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Motivational speech : भीड़ का मनुष्‍य

बुधवार,फ़रवरी 19, 2020
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एक बार ओशो ने एक बड़ी ही रोचक कहानी सुनाई। राजमहल के निकट से कुछ बच्‍चे खेलते हुए निकले। एक बच्‍चे ने पत्‍थर उठा लिया और महल की खिड़की की तरफ फेंका। वह पत्‍थर ऊपर उठने लगा। उस पत्‍थर की जिंदगी में यह नया अनुभव था। यह अभूतपूर्व घटना थी, पत्‍थर का ऊपर ...
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यह कहानी महान दार्शनिक सुकरात की है। ओशो रजनीश ने अपने किसी प्रवचन में यह कहानी सुनाई थी। आप भी इसे पढ़ें और समझें।
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अगर मैं दो लोगों के साथ चल रहा हूं तो दोनों से ही सीखूंगा। एक की अच्छी बातें समझकर उनका अनुसरण करूंगा तो दूसरे की खराब बातों को जानकर खुद में सुधार कर लूंगा। हमारी कामयाबी कभी न गिरने में नहीं, बल्कि गिरकर खड़े होने और फिर चलने में है।
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यह कहानी ओशो ने अपने किसी प्रवचन में सुनाई थी। जीवन में सुख है तो दुख भी है और इसके अलावा भी बहुत कुछ होता है। सभी को स्वीकार करना जरूरी है।
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यह कहानी कहीं पढ़ी थी। संभवत: ओशो की किसी किताब में या और कहीं। यह बहुत ही प्रेरक कहानी है। आप भी इसे पढ़ें।
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प्रसिद्ध दार्शनिक ऐलन वॉटस की एक किताब का नाम है- ‘दि बुक’। उसी से धर्म और नीति संबंधी कुछ अंश- वे सारे औरत ब्रांड धर्म जैसे कि इस समय आचरण में लाए जाते हैं, ऐसी खदानें हैं जो खाली हो गई। अब उनकी खुदाई करके कुछ मिलने वाला नहीं।
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यह कहानी ओशो रजनीश ने अपने किसी प्रवचन में सुनाई थी। यह बहुत ही प्रेरक कहानी है। वे लोग जो हताश-निराश रहते हैं, आत्महत्या के बारे में सोचते रहते हैं या वे समझते हैं कि मैं जिंदगी में हार गया, अपने या दूसरों के कारण तो ऐसे लोगों को इस कहानी से ...
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यह कहानी ओशो ने अपने किसी प्रवचन में सुनाई थी। यह कहानी अध्यात्म के अलावा सांसारिक समस्याओं का भी समाधान बताती है। जरूरी नहीं है कि आप इसे अध्यात्म के संदर्भ में समझे। जीवन में हम ऐसी कई गलतियां करते हैं कि हमें करना कुछ और चाहिए और करते कुछ और हैं।
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चेरनोबिल के रब्बाई नाहुम को उनका पड़ोसी दुकानदार नाहक ही अपशब्द आदि कहकर अपमानित करता रहता था। कुछ दिनों बाद एक समय ऐसा आया कि दुकानदार का धंधा मंदा चलने लगा।
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भगवान कृष्ण रुक्मणी के साथ भोजन कर रहे थे तभी वे उठे और भागे, लेकिन द्वार पर ही रुककर पुन: लौटकर भोजन करने लगे।
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एक धनपति था रथचाइल्‍ड। उसे एक भिखारी पर दया आ गई। उसने उसे बुलाया और कहा- तुम मेरे दफ्तर आ जाया करो। मैं हर महीने तुम्‍हें सौ डॉलर दे दिया करूंगा। भिखारी को विश्वास नहीं हुआ।
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इस कथा को थोड़ा समझना मुश्किल है लेकिन यदि तुम समझ गए तो जीवन के चक्र को भी समझ जाओगे और अपने भीतर के चक्र को भी समझ जाओगे। ओशो रजनीश ने अपने किसी प्रवचन में इस कथा को सुनाया था।
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यह कहानी किसी मोटिवेशनल स्पीच में सुनी थी। आपके लिए यहां बहुत ही संक्षिप्त में प्रस्तुत की गईयह कहानी किसी मोटिवेशनल स्पीच में सुनी थी। आपके लिए यहां बहुत ही संक्षिप्त में प्रस्तुत की गई है। इसको पढ़कर आपकी आंखे खुल जाने वाली है। यह कहानी एक ऐसे ...
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यह एक अद्भुत कहानी है। ओशो रजनीश ने अपने किसी प्रवचन में सुनाई थी। आप भी इस कहानी को पढ़े। सवाल यहां जैन धर्म का नहीं दुनिया के किसी भी धर्म को समझने के लिए हमें यही करना चाहिए।
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एक संत नदी किनारे बैठे थे, तभी उन्होंने देखा एक बिच्छू पानी में गिर गया है। संत ने जल्दी से बिच्छू को हाथ में उठा लिया। बिच्छू ने संत को डंक मार दिया, जिससे संत का हाथ कांपा और बिच्छू पुन: पानी में गिरकर बहने लगा।
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यहां कहानी ओशो रजनीश ने अपने प्रवचन पथ के प्रदीप में सुनाई थी। यह बहुत ही प्रेरणादायक कहानी है। यदि आप इसे समझते हैं तो बड़े से बड़ा कार्य कर सकते हैं और फिर सफलता आपसे दूर नहीं होगी।
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गौतम बुद्ध के पास एक नास्तिक पहुंचा- आप बताएं कि ईश्वर है या नहीं? बुद्ध ने कहा- नहीं है। उस व्यक्ति ने कहा- देखा, मैं तो पहले से ही कहता था कि ईश्वर नहीं हैं, लेकिन लोग मेरी बात मानते ही नहीं थे।
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बहुत से लोगों के पास अपने बाप दादाओं की संपत्ति होगी। बहुत से लोगों के पास अवैध तरीके से कमाई गई संपत्ति होगी। बहुत से लोग चाहते होंगे कि हमें कहीं से मुप्त की संपत्ति या धन मिल जाए। यह कहानी उन्हीं लोगों के लिए है।
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एक व्यक्ति भगवान बुद्ध के पास आकर बोला- भगवन, मैं लगातार आपके प्रवचन सुन रहा हूं। आप बड़ी अच्छी-अच्छी बातें कहते हैं, लेकिन मेरे ऊपर इनका कोई असर नहीं होता। मैं गुस्सा खूब करता हूं और लालच में रात-दिन फंसा रहता हूं। आपकी बातों से रत्तीभर भी अंतर नहीं ...
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