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पुत्रदा एकादशी 2021: 24 जनवरी को Putrada Ekadashi, जानें महत्व, शुभ मुहूर्त एवं व्रत-पूजन

शनिवार,जनवरी 23, 2021
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भगवान श्रीकृष्ण बोले- हे राजन! इस एकादशी का नाम पुत्रदा एकादशी है। इसमें भी नारायण भगवान की पूजा की जाती है। इस चर और अचर संसार में पुत्रदा एकादशी के व्रत के
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हिन्दू धर्म के अनुसार एकादशी व्रत करने की इच्छा रखने वाले मनुष्य को दशमी के दिन से ही कुछ अनिवार्य नियमों का पालन करना चाहिए।
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अगर प्रतिदिन कोई मंत्र न पढ़ सकें तो कम से कम किसी खास अवसर पर या जैसे एकादशी या गुरुवार के दिन भगवान विष्णु का स्मरण कर 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करना
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एकादशी पर श्री विष्णु पूजन का विशेष महत्व है। यह चालीसा विष्‍णु जी को प्रिय है। एकादशी पर श्री विष्णु चालीसा का पाठ पढ़ने
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यह आरती करने से श्री हरि विष्णु प्रसन्न होकर खुशहाल जीवन का आशीर्वाद देते हैं। यहां पढ़ें ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे...
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माह में 2 एकादशियां होती हैं अर्थात आपको माह में बस 2 बार और वर्ष के 365 दिनों में मात्र 24 बार ही नियमपूर्वक एकादशी व्रत रखना है। हालांकि प्रत्येक तीसरे वर्ष अधिकमास होने से 2 एकादशियां जुड़कर ये कुल 26 होती हैं। आओ जानते हैं कि किस माह में आती है ...
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ब्रह्मपुराण के अनुसार बाल्यकाल से ही शनिदेव भगवान श्रीकृष्ण के अनन्य भक्त थे। वे भगवान श्रीकृष्ण के अनुराग में निमग्न रहा करते थे। युवावस्था में उनके पिताश्री ने उनका विवाह चित्ररथ
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प्रत्येक माह में दो एकादशी आती है। पौष में सफला एवं पुत्रदा एकादशी आती है। इस साल पुत्रदा एकादशी व्रत 24 जनवरी 2021 रविवार को है। प्रतिवर्ष पौष मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली पुत्रदा एकादशी का व्रत खासकर पुत्र की प्राप्ति और उसके सुख के लिए रखा जाता ...
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Shani mantra : शनिदेव के पौराणिक मंत्र

शुक्रवार,जनवरी 22, 2021
शनि भगवान के शीश पर स्वर्ण मुकुट, गले में माला तथा शरीर पर नीले रंग के वस्त्र सुशोभित हैं। शनिदेव गिद्ध पर सवार रहते हैं। हाथों में क्रमश: धनुष, बाण, त्रिशूल और वरमुद्रा धारण करते हैं।
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हनुमान जी के पिता वानरराज केसरी कपि क्षेत्र के राजा थे। हरियाणा का कैथल पहले कपिस्थल हुआ करता था। कुछ लोग इसे ही हनुमान जी की जन्म स्थली मानते हैं।
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शनिवार का दिन भगवान बजरंगबली को समर्पित है। इस दिन इन 5 मंत्रों से किया जा सकता है पवनपुत्र को प्रसन्न....
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जे जे श्री शकुंभारी माता। हर कोई तुमको सिष नवता।। गणपति सदा पास मई रहते। विघन ओर बढ़ा हर लेते।।
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जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता। अपने सेवक जन की सुख सम्पति दाता ।।
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माना जाता है कि यह कथा पढ़े बिना संतोषी माता का व्रत अधूरा होता है। संतोषी माता व्रत की पौराणिक कथा के अनुसार एक बुढ़िया थी। उसका एक ही पुत्र था।
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मां गायत्री देवी की स्तुति में लिखी गई चालीस चौपाइयों की एक रचना है 'गायत्री चालीसा'
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21 जनवरी 2021, गुरुवार से शाकंभरी नवरात्रि का पर्व शुरू हो गया है। यह पर्व 28 जनवरी, गुरुवार तक मनाया जाएगा। मान्यता के अनुसार पौष मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी से पूर्णिमा तक शाकंभरी नवरात्रि मनाई जाती है।
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आइए जानते हैं कि हर दिन के अनुसार बजरंबली का भोग क्या है?
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इस साल पुत्रदा एकादशी व्रत 24 जनवरी 2021, रविवार को मनाया जा रहा है। हिन्दू पंचांग के अनुसार प्रतिवर्ष पौष मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है।
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वैसे तो वर्ष भर में चार नवरात्रि मानी गई है, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष में शारदीय नवरात्रि, चैत्र शुक्ल पक्ष में आने वाली चैत्र नवरात्रि, तृतीय और चतुर्थ नवरात्रि माघ और आषाढ़ माह में मनाई जाती है। परंतु तंत्र-मंत्र के साधकों को अपनी सिद्धि के लिए ...
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