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19 जनवरी : आध्यात्मिक संत ओशो का निर्वाण दिवस

रविवार,जनवरी 17, 2021
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ब्रह्मा के पुत्र अत्रि ने कर्दम ऋषि की पुत्री अनुसूया से विवाह किया था। अनुसूया की माता का नाम देवहूति था। अत्रि को अनुसूया से एक पुत्र जन्मा जिसका नाम दत्तात्रेय था। अत्रि-दंपति की तपस्या और त्रिदेवों की प्रसन्नता के फलस्वरूप विष्णु के अंश से ...
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एक जमान था जब भावातीत ध्यान की बहुत धूम थी। भावातीत ध्यान को लेकर पहले लोग इस तरह से जुनूनी हो चले थे कि वे समझते थे कि हमने बहुत बड़ी विद्या प्राप्त कर ली। ऐसी भी अफवाहें थी कि इस ध्यान के माध्यम से लोग हवा में उपर उठ जाते थे। फिर ओशो का जमाना आया ...
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महर्षि महेश योगी का जन्म 12 जनवरी 1918 को छत्तीसगढ़ के राजिम शहर के पास ही स्थित पांडुका गांव में हुआ।
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शारदा देवी (जन्म- 22 सितंबर, 1853, मृत्यु- 20 जुलाई, 1920) रामकृष्ण परमहंस की जीवन संगिनी थीं। रामकृष्ण परमहंस ने शारदा देवी को आध्यात्मिक ज्ञान दिया और देवी शारदा बाद में मां शारदा बन गईं। 1888 ई. में परमहंस के निधन के बाद उनके रिक्त स्थान पर ...
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स्वामी विवेकानंद के बारे में भारत के युवा कितना जानते हैं? शायद बहुत कम या शायद बहुत ज्यादा? आओ जानते हैं 8 पॉइंट में उनके बारे में कुछ खास।
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महापुरुष कृपालु होते हैं, उनका दिल दया से पूर्ण होता है और दुःखियों के दुःख दूर करने के लिए स्वयं को कष्टों में डालते हैं। ऐसे ही एक महापुरुष गुरु गोकुल दास का जन्म 6 जनवरी 1907 को उत्तरप्रदेश के बेलाताल गांव में हुआ था।
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संत गाडगे बाबा के जीवन का एकमात्र ध्येय था- लोक सेवा। दीन-दुखियों तथा उपेक्षितों की सेवा को ही वे ईश्वर भक्ति मानते थे। धार्मिक आडंबरों का उन्होंने प्रखर विरोध किया।
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ओशो रजनीश का जन्म 11 दिसम्बर, 1931 को कुचवाड़ा गांव, बरेली तहसील, जिला रायसेन, राज्य मध्यप्रदेश में हुआ था। उन्हें जबलपुर में 21 वर्ष की आयु में 21 मार्च 1953 मौलश्री वृक्ष के नीचे संबोधि की प्राप्ति हुई। 19 जनवरी 1990 को पूना स्थित अपने आश्रम में ...
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बंगाल के महान क्रांतिकारियों में से एक महर्षि अरविंद देश की आध्यात्मिक क्रां‍ति की पहली चिंगारी थे। उन्हीं के आह्वान पर हजारों बंगाली युवकों ने देश की स्वतंत्रता के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदों को चूम लिया था।
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भारत में खगोलशास्त्र के सूत्र हमें ऋग्वेद में देखने को मिलते हैं। वैदिककाल में भी कई खगोलशास्त्री हुए हैं जिनके ज्ञान को ही बाद के वैज्ञानिकों ने आगे बढ़ाया। आर्यभट्ट के अलावा, भास्कराचार्य (जन्म- 1114 ई., मृत्यु- 1179 ई.), बौद्धयन (800 ईसापूर्व), ...
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महाराजा चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के काल के प्रसिद्ध खगोलशास्त्री और गणितज्ञ आर्यभट्ट (सन् 476) के अलावा भास्कराचार्य और बौद्धयन भी गणित में महारत रखते थे। आर्यभट्ट के जन्मकाल को लेकर जानकारी उनके ग्रंथ आर्यभट्टीयम से मिलती है। इसी ग्रंथ में उन्होंने ...
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कृष्णमूर्ति का जन्म 12 मई 1895 में आंध्रप्रदेश के मदनापाली में मध्‍यवर्ग परिवार में हुआ। कृष्णमूर्ति के विचारों के जन्म को उसी तरह माना जाता है जिस तरह की एटम बम का अविष्कार के होने को। कृष्णमूर्ति अनेकों बुद्धिजीवियों के लिए रहस्यमय व्यक्ति तो थे ...
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21 नवंबर को राज राजेश्वर भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन की जयंती है। उनकी जयंती प्रतिवर्ष कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाती है।
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शुक्राचार्य का नाम तो सभी ने सुना होगा। वे दैत्य अर्थात असुरों के गुरु थे। उनकी ख्‍याति दूर-दूर तक फैली थी। आओ जानते हैं उनके बारे में 10 रोचक जानकारी।
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बहुत कम लोग जानते हैं कि भाद्रपद मास की शुक्ल अष्टमी से लेकर श्राद्ध की अष्टमी तक महालक्ष्मी के विशेष आशीष बरसते हैं। ये नाम आपको धन-धान्य, सुख-संपत्ति, वैभव, कीर्ति, ऐश्वर्य, सौभाग्य की प्राप्ति देंगे।
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एक बार लोकहित के लिए कठोर तपस्या कर रहे महर्षि दधीचि के तप के तेज से तीनों लोक आलोकित हो उठे, लेकिन इन्द्र के चेहरे का तेज जाता रहा, क्योंकि उसे लगा
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भारत में आजादी के आंदोलन में नरम दल और गरम दल से जुड़े नेताओं को ही स्वतं‍त्रता दिवस पर याद किया जाता है परंतु यह बहुत कम ही लोग जानते हैं कि आजादी की अलख जनाने वाले हमारे कई संत थे जिन्होंने सामाजिक उत्थान और आंदोलन के साथ ही स्वतंत्रता आदोलन में ...
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27 जुलाई 2020, सोमवार को गोस्वामी तुलसीदास की जयंती है। उनका अवतरण श्रावण शुक्ल पक्ष की सप्तमी को हुआ था।
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आजकल तो कोई भी व्यक्ति किसी को भी गुरु बनाकर उसकी घर में बड़ीसी फोटो लगाकर पूजा करने लगा है और ऐसा वह इसलिये करता है क्योंकि वह भी उसी गुरु की तरह गुरु घंटाल होता है। कथावाचक भी गुरु है और दुष्कर्मी भी गुरु हैं। आश्रम के नाम पर भूमि हथियाने वाले भी ...
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