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शिव के साथ नंदी की पूजा जरूरी है, जानिए कान में मनोकामना बोलने के 6 नियम

शनिवार,मई 21, 2022
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ब्रजमंडल में मथुरा, गोकुल, नंदगांव, वृंदावन, बरसाना, गोवर्धन आदि क्षेत्र आते हैं। मथुरा जहां श्रीकृष्‍ण की जन्मभूमि है। वहीं गोकुल उनकी बाललीला की भूमि है। श्रीकृष्‍ण जब थोड़े बड़े हुए तो वृंदावन उनका प्रमुख लीला स्थली बन गया। उन्होंने यहां रास रचा ...
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Nandi's curse on Ravana : नंदी देव को भगवान शिव का गण माना जाता है। वे सदा शिवजी की सेवा में रहते हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार शिवजी की घोर तपस्या के बाद शिलाद ऋषि ने नंदी को पुत्र रूप में पाया था। शिलाद ऋषि ने अपने पुत्र नंदी को संपूर्ण वेदों का ...
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बुधवार और चतुर्थी तिथि गणेशजी के दिन है। इस दिन इनकी विशेष पूजा करना चाहिए। पूजा करने के दौरान गणेशजी को विशेष वस्तुएं अर्पित की जाती है जो कि उनके पसंद की होती है। इन वस्तुओं को अर्पित करने से गणपतिजी प्रसन्न हो जाते हैं। इन्हीं वस्तुओं से एक है ...
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Jyeshta month 2022: हिन्दू कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन माह अंतिम माह होता है इसके बाद चैत्र माह वैशाख और फिर ज्येष्ठ। इस बार ज्येष्ठ का प्रारंभ अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 17 मई 2022 से ज्येष्ठ माह प्रारंभ हो गया है। आओ जानते हैं इस माह की 10 बड़ी ...
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पौराणिक ग्रंथों में देवी यशोदा (Yashoda) को नंद की पत्नी कहा गया है। भागवत पुराण में यह कहा गया है देवकी के पुत्र भगवान श्री कृष्ण का जन्म देवकी के गर्भ से मथुरा के राजा कंस के कारागार में हुआ।
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Akshaya Tritiya 2022: अक्षय तृतीया का पर्व हर साल वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसे आखातीज या अक्खा तीज कहते हैं। इस दिन महत्वपूर्ण 10 पौराणिक घटनाएं घटी थीं। यह दिन बहुत ही शुभ होता है। यह एक अबूझ मुहूर्त ...
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भारतीय आध्यात्मिक गुरु सत्य साईं बाबा (Sathya Sai Baba) सभी धर्म के लोगों के लिए प्रेरणास्रोत थे। उनके विचार आज भी बहुत प्रभावशाली हैं। उनके विचारों से न केवल आप अपना बल्कि दूसरे के जीवन को भी खुशहाल और सुखदायी बना सकते हैं।
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Ramnavmi Special हिन्दू धर्मग्रंथों के अनुसार मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम विष्णु के दशावतारों में से 7वें अवतार हैं। श्रीराम एक आदर्श पुरुष थे। राम नवमी (Shri Ram) के दिन उनका पूजन, मंत्र, स्तुति, चालीसा, आरती, रामाष्टक आदि का पाठ करने से ...
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चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवरात्रि प्रारंभ होती है। नवरात्रि के नौवें दिन यानी नवमी के दिन राम नवमी रहती है। इस दिन प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ था। आओ जानते हैं कि अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार वर्ष 2022 में कब है रामनवमी, कैसे करें पूजा और किन 10 गलतियों ...
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राम नवमी क्यों मनाई जाती है?

बुधवार,अप्रैल 6, 2022
Lord Ram भगवान राम त्रेतायुग में अवतरित हुए। भगवान राम का जन्म चैत्र शुक्ल नवमी के दिन हुआ था। जिसका उद्देश्य रावण के अत्याचारों को समाप्त करने तथा अधर्म का नाश करके धर्म की स्थापना करना था...
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मां दुर्गा के 9 अवतार जानिए

बुधवार,अप्रैल 6, 2022
चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2022) पर्व चल रहा है। इन दिनों नवदुर्गा की आराधना की जाती है। मां दुर्गा को शैलपुत्री‍, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी... Durga names in hindi
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आज प्रदोष व्रत (pradosh vrat) है। प्रदोष के दिन उनका स्तोत्र, चालीसा का पाठ करने तथा भगवान भोलेनाथ की पूजा करने के पश्चात पूरे मनोभाव से आरती करने से जीवन में सबकुछ प्राप्त किया जा सकता है
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Chaitra navratri kab hai 2022 mein: वर्ष में चार नवरात्रियां होती हैं। चैत्र माह में, आषाढ़ माह में, आश्‍विन माह में और माघ माह में। चैत्र माह की नवरात्रि को बड़ी नवरात्रि और आश्विन माह की नवरात्रि को छोटी नवरात्र कहते हैं। आश्विन नवरात्रि को शारदीय ...
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Chaitra Navratri 2022: वर्ष में 4 नवरात्रियां आती है। चैत्र माह में वसंत नवरात्रि, आषाढ़ माह में गुप्त नवरात्रि, आश्‍विन माह में शारदीय नवरात्रि और माघ माह में गुप्त नवरात्र। सभी नवरात्रियां एक-दूसरे से अलग हैं। आषाढ़ और माघ माह की गुप्त नवरात्रि ...
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आज पापमोचिनी एकादशी (papmochani ekadashi 2022) है। शास्त्रों के अनुसार हमें इस दिन कई कार्य करने की मनाही बताई गई है। आइए यहां जानते हैं कि एकादशी के दिन कौन-कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए तथा कौन-से कार्य किए जा सकते हैं...
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Gudi padwa Hindu New Year 2079 : विक्रमादित्य संवत को हिन्दू नववर्ष इसलिए बोला जाता है क्योंकि यह प्राचीन हिन्दू पंचांग और कैलेंडर पर ही आधारित है। 58 ईसा पूर्व राजा विक्रमादित्य ने खगोलविदों की मदद से इसे व्यवस्थित करके प्रचलित किया था। इसे ...
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गुड़ी पड़वा भगवान ब्रह्मा ने इसी दिन सृष्टि का निर्माण किया था और सतयुग की शुरुआत हुई थी। इस दिन मीठे पकवान बनाकर पूजा की जाती है। इन सभी बातों के अलावा भी गुड़ी पड़वा से जुड़ी कई जानकारियां हैं, आइए बताते हैं।
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Sheetla Mata bhog samgri रंगपंचमी के बाद आने वाले खास पर्व शीतला सप्तमी माता को भोग लगाने के लिए एक दिन पहले ही घरों में खाना बनाकर रख दिया जाता है तथा अगले दिन यानी सप्तमी-अष्टमी वाले
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देवी शीतला माता (Shitala Maa) अपने हाथों में कलश, सूप, मार्जन यानी झाड़ू तथा नीम के पत्ते धारण करती हैं। यह चेचक आदि कई रोगों की देवी बताई गई है। यह एक प्रसिद्ध हिन्दू देवी हैं और प्राचीनकाल से ही इसकी महिमा बहुत अधिक है। यहां पाठकों के लिए प्रस्तुत ...
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