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महाशिवरात्रि 2021 : मनोवांछित फल के लिए इस दिन क्या चढ़ाएं शिव जी को

रविवार,मार्च 7, 2021
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महाशिवरात्रि पर जन्‍म लेने वाले बच्‍चों में जो पुत्र होते हैं, वे योग्य साबित होते हैं। पुत्रियां भी यश कमाती हैं। इस दिन जन्मे बच्चे अचल और चल संपत्ति की प्राप्ति करते हैं
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'अभिषेक' शब्द का शाब्दिक अर्थ है स्नान करना या कराना। 'रुद्राभिषेक' का अर्थ है भगवान रुद्र का अभिषेक।
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शिवरात्रि का अर्थ होता है, वह रात्रि जो आनंद प्रदायिनी है और जिसका शिव के साथ विशेष संबंध है। शिवरात्रि, जो फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को है, उसमें शिव पूजा, उपवास और रात्रि जागरण का प्रावधान है। इस महारात्रि को शिव की पूजा करना सचमुच एक महाव्रत है।
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फाल्गुन कृष्ण एकादशी के दिन विजया एकादशी मनाई जा जाती है। इस बार 9 मार्च 2021, मंगलवार को यह एकादशी मनाई जाएगी। इस दिन व्रत-उपवास रखकर औ
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माह में 2 एकादशियां होती हैं अर्थात आपको माह में बस 2 बार और वर्ष के 365 दिनों में मात्र 24 बार ही नियमपूर्वक एकादशी व्रत रखना है। हालांकि प्रत्येक तीसरे वर्ष अधिकमास होने से 2 एकादशियां जुड़कर ये कुल 26 होती हैं। माघ माह में जया एवं फाल्गुन में ...
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इस बार 22 मार्च 2021 से 28 मार्च 2021 तक होलाष्टक रहेगा। इस वर्ष होलिका दहन 28 मार्च को किया जाएगा और इसके बाद अगले दिन रंगों वाली होली खेली जाएगी। आओ जानते हैं होलाष्‍टक की पौराणिक कथा।
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आप यह तो जानते ही होंगे कि महाराष्ट्र के एक गांव शनि शिंगणापुर में शनिदेव का सिद्ध स्थान है। यह बहुत ही चमरिक स्थान है। इसी तरह मध्यप्रदेश के ग्वालियर के पास स्थित है शनिश्चरा मन्दिर। इसके बारे में किंवदंती है कि यहां हनुमानजी के द्वारा लंका से ...
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हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को माता सीता का जन्म दिवस मनाया जाता जिसे सीता अष्टमी कहते हैं। इस वर्ष सीता अष्टमी तिथि 6 मार्च 2021 को पड़ रही है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को सीता जी प्रकट ...
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उत्तम विमानों में बैठे हुए इन्द्र, रुद्र, कुबेर और वरुण द्वारा पुष्पवृष्टि के अनंतर जिनके चरणों की भली-भांति स्तुति की गई है, उन श्रीराम की प्यारी पत्नी श्रीसीता माता की मैं मन में भावना करता हूं।
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इस वर्ष 2021 में सीता अष्टमी का पर्व 6 मार्च को मनाया जा रहा है। मत-मतांतर के चलते यह पर्व 7 मार्च को भी मनाया जा सकता है। इसे जानकी जयंती (Janaki Jayanti) के नाम से भी जाना जाता है।
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अगर प्रतिदिन कोई मंत्र न पढ़ सकें तो कम से कम किसी खास अवसर पर या जैसे एकादशी या गुरुवार के दिन भगवान विष्णु का स्मरण कर 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करना
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श्री जानकी स्तुति- भई प्रगट कुमारी भूमि-विदारी जनहितकारी भयहारी। अतुलित छबि भारी मुनि-मनहारी जनकदुलारी सुकुमारी।।
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Sita Mata Ji Ki Aarti : सीता माता की आरती

शुक्रवार,मार्च 5, 2021
माता सीता की आरती- आरति श्रीजनक-दुलारी की
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माता सीता को लक्ष्मी का अवतार माना जाता है जिनका विवाह अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र और स्वंय भगवान विष्णु के अवतार भगवान श्रीराम से हुआ था। विवाह के उपरांत माता सीता को भगवान राम के साथ 14 साल का वनवास झेलना पड़ा।
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प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि या मासिक शिवरात्रि कहा जाता है। इसे ही प्रदोष भी कहा जाता है। जब यही प्रदोष श्रावण माह में आता है तो उसे वर्ष की मुख्‍य शिवरात्रि माना जाता है। दूसरी ओर फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी पर पड़ने वाली ...
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फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी से लेकर पूर्णिमा ​तिथि तक होलाष्टक माना जाता है। होलाष्टक होली दहन से पहले के 8 दिनों को कहा जाता है। इस बार 22 मार्च 2021 से 28 मार्च 2021 तक होलाष्टक रहेगा। इस वर्ष होलिका दहन 28 मार्च को किया जाएगा और इसके बाद ...
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श्री जानकी स्तुति - जानकि त्वां नमस्यामि सर्वपापप्रणाशिनीम्। जानकि त्वां नमस्यामि सर्वपापप्रणाशिनीम्।।1।।
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12 ज्योतिर्लिगों में से 9वां ज्योतिर्लिंग स्थित है झारखंड के देवघर नामक स्थान पर। इस ज्योतिर्लिंग की प्रसिद्ध बाबा बैजनाथ ने काम से है। इसे वैद्यनाथ धाम भी कहा जाता है। महाशिवरात्रि के समय यहां पर विशेष उत्सव रहता है और बाबा की जयंती बनाई जाती है। ...
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प्रत्येक मनुष्य में शिव तत्व उपस्थित है और इसे शिव के प्रति अनुराग, भक्ति एवं आराधना से जागृत किया जा सकता है।
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