवाद और छुआछूत के खिलाफ भी कड़ा संघर्ष किया। 
 
• गोखले जी ने जीवनपर्यंत हिन्दू-मुस्लिम एकता के लिए काम किया और मोहम्मद अली जिन्ना ने उन्हें अपना राजनीतिक गुरु भी माना था। बता दें कि गोपाल कृष्ण गोखले सिर्फ महात्मा गांधी के ही नहीं अपितु मोहम्मद अली जिन्ना के भी राजनीतिक गुरु थे। ऐसे भारत के महान समाजसेवी, विचारक एवं समाज सुधारक और वीर सपूत कहे जाने वाले गोपाल कृष्ण गोखले की मृत्यु 19 फरवरी 1915 को हुई थीं।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

ALSO READ: Mothers Day : मदर्स डे 2024 में कब है?
लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

इंदौर में आयोजित होगा राज्य स्तरीय- लक्ष्य मंथन योगासन प्रतियोगिता

दिलों को जोड़ने की एक मुहिम: जानिए राजीव गांधी की जयंती और 'सद्भावना दिवस' का कनेक्शन

आसमान से बरसेगा सेहत या संकट? जानिए बारिश का पानी पीने का सच!

Ebola Virus: क्या है इबोला वायरस? जानिए इसके लक्षण, संक्रमण और बचाव के आसान उपाय

बड़बोले ट्रंप की घटिया बेशर्मी, अंकारा में नहीं था Trump को कोई खतरा

अगला लेख