suvichar

क्या है भगवान शिव से होली की ठंडाई का संबंध, जानिए ठंडाई का इतिहास

Written By WD Feature Desk
Updated: बुधवार, 26 फ़रवरी 2025 (19:13 IST)
history of thandai: होली का त्यौहार आने वाला है। फाल्गुन महीने के आते ही लोग बेसब्री से इस त्योहार का इंतजार करते हैं। रंगों का यह त्योहार हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस साल होली 14 मार्च को मनाई जाएगी। इस दिन रंगों के साथ-साथ पकवानों का भी विशेष महत्व होता है।  होली होली की बात हो और ठंडाई का जिक्र ना हो ऐसा नहीं हो सकता। होली पर विभिन्न पकवानों के साथ ठंडाई परोसने की भी परंपरा है । जो भांग और सूखे मेवे के सम्मिश्रण से बनती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सबसे पहले यह ठंडाई भगवान शिव को अर्पित की गई थी। आइए आपको बताते हैं इसके पीछे क्या है मान्यता।


भगवान शिव के लिए बनाई गई थी सबसे पहले ठंडाई
ठंडाई एक पारंपरिक भारतीय पेय है, जिसका आनंद सदियों से लिया जा रहा है। शिवरात्रि और होली के दौरान विशेषरूप से ठंडाई पीने का अपना महत्व है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर ठंडाई की शुरुआत कैसे हुई और इसका इतिहास क्या है। आइए आज वेबदुनिया जानते हैं ठंडाई के इतिहास के बारे में।


ठंडाई का इतिहास
ठंडाई का उल्लेख प्राचीन भारत में मिलता है । इसे भगवान शिव के प्रिय पेय के रूप में जाना जाता है। कहां जाता है कि भगवान शिव की शादी माता सती से होने के बाद वे बैरागी से गृहस्थ जीवन में आए थे। उनके जीवन के इस विशेष दिन के उत्सव पर ठंडाई पड़ोसी गई थी। इस प्रकार सबसे पहली बार ठंडाई भगवान शिव को अर्पित की गई थी।

ठंडाई के फायदे
ठंडाई की परंपरा प्राचीन भारत से चली आ रही है। कहा जाता है कि इसके  सेवन से शरीर को शीतलता मिलती है। इसे बनाने के लिए प्राकृतिक सामग्री जैसे सौंफ के बीज, खरबूजे के बीज, बादाम आदि का इस्तेमाल किया जाता है, जो शरीर को ठंडा रखने में मदद करती है। इसे शरीर को ठंडा करने और इंद्रियों को तरोताजा करने के लिए पिया जाता है। यह गर्मियों में ताजगी देने वाले ड्रिंक के रूप में भी काफी लोकप्रिय है।

ALSO READ: काशी में क्यों खेली जाती है श्मशान की राख से होली, मसाने की होली में रंग की जगह क्या है चिता की भस्म का भेद 
ठंडाई बनाने की सामग्री

बनाने का तरीका

 

लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 03 अगस्‍त 2026: सोमवार का पंचांग और शुभ समय

Weekly Horoscope: 03 से 09 अगस्त 2026 का साप्ताहिक राशिफल, जानें किस राशि के खुलेंगे भाग्य

Weekly Numerology Horoscope: साप्ताहिक अंक भविष्यफल 03 अगस्त से 9 अगस्त 2026): जानें आपके मूलांक का सटीक राशिफल

02 August Birthday: आपको 2 अगस्त, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (2 अगस्‍त, 2026)

अगला लेख