0

ऋषि याज्ञवल्क्य कौन थे, जानिए उनके बारे में 7 खास बातें

शुक्रवार,जुलाई 30, 2021
0
1
संत तुकाराम केवल वारकरी संप्रदाय के ही शिखर नहीं वरन दुनिया भर के साहित्य में भी उनकी जगह असाधारण है। भगवान श्री विट्ठल के भक्त को वारकरी कहते हैं तथा इस संप्रदाय को वारकरी संप्रदाय कहा जाता है। 'वारकरी' शब्द में 'वारी' शब्द अंतर्भूत है। वारी का ...
1
2
मेहेर बाबा ईरानी मूल के भारतीय चिंतक और दार्शनिक थे। मेहर (मेहेर) बाबा एक रहस्यवादी सिद्ध पुरुष थे। कई वर्षों तक वे मौन साधना में रहे। मेहेर बाबा के भक्त उन्हें परमेश्वर का अवतार मानते थे।
2
3
कबीर वाकई अपने आने वाले समय की अमिट वाणी थे। कबीर का जन्म इतिहास के उन पलों की घटना है जब सत्य चूक गया था और लोगों को असत्य पर चलना आसान मालूम पड़ता था। अस्तित्व, अनास्तित्व से घिरा था। मृत प्राय मानव जाति एक नए अवतार की बाट जोह रही थी। ऐसे में कबीर ...
3
4
महामना संत कबीर भारतीय संत परंपरा और संत-साहित्य के महान हस्ताक्षर हैं। हमारे यहां संत-साहित्य का एक विशिष्ट महत्व रहा है। क्योंकि इस साहित्य ने कभी भोग के हाथों योग को नहीं बेचा, धन के बदले आत्मा की आवाज को नहीं बदला तथा शक्ति और पुरुषार्थ के स्थान ...
4
4
5
संत कबीर दास भक्‍तिकाल के एकमात्र ऐसे कवि हैं, जिन्‍होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज सुधार के कार्यो में लगा दिया। कबीर कर्म प्रधान कवि थे, इसका उल्‍लेख उनकी रचनाओं में देखने को मिलता है। कबीर का संपूर्ण जीवन समाज कल्‍याण एवं समाज हित में उल्लेखनीय है। ...
5
6
प्रतिवर्ष ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन संत कबीर की जयंती मनाई जाती है। अंग्रेजी माह के अनुसार इस बार 24 जून 2021 गुरुवार को कबीरदास जयंती मनाई जाएगी। आओ जानते हैं संत कबीरदासजी के बारे में 10 अनसुनी बातें।
6
7
एक जुलाहा स्वभाव से अत्यंत शांत, नम्र तथा वफादार था। उसे क्रोध तो कभी आता ही नहीं था। एक बार कुछ लड़कों को शरारत सूझी।
7
8
इस बार गुरुवार, 24 जून 2021 को कबीरदास जयंती मनाई जाएगी। प्रतिवर्ष ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन महान कवि एवं संत कबीर की जयंती मनाई जाती है। कबीर भारतीय मनीषा के प्रथम विद्रोही संत हैं,
8
8
9
जगतगुरु स्वामी रामानंदाचार्य के बारह शिष्यों में से एक संत कबीर सभी से अलग थे। उन्होंने गुरु से दीक्षा लेकर अपना मार्ग अलग ही बनाया और संतों में वे शिरोमणि हो गए। कुछ लोग कबीर को गोरखनाथ की परम्परा का मानते हैं, जबकि उनके गुरु रामानंद वैष्णव धारा से ...
9
10
सभी ने कपिल मुनि का नाम सुना होगा। श्रीमद्भगवत के अनुसार इन्हें विष्णु के 24 अवतारों में से एक पांचवां अवतार माना जाता है। इनको अग्नि का अवतार और ब्रह्मा का मानस पुत्र भी कहा गया है। आओ जानते हैं कपितल मुनि के बारे में 10 खास बातें।
10
11
स्वामी शिवानन्द (8 सितंबर 1887-14 जुलाई 1963): का जन्म तमिलनाडु के अप्यायार दीक्षित वंश में हुआ और संन्यास के बाद उन्होंने अपना जीवन ऋषिकश में व्यतीत किया। वे वेदान्त के आचार्या, योगाचार्य और दार्शनिक थे। वेदान्त अध्ययन के बाद उन्होंने ...
11
12
हिन्दू माह के अनुसार ज्येष्ठ कृष्‍ण प्रतिपदा तिथि को नारद जयंती मनाई जाती है। नारद एक ऐसे पौराणिक चरित्र हैं, जो तत्वज्ञान में परिपूर्ण हैं। भागवत के अनुसार
12
13
योगी नरहरिनाथजी के अनुसार, महायोगी गोरक्षनाथ का जन्म वैशाख मास की पूर्णिमा तिथि और वार मंगलवार को हुआ था। अंग्रेजी माह के अनुसार इस बार यह जयंती 26 मई 2021 बुधवार को मनाई जाएगी। आओ जानते हैं गुरु गोरक्षनाथ का जन्म किस तरह हुआ था।
13
14
वैशाख माह के शुक्ल चतुर्दशी को आल्हा जयंती मनाई जाती है। अंग्रेजी माह के अनुसार इस बार यह जयंती 25 मई 2021 मंगलवार को मनाई जाएगी। आओ जानते हैं कि आल्हा कौन थे और क्या है उनकी कहानी।
14
15
हर साल वैशाख मास की पूर्णिमा तिथि को महर्षि भृगु की जंयती मनाई जाती है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस बार यह जयंती 26 मई 2021 बुधवार को मनाई जाएगी। आओ जानते हैं संक्षिप्त में महर्षि भृगु का परिचय।
15
16
भारत में हर समाज में कई सिद्ध और प्रसिद्ध संत हुए हैं उन्हीं में से एक है संत भूरा भगत महाराज। महान संत भूरा भगत महाराज की जयंती वैशाख शुक्ल पक्ष की नवमी को मनाई जाती है। इस बार यह जयंती 21 मई 2021 शुक्रवार को मनाई जाएगी।
16
17
वैष्णव के मुख्‍य संप्रदाय की बात करें तो रामानंद द्वारा रामानंद, रामानुजाचार्य द्वारा विशिष्टाद्वैत, माधवाचार्य द्वारा माध्वचारी, भास्कराचार्य द्वारा निम्बार्क, बल्लभाचार्य द्वारा पुष्टिमार्गी या शुद्धाद्वैत संप्रदाय का प्रचलन हुआ। वैष्णव के बहुत से ...
17
18
आदि शंकराचार्य का जन्म केरल के मालाबार क्षेत्र के कालड़ी नामक स्थान पर हुआ था। आदि शंकराचार्य ने ही दसनामी सम्प्रदाय और चार मठों की स्थापना की थी। चार मठ है- 1.श्रृंगेरी ज्ञानमठ (तमिलनाडु रामेश्वरम), 2.गोवर्धन मठ (उड़ीसा, जगन्नाथपुरी), 2.शारदा मठ ...
18
19
संत सूरदासजी का जन्म मथुरा के रुनकता नाम के गांव में हुआ। सुरदासजी जन्म से ही अंधे थे या नहीं इसमें मतभेद है। हालांकि वे श्रीकृष्‍ण के अनन्न भक्त थे। 17 May 2021 को सूरदासजी की जयंती मनाई जाएगी। इसी संदर्भ में आओ जानते हैं उनकी कथा और रोचक प्रसंग।
19