sundarkand

15 अगस्त से जुड़ी 10 रोचक बातें, जो शायद ही जानते होंगे आप

जानिए स्वतंत्रता दिवस के बारे में ये 10 रोचक तथ्य

Written By WD Feature Desk
Updated: सोमवार, 5 अगस्त 2024 (11:15 IST)
Independence Day 2024: 15 अगस्त 1947 का दिन हर भारतीय के लिए गर्व का दिन है। ये दिन हमें याद दिलाता है कि हमारे देश की आजादी के लिए लाखों वीरों ने संघर्ष किया और उन्हीं के बलिदानों के कारण आज हम आज़ाद भारत में सांस ले रहे हैं।
आज इस लेख में हम स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आपको भारत की आजादी से जुड़ी दस दिलचस्प बातें बताएंगे।ALSO READ: AI से होगी स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की निगरानी, जानिए एंटी ड्रोन सिस्टम के अलावा क्या हैं सुरक्षा के इंतज़ाम
  1. भारत के स्वाधीनता आंदोलन का नेतृत्व महात्मा गांधी ने किया था। लेकिन जब देश को 15 अगस्त, 1947 को आजादी मिली तो वे इसके जश्न में शामिल नहीं हुए। महात्मा गांधी आजादी के दिन दिल्ली से हजारों किलोमीटर दूर बंगाल के नोआखली में थे, जहां वे हिंदुओं और मुसलमानों के बीच सांप्रदायिक हिंसा को रोकने के लिए अनशन पर थे।
 
  1. जब तय हो गया कि भारत 15 अगस्त को आजाद होगा तो जवाहर लाल नेहरू और सरदार वल्लभ भाई पटेल ने महात्मा गांधी को खत भेजा। इस खत में लिखा था, "15 अगस्त हमारा पहला स्वाधीनता दिवस होगा। आप राष्ट्रपिता हैं। इसमें शामिल हो अपना आशीर्वाद दें।"
 
  1. गांधी ने इस खत का जवाब भिजवाया, "जब कलकत्ते में हिंदु-मुस्लिम एक दूसरे की जान ले रहे हैं, ऐसे में मैं जश्न मनाने के लिए कैसे आ सकता हूं। मैं दंगा रोकने के लिए अपनी जान दे दूंगा।"
 
  1. जवाहर लाल नेहरू ने ऐतिहासिक भाषण 'ट्रिस्ट विद डेस्टनी' 14 अगस्त की मध्यरात्रि को वायसराय लॉज (मौजूदा राष्ट्रपति भवन) से दिया था। तब नेहरू प्रधानमंत्री नहीं बने थे। इस भाषण को पूरी दुनिया ने सुना, लेकिन गांधी उस दिन नौ बजे सोने चले गए थे।
 
  1. 15 अगस्त, 1947 को लॉर्ड माउंटबेटन ने अपने दफ्तर में काम किया। दोपहर में नेहरू ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल की सूची सौंपी और बाद में इंडिया गेट के पास प्रिसेंज गार्डेन में एक सभा को संबोधित किया।
 
  1. हर स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय प्रधानमंत्री लाल किले से झंडा फहराते हैं। लेकिन 15 अगस्त, 1947 को ऐसा नहीं हुआ था। लोकसभा सचिवालय के एक शोध पत्र के मुताबिक नेहरू ने 16 अगस्त, 1947 को लाल किले से झंडा फहराया था।
 
  1. भारत के तत्कालीन वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन के प्रेस सचिव कैंपबेल जॉनसन के मुताबिक मित्र देश की सेना के सामने जापान के समर्पण की दूसरी वर्षगांठ 15 अगस्त को पड़ रही थी, इसी दिन भारत को आजाद करने का फैसला हुआ।


  1. 15 अगस्त तक भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा रेखा का निर्धारण नहीं हुआ था। इसका फैसला 17 अगस्त को रेडक्लिफ लाइन की घोषणा से हुआ।
 
  1. भारत 15 अगस्त को आजाद जरूर हो गया, लेकिन उसका अपना कोई राष्ट्र गान नहीं था। रवींद्रनाथ टैगोर जन-गण-मन 1911 में ही लिख चुके थे, लेकिन यह राष्ट्रगान 1950 में ही बन पाया।
 
  1. 15 अगस्त भारत के अलावा तीन अन्य देशों का भी स्वतंत्रता दिवस है। दक्षिण कोरिया जापान से 15 अगस्त, 1945 को आजाद हुआ। ब्रिटेन से बहरीन 15 अगस्त, 1971 को और फ्रांस से कांगो 15 अगस्त, 1960 को आजाद हुआ।

अस्वीकरण (Disclaimer) : सेहत, ब्यूटी केयर, आयुर्वेद, योग, धर्म, ज्योतिष, वास्तु, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार जनरुचि को ध्यान में रखते हुए सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। इससे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।



लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

EPFO में बड़ा बदलाव, ₹15000 से बढ़कर ₹25000 हुई वेतन सीमा, कर्मचारियों को कितना फायदा, कितना नुकसान

BGauss C12 MaxR Electric Scooter लॉन्च, 178 Km की रेंज और 75 Kmph की टॉप स्पीड, कीमत ₹1.45 लाख

अरब सागर में भारतीय वॉरशिप से टकराया पाकिस्तानी जहाज, भारत का कड़ा एक्शन

Dominos में चूहे, Subway में वेज-नॉनवेज एक साथ, Pizza Hut और KFC में गड़बड़ी, जांच में दिखा नाम बड़े दर्शन खोटे

UPI पेमेंट सिस्टम में बड़ा बदलाव! जानिए कितना लगेगा MDR और किसे मिलेगी राहत

सभी देखें

महिला-उत्पीड़न के बावजूद तालिबान के लिए स्वीकार्यता क्यों?

LIVE: पीएम मोदी का जन्मदिन पर दिखा भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्साह

मनोज जरांगे ने 20 दिनों बाद खत्म की भूख हड़ताल, महाराष्ट्र सरकार को दिया 90 दिनों का अल्टीमेटम

Top News 17 September: पीएम मोदी का 76वां जन्मदिन, NSE IPO खुलेगा; EPFO की वेतन सीमा 25,000 रुपए

नया भारत, नई उड़ान: मोदी युग में आत्मविश्वास का नया शिखर

अगला लेख