स्वच्छता के सिरमौर इंदौर ने नेत्रदान में भी किया गजब का रिकॉर्ड कायम
14 हजार लोगों की अंधेरी दुनिया को इंदौर ने किया रोशन
इंदौर अपनी सफाई के लिए तो पूरे देश में जाना ही जाता है, लेकिन अब नेत्रदान में भी हमने एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया है कि पूरे देश में इंदौर की वाहवाही हो रही है। इंदौर के दानदाताओं ने अब 14 हजार लोगों की जिंदगी में उजाला किया है।
नेत्रदान के क्षेत्र में प्रदेश का सिरमौर बन चुके इंदौर में पिछले 12 सालों में 18 हजार से अधिक लोगों ने नेत्रदान किया है। इनमें से 14 हजार से ज्यादा जरूरतमंदों की अंधेरी दुनिया में फिर से रोशनी लौटी है। आज 10 जून को विश्व दृष्टि दान दिवस के मौके पर यह रिपोर्ट सामने आई है। बता दें कि कि इंदौर में हर माह 100 से अधिक परिवार अपने स्वजन की मृत्यु के बाद नेत्रदान कर रहे हैं, जिससे कई लोगों के जीवन में रोशनी हो रही है।
बढ़ रही जागरूकता : शंकरा आई बैंक, एमके इंटरनेशनल आई बैंक और चोइथराम आई बैंक संचालित हैं। इसके अलावा मुस्कान ग्रुप, दधीचि मिशन, गोल्ड क्वाइइन सहित अन्य एनजीओ जुड़े हैं। शंकरा आई बैंक की डॉ. जयश्री लिलानी के अनुसार नेत्रदान को बढ़ावा देने में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पिछले पांच वर्षों में केवल संकरा आई बैंक को 2700 से अधिक कॉर्निया प्राप्त हुए, जिनमें से 1670 कॉर्निया का सफल ट्रांसप्लांट किया गया। कॉर्निया ट्रांसप्लांट की सफलता दर 70 से 80% तक है।
बता दें कि कॉर्निया प्रत्यारोपण से लाभान्वित होने वालों में हर आयु वर्ग के लोग शामिल हैं। जन्मजात कॉर्निया संबंधी समस्याएं, आंखों में सफेदी आना, दुर्घटनाओं में आंखों की क्षति, केमिकल या चूने से दृष्टि प्रभावित होना जैसी स्थितियों में कॉर्निया ट्रांसप्लांट नई उम्मीद बनता है। कई मरीजों को एक आंख तो कई को दोनों आंखों में प्रत्यारोपण की आवश्यकता होती है।
Edited By: Naveen R Rangiyal
नेत्रदान के क्षेत्र में प्रदेश का सिरमौर बन चुके इंदौर में पिछले 12 सालों में 18 हजार से अधिक लोगों ने नेत्रदान किया है। इनमें से 14 हजार से ज्यादा जरूरतमंदों की अंधेरी दुनिया में फिर से रोशनी लौटी है। आज 10 जून को विश्व दृष्टि दान दिवस के मौके पर यह रिपोर्ट सामने आई है। बता दें कि कि इंदौर में हर माह 100 से अधिक परिवार अपने स्वजन की मृत्यु के बाद नेत्रदान कर रहे हैं, जिससे कई लोगों के जीवन में रोशनी हो रही है।
बढ़ रही जागरूकता : शंकरा आई बैंक, एमके इंटरनेशनल आई बैंक और चोइथराम आई बैंक संचालित हैं। इसके अलावा मुस्कान ग्रुप, दधीचि मिशन, गोल्ड क्वाइइन सहित अन्य एनजीओ जुड़े हैं। शंकरा आई बैंक की डॉ. जयश्री लिलानी के अनुसार नेत्रदान को बढ़ावा देने में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पिछले पांच वर्षों में केवल संकरा आई बैंक को 2700 से अधिक कॉर्निया प्राप्त हुए, जिनमें से 1670 कॉर्निया का सफल ट्रांसप्लांट किया गया। कॉर्निया ट्रांसप्लांट की सफलता दर 70 से 80% तक है।
Edited By: Naveen R Rangiyal
