मानसून से पहले जागा इंदौर नगर निगम, जेसीबी से गिराए जर्जर मकान
इंदौर में मानसून के ठीक पहले नगर निगम प्रशासन की नींद खुली है। रिमूवल टीम ने शहर में जर्जर और खतरनाक मकानों और इमारतों को ढहाने का काम शुरू किया है। मंगलवार को भी नगर निगम की टीम ने शहर के मुराई मोहल्ला क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। यहां तीन बेहद जर्जर मकानों को सफलतापूर्वक ढहा दिया गया। हालांकि, इन मकानों के ठीक पीछे बने अन्य निर्माण भी काफी पुराने थे, जिसके चलते पूरी कार्रवाई के दौरान टीम को असाधारण रूप से सतर्क रहना पड़ा ताकि किसी अन्य संपत्ति को नुकसान न पहुंचे।
नगर निगम के जोन क्रमांक 11 के भवन अधिकारी एवं रिमूवल अधिकारी अंकेश बिरथरिया ने इस पूरी कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मंगलवार सुबह नगर निगम कमिश्नर से प्राप्त दिशा-निर्देशों के बाद टीम मुराई मोहल्ला, छावनी क्षेत्र में पहुंची थी। यहां चिन्हित किए गए तीन मकानों पर रिमूवल की कार्रवाई शुरू की गई जो पूरी तरह से जर्जर और रहने योग्य नहीं बचे थे। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी और जिन अन्य खतरनाक मकानों को पहले ही चिन्हित किया जा चुका है, उन्हें भी जल्द ही हटाने का काम किया जाएगा। राहत की बात यह रही कि पूरी प्रक्रिया बिना किसी विरोध के बेहद शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई।
अंकेश बिरथरिया के मुताबिक, रिमूवल गैंग ने इन जर्जर मकानों को गिराने के लिए जेसीबी मशीनों का उपयोग किया था। इस कार्रवाई में सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि ध्वस्त किए जा रहे मकानों के ठीक पीछे बने मकान भी दशकों पुराने थे। ऐसी स्थिति में थोड़ी सी भी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। इसी सुरक्षा पहलू को ध्यान में रखते हुए नगर निगम के कर्मचारियों ने जल्दबाजी न करते हुए बेहद सावधानी और आराम से काम किया, जिससे पीछे बने मकानों की दीवारों या छतों को कोई आंच न आए। इस संवेदनशीलता के कारण कार्रवाई को पूरा करने में सामान्य से थोड़ा अधिक समय लगा। निगम अधिकारियों का कहना है कि बारिश का सीजन शुरू होने से पहले सभी चिन्हित जर्जर मकानों पर नियमानुसार कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।
Edited By: Naveen R Rangiyal
अंकेश बिरथरिया के मुताबिक, रिमूवल गैंग ने इन जर्जर मकानों को गिराने के लिए जेसीबी मशीनों का उपयोग किया था। इस कार्रवाई में सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि ध्वस्त किए जा रहे मकानों के ठीक पीछे बने मकान भी दशकों पुराने थे। ऐसी स्थिति में थोड़ी सी भी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। इसी सुरक्षा पहलू को ध्यान में रखते हुए नगर निगम के कर्मचारियों ने जल्दबाजी न करते हुए बेहद सावधानी और आराम से काम किया, जिससे पीछे बने मकानों की दीवारों या छतों को कोई आंच न आए। इस संवेदनशीलता के कारण कार्रवाई को पूरा करने में सामान्य से थोड़ा अधिक समय लगा। निगम अधिकारियों का कहना है कि बारिश का सीजन शुरू होने से पहले सभी चिन्हित जर्जर मकानों पर नियमानुसार कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।
Edited By: Naveen R Rangiyal

