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Jivitputrika Vrat: क्यों रखा जाता है जिऊतिया व्रत? जानें जीमूतवाहन की कथा, पूजा विधि और नियम
Tuesday,September 29, 2026
कब आती है मातृ नवमी? क्यों जरूरी है दिवंगत माताओं का श्राद्ध? जानें सही विधि, नियम और महत्व
अनंत चतुर्दशी पर निकलने वाली इंदौर की झांकियों पर 7 रोचक जानकारी
वामन पुराण- विचारों की शुद्धि: मानसिक पापों का स्वरूप और उनका निवारण
हनुमान अंश नीम करोली बाबा, जानिए 6 ऐसी बातें जिसे जानकर आश्चर्य करेंगे
हारे का सहारा से कीर्तन जैम तक: खाटू श्याम और जगन्नाथ जी के प्यार में क्यों पागल है Gen Z?
Saturday, August 29, 2026
गायत्री जयंती 2026: महत्व, शुभ मुहूर्त एवं परंपराएं और श्रावणी उपाकर्म
Monday, August 24, 2026
श्रावण मास पूर्णिमा व्रत का क्या है महत्व और पौराणिक कथा
Monday, August 24, 2026
Onam 2026: थिरुवोणम पर्व का महत्व, परंपराएं और क्या होता है इस दिन खास
Saturday, August 22, 2026
शिव जी की मूर्ति से भी ज़्यादा क्यों पूजा जाता है शिवलिंग? जानिए इसके 5 गूढ़ रहस्य
Friday, August 21, 2026
मोदी चालीसा, क्या जीवित लोगों की पूजा-पाठ और कर्मकांड उचित है? जानिए हिंदु धर्म के नियम
Friday, August 21, 2026
तुलसीदास जयंती 2026: जब हनुमानजी ने 4 बार और प्रभु श्रीराम ने 3 बार दिए थे दर्शन, जानें अद्भुत प्रसंग
Tuesday, August 18, 2026
Mangla Gauri Vrat 2026: तीसरा मंगला गौरी व्रत 2026: जानिए पूजन का महत्व, शुभ मुहूर्त और संपूर्ण विधि
Monday, August 17, 2026
सावन के तीसरे सोमवार पर बन रहा दुर्लभ संयोग, 9 महायोगों में करें शिव पूजा, जानें जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त
Thursday, August 13, 2026
दूसरा मंगला गौरी व्रत 2026: कब करें पूजा? जानिए शुभ मुहूर्त, विधि और 5 खास उपाय
Monday, August 10, 2026
हरियाली अमावस्या 2026: इस दिन कब करें पूजा? जानिए शुभ मुहूर्त, 5 मंत्र और 7 खास उपाय
Monday, August 10, 2026
श्रावण मास की शिवरात्रि पर करें ये 5 अचूक उपाय, दूर होंगे ग्रह-दोष और जीवन की परेशानियां
Monday, August 10, 2026
श्रावण मास विशेष: डाक कांवड़ क्या होती है? जानें इसके खास नियम और मान्यता
Saturday, August 8, 2026
Guru Purnima Gifts 2026: गुरु पूर्णिमा 2026: अपने गुरु को दें 5 में से कोई एक यादगार गिफ्ट
Tuesday, July 28, 2026
August 2026 Festivals: अगस्त 2026 माह के व्रत एवं त्योहारों और जयंतियों की लिस्ट
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मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान
वृषभ राशि के मंगल का 24 जुलाई 2026 को रोहिणी नक्षत्र से मृगशिरा नक्षत्र में गोचर होगा, जहां वे 12 अगस्त तक रहेंगे। मंगल के इस नक्षत्र परिवर्तन के चलते 3 राशि के लोगों को 12 अगस्त तक रहना होगा सावधान। चलिए जानते हैं कि किन राशि 3 राशियों को रहना होगा सावधान।
Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म
देकार्त के जीवन का सबसे बड़ा ध्येय यह था कि दर्शनशास्त्र को भी गणित (Mathematics) की तरह सटीक, अकाट्य और संदेह से परे बनाया जाए। वे एक ऐसा सार्वभौमिक सत्य खोजना चाहते थे, जिस पर कोई भी प्रश्नचिह्न न लगा सके। इसी विचार ने बुद्धिवाद (Rationalism) की नींव रखी। आइए, देकार्त के इस अद्भुत दार्शनिक चिंतन के 4 प्रमुख स्तंभों को गहराई से समझते हैं।
मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव
वृषभ राशि के मंगल का 24 जुलाई 2026 को रोहिणी नक्षत्र से मृगशिरा नक्षत्र में गोचर होगा, जहां वे 12 अगस्त तक रहेंगे। ज्योतिष की दुनिया में एक बड़ा हलचल भरा मोड़ आ चुका है- बुध ग्रह अपनी ही प्रिय राशि मिथुन में सीधे (मार्गी) चलने लगे हैं। अब जब बुद्धि और संवाद का कारक ग्रह सीधी चाल चलेगा, तो जाहिर है आपकी सोच, बातचीत और फैसलों की रफ्तार भी बदल जाएगी।
Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?
Raksha Bandhan 2026: हिन्दू पंचांग के अनुसार, रक्षा बंधन का पर्व प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। भारतीय संस्कृति में इसे मिठास और खुशियों का उत्सव माना गया है। यह भाई-बहन के प्रेम का पावन पर्व है। यहां जानें रक्षा बंधन 2026 कब है? जानें रक्षा बंधन 2026 की तारीख...
चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय
Chaturmas Astrology Remedies: हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार चातुर्मास यह चार महीनों का पवित्र काल भगवान विष्णु के योगनिद्रा में जाने से प्रारंभ होकर देवउठनी एकादशी पर समाप्त होता है। यदि आप अपनी राशि के अनुसार चातुर्मास में कुछ विशेष उपाय करते हैं, तो जीवन में आ रही और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। यहां जानें 12 राशियों के लिए चातुर्मास के अचूक उपाय...
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Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 06 अक्टूबर 2026: मंगलवार का पंचांग और शुभ समय
06 October 2026 Today Shubh Muhurat: क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 06 अक्टूबर, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त।
शारदीय नवरात्रि 2026: नवमी तिथि के शुभ मुहूर्त और सिद्धिदात्री की पूजा विधि
Navamii ki pooja ke shubh muhut 2026: साल 2026 की शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ 11 अक्टूबर से हो रहा है, जिसका समापन 20 अक्टूबर को विजयादशमी के पावन पर्व के साथ होगा। इस बार नवमी की पूजा और व्रत 19 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा और इसका पारण 20 अक्टूबर को होगा इसी दिन कन्या भोज भी कराया जा सकता है।
कैंची धाम आश्राम जाने का उचित समय कौनसा है?
यदि आप भी महाराजजी के भक्त हैं तो बाबा के धाम जरूर जाना चाहेंगे। नीम करोली बाबा का आश्रम कैंची धाम उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित है। यदि आप यहां दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो पहुंचने का तरीका, रुकने के विकल्प और सबसे सही समय से जुड़ी पूरी जानकारी नीचे दी गई है। कैंची धाम (नीम करोली बाबा का आश्रम) जाने के लिए मार्च से जून और सितंबर से नवंबर का समय सबसे उचित माना जाता है। मौसम, भीड़ और यात्रा की सुगमता के हिसाब से पूरे साल का विवरण नीचे दिया गया है।
16 shradh paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में सर्वपितृ अमावस्या के श्राद्ध का महत्व, जानिए कैसे और किसका करते हैं श्राद्ध
सनातन परंपरा में सर्वपितृ अमावस्या (जिसे 'पितृ मोक्ष अमावस्या' भी कहा जाता है) का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। भाद्रपद पूर्णिमा से शुरू होने वाले 16 दिवसीय पितृ पक्ष का यह अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। यह पावन तिथि उन सभी पितरों और पूर्वजों को समर्पित है, जिनकी मृत्यु की तिथि ज्ञात न हो, या किसी कारणवश जिनकी तिथि पर उनका श्राद्ध न किया जा सका हो। इस दिन किया गया तर्पण और पिंड दान सभी ज्ञात-अज्ञात पितरों को तृप्त कर उन्हें मोक्ष के द्वार तक पहुँचाता है और परिवार पर उनका अमोघ आशीर्वाद बनाए रखता है। साल 2026 में सर्वपितृ अमावस्या का श्राद्ध 10 अक्टूबर, शनिवार को रखा जाएगा।
16 shradh paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में चतुर्दशी के श्राद्ध का महत्व, जानिए कैसे और किसका करते हैं श्राद्ध
पितृ पक्ष की चतुर्दशी तिथि का श्राद्ध (जिसे 'घात चतुर्दशी' या 'शस्त्र हत श्राद्ध' भी कहा जाता है) अत्यंत विशेष और संवेदनशील माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, यह तिथि केवल उन्हीं पूर्वजों के निमित्त समर्पित होती है जिनकी मृत्यु किसी अस्त्र-शस्त्र, दुर्घटना, ज़हर, अग्नि, आत्महत्या या किसी अन्य प्रकार की हिंसा व अकाल घटना के कारण हुई हो। सामान्य या स्वाभाविक रूप से देह त्यागने वाले पितरों का श्राद्ध इस दिन वर्जित होता है। वर्ष 2026 में चतुर्दशी का श्राद्ध 09 अक्टूबर, शुक्रवार को रखा जाएगा।
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