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आषाढ़ गुप्त नवरात्रि : इन खास 17 पूजन सामग्री से देवी मां होंगी प्रसन्न, पढ़ें सूची

बुधवार,जून 23, 2021
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हिन्दू कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन माह अंतिम माह होता है इसके बाद चैत्र माह वैशाख, ज्येष्ठ और फिर आषाढ़। इस बार आषाढ़ का प्रारंभ अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 25 जून 2021 शुक्रवार को प्रारंभ होगा और 24 जुलाई शनिवार 2021 गुरु पूर्णिाम तक रहेगा। आओ जानते ...
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सती, सावित्री, सीता एवं अनुसुइया जैसे नारी चरित्र जो हजारों वर्षों से भारतीय समाज के समक्ष आदर्श बने रहे हैं, क्या धर्म-निरपेक्षता के इस युग में आकर नकार दिए जाने चाहिए ? क्या ये पौराणिक युग के नारी चरित्र भारतीय नारियों की कमजोरी के प्रतीक हैं ?
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पौराणिक, प्रामाणिक एवं प्रचलित वट सावित्री व्रत कथा के अनुसार सावित्री के पति अल्पायु थे, उसी समय देव ऋषि नारद आए और सावित्री से कहने लगे की तुम्हारा पति अल्पायु है।
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वर्ष में दो बार वट सावित्री का व्रत रखा जाता है। पहला ज्येष्ठ माह की अमावस्या को और दूसरा ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा को। लेकिन सवाल यह है कि यह व्रत दो बार क्यों रखा जाता है?
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ज्येष्ठ पूर्णिमा 2021 - ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि 24 जून को है। इस तिथि को जेठ पूर्णिमा या जेठ पूर्णमासी कहा जाता है। हिन्दू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है।
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ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन वट पूर्णिमा व्रत करने की परंपरा है। विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए यह व्रत करती हैं। इस व्रत के प्रभाव से महिलाओं को पति की दीर्घायु और सुखी वैवाहिक जीवन की प्राप्ति होती है।
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इस वर्ष 11 जुलाई 2021, रविवार से आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का प्रारंभ हो रहा है। आषाढ़ नवरात्रि जून-जुलाई के महीने में आती हैं। आषाढ़ और माघ मास की नवरात्रि गुप्त नवरात्रि के नाम से जानी जाती है।
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ज्येष्ठ मास का चौथा बड़ा मंगल 22 जून 2021, दिन मंगलवार को मनाया जा रहा है। यह अंतिम बड़ा मंगल है। आज के दिन जिन्हें भगवान शिव जी का रुद्र अवतार और कलयुग के साक्षात् देवता माना जाता है
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इस बार ज्येष्ठ मास में शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी का व्रत 22 जून 2021, दिन मंगलवार को भौम प्रदोष व्रत रखा जाएगा। मंगल ग्रह का ही एक अन्य नाम भौम है। यह व्रत हर तरह के कर्ज से छुटकारा दिलाता है।
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हिन्दू धर्म में आषाढ़ मास में पड़ने वाली हलहारिणी अमावस्या का बहुत माना जाता है। इस वर्ष शुक्रवार, 9 जुलाई 2021 को हलहारिणी अमावस्या मनाई जाएगी।
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हर वर्ष ज्येष्ठ माह की द्वादश प्रदोष को पचमढ़ी में बड़ा महादेव पूजन दिवस मनाया जाता है। इस दिन महादेव की विशेष पूजा की जाती है। अंग्रेंजी कैलेंडर के अनुसार 22 जून मंगलवार को बड़ा महादेव पूजन होगा। आओ जानते हैं इस संबंध में कुछ खास।
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मंगलवार के दिन प्रदोष तिथि हो तो अति उत्तम, क्योंकि प्रदोष तिथि शिव जी की प्रिय तिथि है।
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21 जून 2021 को निर्जला एकादशी है। एकादशी के दिन विष्णुजी की विशेष पूजा की जाए तो अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन पर वेबदुनिया की तरफ से विशेष सामग्री,महत्व,मुहूर्त, कथा,दान और उपाय संबंधी खास जानकारियां....
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पांडव पुत्र भीम के लिए कोई भी व्रत करना कठिन था, क्योंकि भूखे रहना उनके लिए संभव न था। लेकिन वे एकादशी व्रत करना चाहते थे।
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21 जून 2021 को निर्जला एकादशी है। इस दिन प्रातःकाल से लेकर दूसरे दिन द्वादशी की प्रातःकाल तक उपवास करने की अनुशंसा की गई है। दूसरे दिन जल कलश का विधिवत पूजन किया जाता है। तत्पश्चात कलश को दान में देने का विधान है। इसके बाद ही व्रती को जलपान, ...
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अगर कोई व्यक्ति पूरे साल की एकादशी पर व्रत नहीं करता है तो उसे निर्जला एकादशी पर विशेष उपाय और व्रत कर लेना चाहिए। आइए जानते हैं इस दिन क्या उपाय करने से कामना पूरी होती है...
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21 जून 2021 को निर्जला एकादशी है। एकादशी के दिन विष्णुजी की विशेष पूजा की जाए तो अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन कुछ विशेष चीजें दान करने से दुर्भाग्य दूर हो जाता है। आइए जानते है क्या हैं वे चीजें:
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माह में 2 एकादशियां होती हैं अर्थात आपको माह में बस 2 बार और वर्ष के 365 दिनों में मात्र 24 बार ही नियमपूर्वक एकादशी व्रत रखना है। हालांकि प्रत्येक तीसरे वर्ष अधिकमास होने से 2 एकादशियां जुड़कर ये कुल 26 होती हैं। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी ...
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इस वर्ष 21 जून 2021 को ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी के दिन 'निर्जला एकादशी' व्रत रखा जाएगा।
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