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मोरयाई छठ पर पढ़ें भगवान सूर्य देव के 12 पवित्र नाम, देंगे मनचाहा वरदान

मंगलवार,सितम्बर 3, 2019
surya 12 names
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पौराणिक धर्म शास्त्रों के अनुसार हरतालिका तीज के दिन भोलेनाथ और माता पार्वती का मिलन हुआ था। प्रस्तुत है विशेष मंत्र
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अगर आप भी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं तो इस आलेख में आपको उपाय बताए जा रहे हैं। शास्त्रों में बताए गए ये उपाय आपकी समस्या दूर कर सकते हैं। आइए जानें 4 सरलतम उपाय :-
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ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति को देवताओं का गुरु माना जाता है। इनकी पूजा से विवाह मार्ग में आ रहीं सभी अड़चनें स्वत: ही समाप्त हो जाती हैं। इनकी पूजा के लिए गुरुवार का विशेष महत्व है।
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श्रावण मास की अमावस को हरियाली अमावस्या कहते हैं। अस बार यह 1 अगस्त 2019 को मनाई जाएगी। इस अमावस्या पर अत्यंत शुभ पंचमहायोग बन रहे हैं। ये महायोग 125 साल बाद आ रहे हैं। आइए जानें मां लक्ष्मी की कृपा के लिए क्या करें इस दिन...
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हिन्दू धर्म में इन मंत्रों का जाप सर्वदा लाभदायी माना गया है। अत: आप भी अशुभ ग्रहों के कारण जीवन में परेशानी के दौर से गुजर रहे हैं तो इन मंत्रों का जाप अवश्‍य करें।
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धन प्राप्ति और धन संचय के लिए पुराणों में वर्णित कनकधारा यंत्र एवं स्तोत्र चमत्कारिक रूप से लाभ प्रदान करते हैं। इसकी विशेषता भी यही है कि यह किसी भी प्रकार की विशेष माला,
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भारतीय ऋषि-मुनियों ने हमें करदर्शनम यानी हाथों के दर्शन का संस्कार दिया है। शास्त्रों में भी जागते ही बिस्तर पर सबसे पहले बैठकर दोनों हाथों की हथेलियों (करतल) के दर्शन का विधान बताया गया है।
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यदि आप पर ग्रह-नक्षत्रों की बुरी दशा चल रही है या आप संकटों से घिरे हैं। यह भी हो सकता है कि पिछले कई माह से आप समस्याओं से घिरे हुए हैं।
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भगवान श्रीकृष्‍ण के 108 नामों का चंद्र ग्रहण के दौरान जाप करने से समस्त विपत्तियों का नाश होता है। ग्रहण काल के दोष से भी बचा जा सकता है। यहां पाठकों के लिए प्रस्तुत हैं भगवान श्रीकृष्‍ण के 108 नाम और उनके अर्थ...।
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पौराणिक शास्त्रों में श्री गणेश के 12 प्रसिद्ध नाम मंत्र बताए गए हैं, जिनका सुमिरन करने से हर बाधा व संकट का अंत होता है। खासकर बुधवार के दिन इन नामों का स्मरण करने वाले
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चंद्र ग्रहण को मंत्रों की सिद्धि के लिए सर्वश्रेष्ठ समय माना गया है। ग्रहण काल में किसी भी एक मंत्र को, जिसकी सिद्धि करना हो या किसी विशेष प्रयोजन हेतु सिद्धि करना हो, जप सकते हैं। ग्रहण काल में मंत्र जपने के लिए माला की आवश्यकता नहीं होती बल्कि समय ...
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अमावस्या और पूर्णिमा के दिन तो दत्त नाम की माला अवश्‍य जपना चाहिए। खास कर हर माह आने वाली पूर्णिमा के दिन दत्तात्रेय के दो शक्तिशाली महामंत्र की माला
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मैं गुरु महाराज के चरण कमलों की रज की वंदना करता हूं, जो सुरुचि (सुंदर स्वाद), सुगंध तथा अनुराग रूपी रस से पूर्ण है। वह अमर मूल (संजीवनी जड़ी) का सुंदर चूर्ण है
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16 जुलाई 2019, मंगलवार को गुरु पूर्णिमा है। गुरु पूर्णिमा गुरु पूजन का दिन है, लेकिन गुरु प्राप्ति इतनी सहज नहीं है। यदि गुरु प्राप्ति हो जाए तो उनसे श्री गुरु पादुका मंत्र लेने की यथाशक्ति कोशिश करें।
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12 जुलाई 2019 का दिन श्रीहरि विष्णुजी की उपासना का है। इस दिन देवशयनी एकादशी है। पूजा करते समय सच्चे मन से भगवान विष्णु का ध्यान, पूजन, कथा और स्तोत्र, आरती, चालीसा आदि का पाठ करने का विशेष महत्व है। यहां प्रस्तुत है विष्णुसहस्रनाम का संपूर्ण पाठ।
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अमावस्या तिथि अगर मंगलवार को आती है तो इसे भौमवती अमावस्या कहा जाता है। इस बार भी अमावस्या और मंगलवार का योग बना है। तिथि के अनुसार यह हलहारिणी अमावस्या है।
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प्रात: काल सो कर उठते ही जिस अवस्था में भी हो अंजनी पुत्र बजरंगबली के बारह नामों को 11 बार लेनेवाला व्यक्ति दीर्घायु होता है। समस्त सांसारिक सुखों की प्राप्ति भी होती है।
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हल्दी विशेष प्रकार की औषधि है, जिसमें दैवीय गुण मौजूद होते हैं। विवाह में वर-वधु को हल्दी चढ़ाने के पीछे भी यही महत्व है कि उन्हें बाहरी बाधाओं से बचाया जाए
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पीड़ित जातक को चाहिए कि वह पीड़ित ग्रह के दंड को पहचान कर उक्त ग्रह की अनुकूलता हेतु उक्त ग्रह का रत्न धारण करें और संबंधित ग्रह के मंत्र को जपें तो जातक सुखी बन सकता है। साथ में जातक संबंधित ग्रह के क्षेत्र का दान और उस ग्रह के रत्न की माला से जप ...
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