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अधिक मास में 2 महत्वपूर्ण एकादशियां, जानिए लाभ

बुधवार,सितम्बर 23, 2020
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तांत्रिकों की देवी तारा माता को हिन्दू और बौद्ध दोनों ही धर्मों में पूजा जाता है। तिब्‍बती बौद्ध धर्म के लिए भी हिन्दू धर्म की देवी 'तारा' का काफी महत्‍व है। नवरात्रि में माता तारा की पूजा और साधना करना बहुत ही पुण्य फलदायी और जीवन को पलटने वाला ...
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विष्णु जी का अपने भक्तों के बीच एक सरल और प्रचलित नाम है 'नारायण' और इसी नाम से जुड़कर ही विष्‍णु जी के अन्य कई नाम जैसे लक्ष्मीनारायण, शेषनारायण और अनंतनारायण आदि बने हैं।
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नवरात्रों में गरबे की धूम क्या होती है, यह बात किसी से छुपी नहीं है, वहीं कोरोना काल में इस खास अवसर को लोग घरों में सेलेब्रेट करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं, क्योंकि सेहत के मामले में किसी बात की कोई कोताही नहीं। वहीं गरबे की प्रैक्टिस के दौरान ...
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पुरुषोत्तम मास में पूरे माह तक प्रतिदिन भगवान श्रीविष्णु की यह आरती करने से हरि प्रसन्न होकर खुशहाल जीवन का वरदान देते हैं। यहां पढ़ें आरती...
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हिंदू धर्म में हनुमान चालीसा का बड़ा ही महत्व है। इस चालीसा को पढ़ते रहने से व्यक्ति के मन में साहस, आत्मविश्वास और पराक्रम का संचार होता है। इसके कारण ही वह संसार पर विजय प्राप्त कर लेता है।
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हनुमानजी बहुत ही जागृत देव हैं और वे सभी युगों में साक्षात विद्यमान हैं। वे बहुत ही जल्द प्रसन्न होने वाले देवता हैं। उनकी कृपा आप पर निरंतर बनी रहे। आओ जानते हैं कि किन बातों और संकेतों से पता चलेगा कि रामदूत हनुमानजी की हम पर कृपा है या वह हमसे ...
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सभी देवताओं ने हनुमानजी को वरदान दिए। इन वरदानों से ही हनुमानजी परम शक्तिशाली बन गए। आइए जानते हैं 8 शुभ वरदान कौन से हैं...
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श्री हनुमान अद्भुत शक्तियों व गुणों के स्वामी हैं। बजरंगबली का यह शुभ मंत्र, साल भर स्वस्थ, प्रसन्न और संपन्न रखता है।
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लॉकडाउन के चलते वर्तमान समय में लोगों के मन में शंका, भय, निराशा, अनिश्‍चितता, क्रोध और कई तरह की मानसिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। चिकित्सा विज्ञान कहता है कि भय और क्रोध हमारे इम्यून सिस्टम को प्रभावित करता है। इम्यून सिस्टम का संतुलन बिगड़ने से ...
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दिवाली या दीपावली हिन्दू धर्म का प्रमुख त्योहार है। यह 5 दिवसीय पर्व है, जो धनतेरस से भाई दूज 5 दिनों तक चलता है। दिवाली अंधकार पर प्रकाश की विजय को दर्शाता पर्व है।
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हिन्दू धर्म में उपवास का बहुत महत्व है। आपको तय करना चाहिए कि आपको किस तरह के उपवास रखना चाहिए। एकादशी, प्रदोष, चतुर्थी, सावन सोमवार या नवरात्रि आदि। यदि आप चाहते हैं कि में नवरात्रियों के ही उपवास रखूं तो यह वर्ष में 36 होते हैं। यह बहुत ही ...
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नवरात्र उत्सव में श्रृंगार का बहुत खास महत्व होता है, वहीं जब बात होती है गरबे कि तो इसका महत्व और बढ़ जाता है। कोरोना काल में सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए लोग भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूरी बनाए हुए हैं ताकि इस संक्रमण से बचा जा सके। लेकिन आप ...
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नवरात्र उत्सव में श्रृंगार का अपना ही एक अलग महत्व है, वहीं गरबे में भाग लेने का क्रेज हर उम्र के लोगों में देखा जाता है चाहे वह बच्चा हो, युवा हो या बुजुर्ग सभी में गरबे को लेकर उत्साह बहुत अधिक होता है। लेकिन कोरोना काल में इस उत्सव को उस तरह से ...
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जो मनुष्य अधिकमास में केवल एक बार श्रीकृष्ण के गुणों में प्रेम करने वाले अपने चित्त को श्रीकृष्ण के चरण कमलों में लगा देते हैं, वे पापों से छूट जाते हैं, फिर उन्हें पाश हाथ में लिए हुए यमदूतों के दर्शन स्वप्न में भी नहीं होते।
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अधिक मास में करें श्री कृष्णस्तोत्र वाचन- रक्ष रक्ष हरे मां च निमग्नं कामसागरे। दुष्कीर्तिजलपूर्णे च दुष्पारे बहुसंकटे॥1॥ भक्तिविस्मृतिबीजे च विपत्सोपानदुस्तरे। अतीव निर्मलज्ञानचक्षुः-प्रच्छन्नकारणे॥2॥
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आश्विन माह और अधिक मास में आनेवाली श्री विनायक चतुर्थी 20 सितंबर 2020, रविवार को पड़ रही है। इस दिन विघ्नहर्ता श्री गणेश जी की विधि विधान से पूजा की जाती है।
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पौराणिक शास्त्रों के अनुसार पुरुषोत्तम (अधिक) मास में भगवान श्रीहरि व शिव जी, रामभक्त हनुमान का पूजन करना अत्यंत फलदायी है।
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प्रतिदिन प्रात:शुद्ध होकर गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करने से गणेश जी की कृपा अवश्य प्राप्त होती है।
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भगवान श्री गणेश की पूजा के बिना हिंदू धर्म में कोई भी पूजा पूरी नहीं मानी जाती। गणेशोत्सव के दिनों में इन आरतियों से करें भगवान श्री गणेश को प्रसन्न। यहां आपके लिए प्रस्तुत हैं गणेश जी की 3 विशेष आरतियां...
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