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स्वस्थ, सुखी और समृद्ध होना है तो कैसे दें सूर्य देवता को अर्घ्य, जानिए

शनिवार,मई 15, 2021
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पौराणिक ग्रंथों के अनुसार केवट भोईवंश का था तथा मल्लाह का काम करता था। केवट रामायण का एक खास पात्र है, जिसने प्रभु श्री राम को
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अक्षय तृतीया के दिन मांगलिक कार्य जैसे-विवाह, गृहप्रवेश, व्यापार अथवा उद्योग का आरंभ करना अति शुभ फलदायक होता है। सही मायने में अक्षय तृतीया
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इस साल शुक्रवार, 14 मई 2021 को अक्षय तृतीया पर्व मनाया जा रहा है। इस तिथि का जहां धार्मिक महत्व है वहीं यह तिथि व्यापारिक रौनक बढ़ाने वाली भी मानी गई है
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भगवान श्रीकृष्ण की प्रेमिका राधा का जिक्र विष्णु, पद्म पुराण और ब्रह्मवैवर्त पुराण में मिलता है। मान्यता और किवदंतियों के आधार राधा के बारे में बहुत कुछ कहा जाता है। आओ जानते हैं कुछ अनसुनी बातें।
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हमारे सनातन धर्म में एकादशी व्रत का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। शास्त्रानुसार हर हिन्दू धर्मावलंबी के लिए एकादशी व्रत रखना श्रेयस्कर माना गया है वहीं वैष्णवों के लिए तो एकादशी व्रत अनिवार्य बताया गया है।
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कहते हैं कि जैसा खाओगे अन्न वैसा बनेगा मन। जैसे होगा मन वैसे होगा विचार और भाव। जैसा होगा विचार और भाव वैसा ही होगा आपका व्यवहार और भविष्य। इसीलिए हिन्दू धर्म में भोजन के तीन प्रकार बताए गए हैं। सात्विक भोजन, राजसिक भोजन और तामसिक भोजन। यहां ...
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भगवान शिव और भगवान विष्णु की पूजा के अलग अलग समय नियुक्त हैं। यदि सही समय में सावधानी एवं नियम का पालन करके विष्णु की पूजा या आराधना की जाए तो उसका तुरंत ही असर होता है। यदि आप पूजा नहीं करते हैं तो कम से कम इन दिनों में आपको पवित्र बने रहना आवश्यक ...
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जिसने इस मृत्यु लोक में जन्म लिया है उसे एक ना एक दिन तो मरना ही होगा। लेकिन यह सब जानते हुए भी वह इस तथ्य को स्वीकार नहीं करना चाहता। इसके अलावा ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मनुष्य के हाथ की रेखाएं भी मृत्यु के बारे में बहुत कुछ कहती हैं
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शनि ग्रह के स्वामी भगवान शनिदेव को माना जाता है। शनिदेव के सिर पर स्वर्णमुकुट, गले में माला तथा शरीर पर नीले रंग के वस्त्र और शरीर भी इंद्रनीलमणि के समान। यह गिद्ध या कौवे पर सवार रहते हैं। इनके हाथों में धनुष, बाण, त्रिशूल रहते हैं। शनिदेव का जन्म ...
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इस वर्ष रंगभरी एकादशी 25 मार्च 2021, गुरुवार को है। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी रंगभरी एकादशी के नाम से भी जानी जाती है, हालांकि इसे आमलकी एकादशी भी कहते हैं।
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अमावस्या के पश्चात चंद्रमा जब मेष राशि और अश्विनी नक्षत्र में प्रकट होकर प्रतिदिन एक-एक कला बढ़ता हुआ 15वें दिन चित्रा नक्षत्र में पूर्णता को प्राप्त करता है, तब वह मास 'चित्रा' नक्षत्र के कारण 'चैत्र' कहलाता है। इसे संवत्सर कहते हैं जिसका अर्थ है ...
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मोक्ष प्रदान करने वाला माघ का यह महीना पौष पूर्णिमा से शुरू होकर माघ पूर्णिमा को समाप्त होता है। अतः इस प्रकार माघ स्नान की अपूर्व महिमा है।
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माघ पूर्णिमा माघ मास का आखिरी दिन है। इसके अगले दिन से फाल्गुन मास शुरू हो जाएगा। पढ़ें 10 काम की बातें...
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जो विद्या की देवी भगवती सरस्वती कुन्द के फूल, चंद्रमा, हिमराशि और मोती के हार की तरह धवल वर्ण की है और जो श्वेत वस्त्र धारण करती है,
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यश, विद्या, पराक्रम और बुद्धि के लिए बस यही 11 नाम पर्याप्त हैं। ये नाम असंभव को संभव बना देते हैं। अत: वसंत पंचमी पर इन नामों का जप अवश्य करें।
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मां संतोषी को प्रिय शुक्रवार के दिन विधि-विधान से पूजन, विधि, कथा सुनने तथा आरती आदि करने से जीवन में लाभदायी परिणाम प्राप्त होते है।
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इस बार संकष्टी चतुर्थी 31 जनवरी 2021 और 1 फरवरी को मनाया जा रहा है। 1 फरवरी को सोमवार भी है। श्री गणेश शिव जी के पुत्र हैं
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हमारी सांसों की संख्या के आधार पर 108 दानों की माला स्वीकृत की गई है। 24 घंटों में एक व्यक्ति 21,600 बार सांस लेता है। चूंकि 12 घंटे दिनचर्या में निकल जाते हैं,
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गृहस्वामिनी को गृहलक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। जहां गृहस्वामिनी का सम्मान नहीं होता है, गृह लक्ष्मी उस घर को त्याग देती है।
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