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कैलाश विजयवर्गीय ने बुलाई बैठक, 3 ही विधायक पहुंचे, सबसे भरोसेमंद भी नहीं आया, सज्जन बोले, पितृ पर्वत जाओ यार
सज्जन वर्मा ने क्यों कहा, पितृ पर्वत जाओ यार कैलाश?
मध्यप्रदेश में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का मामला भोपाल से लेकर इंदौर तक इतना गरमा गया है कि भाजपाई नेताओं ने भी शायद उनसे फिलहाल दूरी बनाए रखना ही उचित समझा। खबर है कि आज इंदौर में एआईसीटीएसएल कार्यालय पर विजयवर्गीय ने इंदौर के सभी विधायकों के साथ सांसद, महापौर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी बुलाया था, लेकिन इस बैठक में सिर्फ तीन विधायक महेन्द्र हार्डिया, गोलू शुक्ला और मधू वर्मा ही पहुंचे।
जबकि मंत्री तुलसी सिलावट के अलावा उनके खास कहे जाने वाले रमेश मेंदोला से लेकर विधायक मालिनी गौड़, उषा ठाकुर, मनोज पटेल सहित अन्य नेता बैठक में पहुंचे ही नहीं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव के बारे में खबर मिली कि वे किसी विवाह समारोह के चलते खरगोन गए थे। उनका कहना है कि बैठक के समय लौटने के प्रयास थे, लेकिन वे जाम में फंस गए।
बता दें कि बैठक में अनुपस्थिति का कारण मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लिखे गए एक कथित पत्र को बताया जा रहा है। इस कथित 'चिट्ठी बम' में विजयवर्गीय ने ढाई साल से उपेक्षा और असहयोग का आरोप लगाया था। इसी राजनीतिक खींचतान के चलते मेयर पुष्यमित्र भार्गव सहित मालिनी गौड़, मनोज पटेल, उषा ठाकुर और रमेश मेंदोला जैसे कई दिग्गज नेताओं ने बैठक से दूरी बनाए रखी।
इंदौर विकास का आयोजन भी टला : उधर इंदौर के विकास को लेकर शहर में 3 जुलाई को होने वाला कार्यक्रम टल गया है। इस आयोजन में इंदौर के विकास को लेकर कई तरह के विमर्श होना थे। लेकिन ऐनमौके पर यह आयोजन टल गया है। इसकी वजह मुख्यमंत्री मोहन यादव की व्यस्तता बताई जा रही है। हालांकि अब नए सिरे से तिथि की घोषणा की जाएगी। इस आयोजन के लिए ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर तक बुक कर लिया गया था और शहर के गणमान्य नागरिकों को कार्ड भी बांट दिए गए थे।
सज्जन वर्मा ने दी विजयवर्गीय को सलाह : इधर पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने कैलाश विजयवर्गीय को नसीहत देते हुए कहा है कि जब कोई पावर नहीं है तो इस्तीफा दे दो यार। एक स्वाभिमानी मर्द की तरह जिओ, इसमें मजा आएगा। अब वो कह रहे हैं कि पत्र कैसे वायरल हो गया। मैंने कैलाश भाई को सलाह दी है कि हाथ कटे ठाकुर के पास दो लोग थे, जय और वीरु, उनकी ड्यूटी लगा दो भाई कि कैसे लीक हुआ। सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि पत्र कैसे लीक हुआ है। जानकर के लीक हुआ है या मुख्यमंत्री ने लीक किया है। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी कैलाश भाई मैं आपको सलाह देता हूं कि पितृ पर्वत तैयार है। कहां राजनीति के चक्कर में पड़े हो। उन्होंने कैलाश विजयवर्गीय को सलाह दी है कि आराम से पितृ पर्वत जाकर बैठो और भगवान की सेवा करो। आमजनों की सेवा करो। लेकिन एक बात का ध्यान रखना कि वहां चंदे की चोरी नहीं हो। अपना आशियाना और ठिकाना वहां बना लो।
जबकि मंत्री तुलसी सिलावट के अलावा उनके खास कहे जाने वाले रमेश मेंदोला से लेकर विधायक मालिनी गौड़, उषा ठाकुर, मनोज पटेल सहित अन्य नेता बैठक में पहुंचे ही नहीं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव के बारे में खबर मिली कि वे किसी विवाह समारोह के चलते खरगोन गए थे। उनका कहना है कि बैठक के समय लौटने के प्रयास थे, लेकिन वे जाम में फंस गए।
बता दें कि बैठक में अनुपस्थिति का कारण मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लिखे गए एक कथित पत्र को बताया जा रहा है। इस कथित 'चिट्ठी बम' में विजयवर्गीय ने ढाई साल से उपेक्षा और असहयोग का आरोप लगाया था। इसी राजनीतिक खींचतान के चलते मेयर पुष्यमित्र भार्गव सहित मालिनी गौड़, मनोज पटेल, उषा ठाकुर और रमेश मेंदोला जैसे कई दिग्गज नेताओं ने बैठक से दूरी बनाए रखी।
सज्जन वर्मा ने दी विजयवर्गीय को सलाह : इधर पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने कैलाश विजयवर्गीय को नसीहत देते हुए कहा है कि जब कोई पावर नहीं है तो इस्तीफा दे दो यार। एक स्वाभिमानी मर्द की तरह जिओ, इसमें मजा आएगा। अब वो कह रहे हैं कि पत्र कैसे वायरल हो गया। मैंने कैलाश भाई को सलाह दी है कि हाथ कटे ठाकुर के पास दो लोग थे, जय और वीरु, उनकी ड्यूटी लगा दो भाई कि कैसे लीक हुआ। सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि पत्र कैसे लीक हुआ है। जानकर के लीक हुआ है या मुख्यमंत्री ने लीक किया है। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी कैलाश भाई मैं आपको सलाह देता हूं कि पितृ पर्वत तैयार है। कहां राजनीति के चक्कर में पड़े हो। उन्होंने कैलाश विजयवर्गीय को सलाह दी है कि आराम से पितृ पर्वत जाकर बैठो और भगवान की सेवा करो। आमजनों की सेवा करो। लेकिन एक बात का ध्यान रखना कि वहां चंदे की चोरी नहीं हो। अपना आशियाना और ठिकाना वहां बना लो।
