क्या है इन्द्रजाल, जानिए रहस्य...

अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'|
मेघान्‍धकार वृष्‍टयग्नि पर्वतादभुत दर्शनम।।
दूरस्‍थानानां च सैन्‍यानां दर्शनं ध्‍वजमालिनाम।।
च्छिन्‍नपाटितभिन्‍नानां संस्रुतानां प्रदर्शनम।
इतीन्‍द्रजालं द्विषतां भीत्‍यर्थमुपकल्‍पयेत।।- (कामंदकीय नीतिसार 18, 53-54)
 
चाणक्‍य के अनुयायी कामन्‍दक ने राजनीति करने वालों और शासन में बैठने की इच्‍छा रखने वाले लोगों के बारे में कहा है कि लोगों को समूह में मूर्ख बनाना आसान काम नहीं है, वे बातों से नहीं मानते हैं, तर्क करते हैं और तार्किक जवाब दो तब भी वे आक्रमण करते हैं। ऐसे में क्‍यों न उनके लिए किया जाए।
अत: कुछ ऐसे उपाय हों कि बिना कारण ही आसमान में बादल दिखाई दें, अंधकार छा जाए, आग की बारिश होने लगे। अचानक पहाड़ों पर अदभुत दिखाई देने लगे और दूर स्‍थानों पर बैठी सेनाओं के समूहों में भय व्याप्त हो जाए। लाखों ध्‍वजाएं उड़ती दिखाई देने लगे, जो सामने अच्‍छा भला हो, वह देखते ही देखते छिन्‍न-भिन्‍न लगने लगे और भी ऐसे उपाय जिनसे भयोत्‍पादन हो, इन्द्रजाल कहे जाते हैं।
 
दरअसल इन्द्रजाल के अंतर्गत कुछ भी हो सकता है, जिससे आपकी आंखें, दिल और दिमाग धोखा खा जाए वह इन्द्रजाल है। आप किसी पर मोहित हो जाओ और उसकी तरीफ करने लगो और उसके प्यार में पागल हो जाओ वह भी इन्द्रजाल है। कई बार स्टेज पर इस तरह का माहौल क्रिएट किया जाता है कि आप उसका संगीत और उसकी आवाज सुनकर पागल जैसे हो जाते हैं। माइकल जैक्सल स्टेज पर कुछ ऐसा ही जादू करते थे। किसी के उपर जादू कर देना इन्द्रजाल है।
 
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