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गंगा दशहरा कब है, क्या है इस दिन का महत्व, घर बैठे कर सकते हैं गंगाजल के 10 प्रयोग

बुधवार,मई 18, 2022
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वट सावित्री व्रत करने से पति दीर्घायु और परिवार में सुख शांति आती है। पुराणों के अनुसार वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु व महेश तीनों का वास है। इस व्रत में बरगद वृक्ष चारों ओर घूमकर सौभाग्यवती स्त्रियां रक्षा सूत्र बांधकर पति की लंबी आयु की कामना करती ...
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वट सावित्री व्रत 2022 : अमावस्या और पूर्णिमा के दिन मनाया जाने वाला यह व्रत सौभाग्य और संतान प्राप्ति में सहायता देने वाला माना गया है। आइए जानते हैं सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य देने वाले वट वृक्ष की विशेषताएं -
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25 एकादशी व्रतों में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण एकादशी होती है- "निर्जला-एकादशी", जिसे "भीमसेनी" एकादशी भी कहा जाता है। निर्जला एकादशी का व्रत ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को होता है। इस वर्ष यह "निर्जला एकादशी" का व्रत 10 जून 2022 को है।
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Apara Ekadashi 2022: वर्ष 2022 में 26 मई, दिन गुरुवार को अपरा या अचला एकादशी मनाई जाएगी। अपरा एकादशी को जलक्रीड़ा एकादशी, भद्रकाली तथा अचला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।यह एकादशी हर तरह के पापों को मिटाने में सक्षम मानी गई है।
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प्रत्येक माह में दो चतुर्थी होती है। इस तरह 24 चतुर्थी और प्रत्येक तीन वर्ष बाद अधिमास की मिलाकर 26 चतुर्थी होती है। सभी चतुर्थी की महिमा और महत्व अलग-अलग है। आओ जानते हैं चतुर्थी का व्रत करने के 5 लाभ।
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वर्ष 2022 में वट सावित्री व्रत यानी वट सावित्री अमावस्या (Vat Savitri Vrat 2022) 30 मई 2022, दिन सोमवार को रखा जा रहा है। मत मतांतर से इसे 29 को भी रखा जा रहा है। यह व्रत हर साल ज्येष्ठ माह की अमावस्या के दिन रखा जाता है।
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ज्येष्‍ठ माह के कृष्‍ण पक्ष की द्वितीया को नारद जयंती मनाई जाती है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस बार 17 मई 2022, दिन मंगलवार को यह जयंती मनाई जाएगी। आओ जानते हैं महत्व, मंत्र और मुहूर्त।
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भगवान बुद्ध भारत की सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर है। उनका समग्र जीवन दर्शन मानवीय कल्याण के हितार्थ ज्ञान की खोज के लिए मात्र 29 वर्ष की आयु में परम वैभव के साम्राज्य और सांसारिक सुखों के आकर्षण के परित्याग की पराकाष्ठा है। उनका जन्म 583 ईसा ...
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Chandra Grahan 2022: 16 मई 2022 सोमवार को वैशाख पूर्णिमा के दिन बुद्ध जयंती के साथ ही साल का पहला चंद्रग्रहण है। आओ जानते हैं कि क्या है इस दिन की 10 खास बातें।
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Buddha purnima 2022 : भगवान बुद्ध का जन्म वैशाख माह की पूर्णिमा के दिन हुआ था। इस बार अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 16 मई 2022 को गौतम बुद्ध की जयंती मनाई जाएगी। आओ जानते हैं उनके बारे में 25 रोचक जानकारियां।
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Mahatma Budhh 16 मई 2022 को बुद्ध जयंती है। प्रतिवर्ष वैशाख मास की पूर्णिमा को गौतम बुद्ध की जयंती और उनका निर्वाण दिवस भी मनाया जाता है। इसी दिन भगवान बुद्ध को बुद्धत्व की प्राप्ति हुई थी। यहां जानिए गौतम बुद्ध के बारे में खास जानकारी, एक ही स्थान ...
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इस वर्ष सोमवार, 16 मई को वैशाख पूर्णिमा (Vaishakh Purnima 2022) है। वैशाख पूर्णिमा के दिन पिछले एक महीने से चला आ रहा वैशाख स्नान एवं विशेष धार्मिक अनुष्ठानों की पूर्ण आहूति की जाती है। मंदिरों में हवन-पूजन के बाद वैशाख महात्म्य कथा का परायण किया ...
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गौतम बुद्ध (Gautam Buddha) बौद्ध धर्म के संस्थापक माने जाते हैं। उन्होंने दुनिया को शांति और अहिंसा का पाठ पढ़ाया। यहां पढ़ें भगवान बुद्ध के 12 अनमोल वचन- 12 Buddha quotes
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वैशाख माह की पूर्णिमा का भगवान गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस बार 16 मई 2022 को उनकी जयंती मनाई जाएगी। आओ जानते हैं उनके जन्म से जुड़ी 5 रोचक बातें।
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भगवान गौतम बुद्ध (gautam budhha) को कौन नहीं जानता? भगवान बुद्ध समझदारी से जीवन जीने, सेहत का ध्यान रखने, क्रोध न करने, आध्यात्मिक जीवन जीने और किसी भी तरह की हिंसा न करने तथा जीवन में त्याग को अपनाने की सीख देते हैं।
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kurma jayanti 2022: प्रतिवर्ष वैशाख मास की पूर्णिमा को कूर्म जयंती, बुद्ध जयंती, गोरखनाथ जयंती और महर्षि भृगु की जयंती मनाई जाती है। इस बार अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 15 मई रविवार के दिन कूर्म जयंती मनाई जाएगी। कूर्म का अर्थ होता है कछुआ। श्रीहरि ...
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Shri Narsingh Jayanti 2022: 14 मई 2022 को वैशाख शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी यानी चौदस को भगवान नृसिंह की जयंती मनाई जा रही है। इस दिन श्रीहरि विष्णुजी के आवेश अवतार नृसिंहदेव को प्रसन्न करने के लिए और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए 7 ठंडी और रसीली चीजों ...
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Gautama buddha jayanti 2022 सिद्धार्थ गौतम यानी भगवान गौतम बुद्ध का जीवन दर्शन आज भी प्रासंगिक है। प्रतिवर्ष वैशाख मास में आने वाली पूर्णिमा को ही बुद्ध पूर्णिमा और वैशाख पूर्णिमा कहते हैं। वर्ष 2022 में बुद्ध पूर्णिमा (buddha purnima 2022) 16 मई को ...
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वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी चतुर्दशी को भगवान नृसिंह देव का प्रकटोत्सव मनाया जाता है। इस दिन व्रत रखकर उनकी पूजा करने से सभी तरह के संकट समाप्त हो जाते हैं और व्यक्ति सभी तरह के सुख पाता है। आओ जानते हैं श्री हरि विष्णु के इस अवतार की 10 ...
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