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इस वर्ष श्रीहरि विष्णु जी 4 माह नहीं बल्कि 5 माह करेंगे शयन

Updated: सोमवार, 26 जून 2023 (10:25 IST)
Devshayani ekadashi 2023: देव शयनी एकादशी को हरि शयन एकादशी, आषाड़ी एकादशी और देव शयन एकादशी भी कहते हैं। इसी दिन से चातुर्मास प्रारंभ हो जाते हैं। इन चार माह के लिए श्रीहरि विष्णु सोने चले जाते हैं। इस दौरान सभी तरह के मांगलिक कार्य बंद हो जाते हैं। परंतु इस बार चार की जगह 5 माह विष्णु जी योग निद्रा में रहेंगे। आखिर ऐसा क्यों, जानिए।
 
इस बार चातुर्मास चार का नहीं पांच माह का : दरअसल इस बार अधिकमास के दिन जुड़ जाने से चातुर्मास 4 की जगह 5 माह का होगा। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार आषाढ़ शुक्ल एकादशी से चातुर्मास प्रारंभ हो जाते हैं। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस बार 29 जून को चातुर्मास प्रारंभ होंगे। इसके बाद कार्तिक शुक्ल एकादशी यानी 23 नवंबर को देव उठनी एकादशी के दिन चातुर्मास समाप्त होंगे।
 
चातुर्मास में आषाढ़ माह के 15 और फिर श्रावण, भाद्रपद, आश्‍विन माह के बाद कार्तिक माह के 15 दिन जुड़कर कुल चार माह का समय पूर्ण होता है। परंतु इस बार अधिकमास होने के कारण 5 माह का होगा चातुर्मास। इस बार सावन का माह 4 जुलाई से प्रारंभ होकर 31 अगस्त तक चलेगा। इस बीच 18 जुलाई से अधिकमास प्रारंभ होगा जो 16 अगस्त को समाप्त होगा। यानी पूरे 59 दिन का एक माह होगा। चूंकि कोई सा भी माह कृष्ण पक्ष 1 से प्रारंभ होकर शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा पर समाप्त होता है ऐसे में अधिक मास के दिन जुड़ जाने से श्रावण मास कृष्ण पक्ष के बाद शुक्ल पक्ष आए और पुन: कृष्ण पक्ष प्रारंभ होकर यह पुन: शुक्ल पक्ष प्रारंभ होकर पूर्णिमा पर समाप्त होगा। यानी सावन माह में दो अमावस्या, दो पूर्णिमा रहेगी।

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