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राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान में क्या अंतर होता है? जानिए देश की पहचान से जुड़े ये महत्वपूर्ण तथ्य

राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के विषय में ये जानकारी है बेहद ज़रूरी

Written By WD Feature Desk
Updated: सोमवार, 5 अगस्त 2024 (11:56 IST)
difference between national song and national anthem

Independence Day 2024: 'राष्ट्रगीत' और 'राष्ट्रगान' देश के उन धरोहरों में से हैं, जिनसे देश की पहचान जुड़ी होती है। प्रत्येक राष्ट्र के 'राष्ट्रगीत' और 'राष्ट्रगान' की भावनाएं भले ही अलग हों, लेकिन उनसे राष्ट्रभक्ति की भावना की ही अभिव्यक्ति होती है।

आज के आलेख में हम भारत के 'राष्ट्रगीत' और 'राष्ट्रगान' के बारे में आपको जानकारी दे रहे हैं, जिसको लेकर लोग अक्सर संशय में पड़ जाते हैं। दरअसल, दोनों के प्रति लोगों के मन में सम्मान का भाव रहता है, लेकिन कई बार लोग ठीक से बता नहीं पाते। तो चलिए सबसे पहले जानते हैं भारत के राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के बारे में।ALSO READ: AI से होगी स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की निगरानी, जानिए एंटी ड्रोन सिस्टम के अलावा क्या हैं सुरक्षा के इंतज़ाम

भारत का राष्ट्रगान: भारत का राष्ट्रगान “जन-गण-मन है”, जिसे अनेक अवसरों पर बजाया या गाया जाता है। इसकी रचना प्रख्यात कवि रविंद्रनाथ टैगोर ने की थी। यह मूल रूप से बांग्ला भाषा में लिखा गया था, लेकिन बाद में इसका हिंदी और अंग्रेजी में भी अनुवाद कराया गया। रविंद्रनाथ टैगोर ने राष्ट्रगान की रचना वर्ष 1911 में ही कर ली थी। इसे पहली बार 27 दिसंबर, 1911 को कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता) में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की बैठक में गाया गया था। 24 जनवरी, 1950 को संविधान सभा द्वारा इसे स्वीकार किया गया। राष्ट्रगान के पूरे संस्करण को गाने में कुल 52 सेकेंड का समय लगता है।

राष्ट्रगान के समय क्या सावधानी रखना है ज़रूरी:
अधिकतर लोगों को नहीं पता होता कि राष्ट्रगान के समय क्या सावधानी बरतनी चाहिए। दरअसल, राष्ट्रगान जब भी कहीं बजाया जाता है तो देश के प्रत्येक नागरिक का ये कर्तव्य होता है कि वो अगर कहीं बैठा हुआ है तो उस जगह पर खड़ा हो जाए और सावधान मुद्रा में रहे। साथ ही नागरिकों से ये भी अपेक्षा की जाती है कि वो भी राष्ट्रगान को दोहराएं।

भारत का राष्ट्रगीत क्या है?
भारत का राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' है। इसके रचयिता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय हैं। उन्होंने इसकी रचना साल 1882 में संस्कृत और बांग्ला मिश्रित भाषा में किया था। यह स्वतंत्रता की लड़ाई में लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत था। इसे भी भारत के राष्ट्रगान 'जन-गण-मन' के बराबर का ही दर्जा प्राप्त है। इसे पहली बार साल 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सत्र में गाया गया था। राष्ट्रगीत की अवधि लगभग 52 सेकेंड है। 


 
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