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इलायची : सेहत, शादी, धन, परीक्षा...पूरी होगी हर इच्छा, elaychi के सटीक उपाय

शनिवार,जनवरी 23, 2021
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घर में शंख बजाने से नकारात्मक ऊर्जा व अतृप्त आत्माएं निकल जाती हैं। जानिए शंख के उपयोग से क्या-क्या फायदे होते हैं
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हिन्दू धर्म के अनुसार एकादशी व्रत करने की इच्छा रखने वाले मनुष्य को दशमी के दिन से ही कुछ अनिवार्य नियमों का पालन करना चाहिए।
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मुंडन संस्कार के बारे में मान्यता है कि इससे शिशु का मस्तिष्क और बुद्धि दोनों ही पुष्ट होते हैं।
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ब्रह्मपुराण के अनुसार बाल्यकाल से ही शनिदेव भगवान श्रीकृष्ण के अनन्य भक्त थे। वे भगवान श्रीकृष्ण के अनुराग में निमग्न रहा करते थे। युवावस्था में उनके पिताश्री ने उनका विवाह चित्ररथ
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यहां सिर्फ जानकारी हेतु यह लेख है पाठक अपने विवेक का उपयोग करें।
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Shani mantra : शनिदेव के पौराणिक मंत्र

शुक्रवार,जनवरी 22, 2021
शनि भगवान के शीश पर स्वर्ण मुकुट, गले में माला तथा शरीर पर नीले रंग के वस्त्र सुशोभित हैं। शनिदेव गिद्ध पर सवार रहते हैं। हाथों में क्रमश: धनुष, बाण, त्रिशूल और वरमुद्रा धारण करते हैं।
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गरुड़ पुराण में ऐसे कामों के बारे में बताया गया है जिन्हें करने से आपकी उम्र कम हो सकती है। जानिए कौन से 5 काम नहीं करना चाहिए वरना उम्र कम होने का खतरा बढ़ सकता है।
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किसी भी धार्मिक कर्म कांड शुरू होने से पहले कलावा बांधा जाता है। वैसे मांगलिक कार्यक्रमों पर भी इसे बांधा जाता है। माना जाता है कि ये कलावा ही संकटों के समय हमारा रक्षा कवच बनता है, लेकिन इस कलावा को कभी भी नहीं बदलना चाहिए।
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हनुमान जी के पिता वानरराज केसरी कपि क्षेत्र के राजा थे। हरियाणा का कैथल पहले कपिस्थल हुआ करता था। कुछ लोग इसे ही हनुमान जी की जन्म स्थली मानते हैं।
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यदि आप माता लक्ष्मी को प्रसन्न कर लेते हैं तो धन और समृद्धि के सारे बंद रास्ते खुल जाते हैं। आओ जानते हैं कि माता लक्ष्मी को क्या पसंद है और वे किस तरह के कार्य करने से प्रसन्न होकर आप पर कृपा करेंगी।
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उत्तररांचल प्रदेश में हरिद्वार अर्थात हरि का द्वार है। हरि याने भगवान विष्णु। हरिद्वार नगरी को भगवान श्रीहरि (बद्रीनाथ) का द्वार माना जाता है, जो गंगा के तट पर स्थित है। इसे गंगा द्वार और पुराणों में इसे मायापुरी क्षेत्र कहा जाता है। यह भारतवर्ष के ...
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माना जाता है कि यह कथा पढ़े बिना संतोषी माता का व्रत अधूरा होता है। संतोषी माता व्रत की पौराणिक कथा के अनुसार एक बुढ़िया थी। उसका एक ही पुत्र था।
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भगवान शुक्र के साथ-साथ संतोषी माता तथा वैभवलक्ष्मी देवी का भी पूजन किया जाता है। तीनों व्रतों की विधियां अलग-अलग हैं।
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आपने 16 श्रृंगार का नाम तो सुना ही होगा। महिलाएं करती है 16 श्रृंगार और माना जाता है कि महिलाएं अपने साज-श्रृंगार पर सबसे ज्यादा ध्यान देती हैं, लेकिन आपको यह जानकार हैरानी होगी की नागा बाबा भी अपने साज-श्रृंगार पर बहुत ज्यादा ध्यान देते हैं। हर ...
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पौष शुक्ल पूर्णिमा के दिन मां शाकंभरी जयंती मनाई जाएगी। गुरुवार से शाकंभरी नवरात्रि का पर्व शुरू हो गया है। यह पर्व 28 जनवरी 2021, गुरुवार तक मनाया जाएगा।
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मां शाकंभरी की पौराणिक ग्रंथों में वर्णित कथा के अनुसार, एक समय जब पृथ्‍वी पर दुर्गम नामक दैत्य ने आतंक का माहौल पैदा किया। इस तरह करीब सौ वर्ष तक
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आइए जानते हैं कि हर दिन के अनुसार बजरंबली का भोग क्या है?
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महाभारत के अनुसार ऋषि कश्यप की कद्रू नामक पत्नी से नागवंश की उत्पत्ति हुई थी। कश्यप ऋषि की पत्नी कद्रू से उन्हें 8 पुत्र मिले जिनके नाम क्रमश: इस प्रकार हैं- 1.अनंत (शेष), 2.वासुकि, 3.तक्षक, 4.कर्कोटक, 5.पद्म, 6.महापद्म, 7.शंख और 8.कुलिक। इन्हें ही ...
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कल्पवास का अर्थ होता है संगम के तट पर निवास कर वेदाध्ययन और ध्यान करना। प्रयाग इलाहाबाद कुम्भ मेले में कल्पवास का अत्यधिक महत्व माना गया है। कल्पवास पौष माह के 11वें दिन से माघ माह के 12वें दिन तक रहता है। कुछ लोग माघ पूर्णिमा तक कल्पवास करते हैं।
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