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शुक्रवार, 21 फरवरी 2020 : इन 3 राशियों के रोजगार में आज होगी वृद्धि, रहेगा शुभ समय

गुरुवार,फ़रवरी 20, 2020
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21 फरवरी 2020 : आपका जन्मदिन

गुरुवार,फ़रवरी 20, 2020
अंक ज्योतिष के अनुसार आपका मूलांक तीन आता है। यह बृहस्पति का प्रतिनिधि अंक है। ऐसे व्यक्ति निष्कपट, दयालु एवं उच्च तार्किक क्षमता वाले होते हैं।
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शुभ विक्रम संवत्- 2076, हिजरी सन्- 1440-41, ईस्वी सन्- 2020 अयन- उत्तरायन मास- फाल्गुन पक्ष- कृष्ण संवत्सर नाम- परिधावी ऋतु- वसंत वार- शुक्रवार तिथि (सूर्योदयकालीन)- त्रयोदशी नक्षत्र (सूर्योदयकालीन)- उत्तराषाढ़ा योग (सूर्योदयकालीन)- ...
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भगवान शिव की विश्व में कई विशालकाय प्रतिमाएं हैं, लेकिन नेपाल में जो मूर्ति स्थापित है उससे ऊंची मूर्ति के बारे में अभी तक अज्ञात है। इस मूर्ति को देखा अद्भुत है।
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यूं तो भगवान शिव के कई चमत्कारिक और रहस्यमयी मंदिर है लेकिन हमने खोजें हैं इस महाशिवरात्रि पर आपके लिए 6 खास मंदिर। जानिए उनके बारे में संक्षिप्त जानकारी।
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ज्योतिष शास्त्र में साधना के लिए तीन रात्रि विशेष मानी गई हैं। इनमें शरद पूर्णिमा को मोहरात्रि, दीपावली की कालरात्रि तथा महाशिवरात्रि को सिद्ध रात्रि कहा गया है। इस साल महाशिवरात्रि पर्व शुक्रवार 21 फरवरी को मनाया जाएगा। इस बार महाशिवरात्रि पर ...
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केरल में वैसे तो कई राम मंदिर हैं और कई थे। लेकिन वर्तमान में दो प्रमुख राम मंदिर है। पहला थालास्सेरी में और दूसरा त्रिसूर में। इस संबंध में संक्षिप्त जानकारी।
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पेश है घर पर ही महाशिवरात्रि पूजन की अत्यंत आसान विधि। यह पूजन विधि जितनी आसान है उतनी ही फलदायी भी। भगवान शिव अत्यंत सरल स्वभाव के देवता माने गए हैं अत: उन्हें सरलतम तरीकों से ही प्रसन्न किया जा सकता है।
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चन्द्र ग्रह का धनिष्ठा नक्षत्र के तृतीय चरण और शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद तथा रेवती नक्षत्र के चारों चरणों में भ्रमण काल पंचक काल कहलाता है।
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इस बार महाशिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग इसे महत्वपूर्ण बना रहा है। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस बार 21 फरवरी 2020 पर महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाएगा।
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गृहस्थ सुख का अर्थ यह कि वैवाहिक जीवन में रहकर सभी तरह के सुख भोगना। यह संभव होता है शुक्र की अच्छी स्थिति से। शुक्र, भोग-विलास, सांसारिक सुख, प्रेम, मनोरंजक, व्यवसाय, पत्नी का कारक ग्रह है। प्रमेह, मूत्राशय, चर्म, सेक्स संबंधी बीमारी से इसका सीधा ...
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महाशिवरात्रि पर्व की तिथि को लेकर कुछ लोग संशय में हैं। आइए जानते हैं महाशिवरात्रि की सही तिथि क्या है?
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भगवान शिव दुनिया के सभी धर्मों का मूल हैं। शिव के दर्शन और जीवन की कहानी दुनिया के हर धर्म और उनके ग्रंथों में अलग-अलग रूपों में विद्यमान है। भगवान शिव के अनमोल वचनों को 'आगम ग्रंथों' में संग्रहीत किया गया है। आगम का अर्थ ज्ञान अर्जन। पारंपरिक रूप ...
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साड़ी एक गई, मैं दूसरी बना दूंगा। पर तुम्हारी ज़िन्दगी एक बार अहंकार में नष्ट हो गई तो दूसरी कहां से लाओगे तुम? तुम्हारा पश्चाताप ही मेरे लिए बहुत कीमती है।
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भगवान शंकर की कृपा से वर पाने की इच्छा रखने वाली कन्याओं को महाशिवरात्रि की रात भगवान शिव की उपासना किस प्रकार करनी चाहिए?
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शिवपुराण में कार्य, बात, व्यवहार और सोच द्वारा किए गए 12 पाप वर्णित हैं जिसे भगवान शिव कभी क्षमा नहीं करते। ऐसा व्यक्ति हमेशा ही शिव के कोप का भाजन होगा और कभी भी सुखी जीवन व्यतीत नहीं कर सकता।
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शिव महापुराण में भगवान शिव के अनेक अवतारों का वर्णन मिलता है। कहीं कहीं उनके 24 तो कहीं उन्नीस अवतारों के बारे में उल्लेख मिलता है। वैसे शिव के अंशावतार भी बहुत हुए हैं। हालांकि शिव के कुछ अवतार तंत्रमार्गी है तो कुछ दक्षिणमार्गी। भगवान शिव को एक ...
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प्रदोष को प्रदोष कहने के पीछे एक कथा जुड़ी हुई है। संक्षेप में यह कि चंद्र को क्षय रोग था, जिसके चलते उन्हें मृत्युतुल्य कष्टों हो रहा था। भगवान शिव ने उस दोष का निवारण कर उन्हें त्रयोदशी के दिन पुन:जीवन प्रदान किया था अत: इसीलिए इस दिन को प्रदोष ...
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प्रदोष माह में दो बार यानी शुक्ल एवं कृष्ण पक्ष की बारस अथवा तेरस को आता है। प्रदोष का व्रत एवं उपवास भगवान सदाशिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। प्रदोष काल में स्नान करके मौन रहना चाहिए, क्योंकि शिवकर्म सदैव मौन रहकर ही पूर्णता को प्राप्त ...
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हर महीने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। अलग-अलग दिन पड़ने वाले प्रदोष की महिमा अलग-अलग होती है। सोमवार का प्रदोष, मंगलवार को आने वाला प्रदोष और अन्य वार को आने वाला प्रदोष सभी का महत्व और लाभ अलग अलग है। आओ जानते हैं इस ...
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