biodatamaker

वीर तेजाजी महाराज के संबंध में 10 रोचक बातें

Written By WD Feature Desk
Updated: शुक्रवार, 23 फ़रवरी 2024 (11:20 IST)
Veer Teja jee Maharaj 
 
HIGHLIGHTS
 
• तेजाजी महाराज की जयंती कब मनाई जाती है।
• माघ शुक्ल चतुर्दशी के दिन जन्मे थे तेजाजी महाराज।
• तेजाजी की याद में खरनाल गांव में मेले का आयोजन होता है।

ALSO READ: संत गाडगे बाबा की जयंती, जानें उनकी 10 शिक्षाएं
 
1. Veer Teja ji : लोकदेवता तेजाजी महाराज की जयंती तिथि के अनुसार माघ शुक्ल चतुर्दशी को मनाई जाती है। 
 
2. वीर तेजाजी महाराज सबके परम आराध्य, गौ रक्षक, सत्यवादी और प्रात: स्मरणीय लोकदेवता के रूप में जाने जाते हैं। 
 
3. तेजाजी महाराज का जन्म विक्रम संवत 1243 के माघ सुदी चौदस को नागौर जिले के खरनाल में एक जाट घराने में हुआ था। कहीं-कहीं उनका जन्म का उल्लेख माघ शुक्ल चौदस, संवत 1130 यथा 29 जनवरी 1074 को भी मिलता है। वंशावली के अनुसार तेजाजी का जन्म राजपूत परिवार में होने के संबंध में भी जानकारी दी जाती हैं। उनके पिता का नाम कुंवर ताहड़जी गांव के मुखिया थे और माता का नाम राम कंवर था। बचपन से ही वीर तेजाजी के साहसिक कारनामों से लोग आश्चर्यचकित रह जाते थे। वे बालपन से ही वीर, साहसी एवं अवतारी पुरुष थे। 
 
4. दंत कथाओं के अनुसार तेजाजी महाराज के चार से पांच भाई बताए गए हैं, जबकि वंशावली के अनुसार तेजाजी तेहड़जी के एक ही पुत्र थे तथा तीन पुत्रियां कल्याणी, बुंगरी व राजल थी। 
 
5. मान्यतानुसार वीर तेजाजी शिव जी की उपासना और नाग देवता की कृपा से ही जन्मे थे। 
 
6. तेजाजी का मुख्य मंदिर खरनाल में हैं। उनकी जयंती और निर्वाण दिवस पर शोभायात्रा तथा भंडारे के आयोजन किए जाते हैं। 
 
7. वीर तेजाजी जो कि राजस्थान के एक लोक देवता हैं, उन्हें भगवान शिव के प्रमुख ग्यारह (11) अवतारों में से एक माना जाता है। साथ ही उन्हें राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा आदि राज्यों में देवता के रूप में पूजा जाता है। जाट घराने में जन्मे तेजाजी को जाति व्यवस्था का विरोधी भी माना जाता है। 
 
8. वीर तेजाजी की कथा के अनुसार युवा होने पर राजकुमार तेजा की शादी सुंदर गौरी से हुई। एक बार अपने साथी के साथ तेजा अपनी बहन पेमल को लेने उनकी ससुराल जाते हैं। बहन पेमल की ससुराल जाने पर वीर तेजा को पता चलता है कि मेणा नामक डाकू अपने साथियों के साथ पेमल की ससुराल की सारी गायों को लूट ले गया। वीर तेजा अपने साथी के साथ जंगल में मेणा डाकू से गायों को छुड़ाने के लिए जाते हैं।
 
रास्ते में एक बांबी के पास भाषक नामक नाग/ सर्प घोड़े के सामने आ जाता है एवं तेजा को डसना चाहता है। वीर तेजा उसे रास्ते से हटने के लिए कहते हैं, परंतु भाषक नाग रास्ता नहीं छोड़ता। तब तेजा उसे वचन देते हैं- 'हे भाषक नाग, मैं मेणा डाकू से अपनी बहन की गायें छुड़ा लाने के बाद वापस यहीं आऊंगा, तब मुझे डस लेना, यह तेजा का वचन है।' तेजा के वचन पर विश्वास कर भाषक नाग रास्ता छोड़ देता है।
 
जंगल में डाकू मेणा एवं उसके साथियों के साथ वीर तेजा भयंकर युद्ध कर उन सभी को मार देते हैं। उनका पूरा शरीर घायल हो जाता है। ऐसी अवस्था में अपने साथी के हाथ गायें बहन पेमल के घर भेजकर वचन में बंधे तेजा भाषक नाग की बांबी की ओर जाते हैं। घोड़े पर सवार पूरा शरीर घायल अवस्था में होने पर भी तेजा को आया देखकर भाषक नाग आश्चर्यचकित रह जाता है। 
 
वह तेजा से कहता है- 'तुम्हारा तो पूरा शरीर कटा-पिटा है, मैं दंश कहां मारूं?' तब वीर तेजा उसे अपनी जीभ बताकर कहते हैं- 'हे भाषक नाग, मेरी जीभ सुरक्षित है, उस पर डस लो।' वीर तेजा की वचनबद्धता देखकर भाषक नाग उन्हें आशीर्वाद देते हुए कहता है- 'आज के दिन यानी भाद्रपद शुक्ल दशमी से पृथ्वी पर कोई भी प्राणी, जो सर्पदंश से पीड़ित होगा, उसे तुम्हारे नाम की तांती बांधने पर जहर का कोई असर नहीं होगा।' उसके बाद भाषक नाग घोड़े के पैरों पर से ऊपर चढ़कर तेजा की जीभ पर दंश मारता है। उस दिन से ही तेजादशमी पर्व मनाने की परंपरा जारी है। 
 
9. वीर तेजाजी महाराज को लोग सर्प दंश को दूर करने वाले देवता के तौर पर पूजते हैं। मान्यतानुसार सर्प दंश या सांप के काटने के बाद जो लोग वीर तेजाजी को याद करते या उनके मंदिर जाते हैं, वह ठीक हो जाते हैं।
 
10. प्रतिवर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को तेज दशमी पर्व मनाया जाता है, इस दिन उनका निर्वाण हो गया था। अत: भारत के अनेक प्रांतों में तेजादशमी का पर्व आस्था, श्रद्धा एवं विश्वास के प्रतीकस्वरूप मनाया जाता है।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित  वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

ALSO READ: विजया एकादशी व्रत की पौराणिक कथा
लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

सूर्य का अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश: 5 राशियों के करियर, नौकरी और व्यापार में आएगी बड़ी तरक्की

श्रावण मास 2026: इन शुभ दिनों में करें रुद्राभिषेक, शिव कृपा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (1 अगस्त, 2026)

01 August Birthday: आपको 1 अगस्त, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 01 अगस्त 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

अगला लेख