प्रेम कभी-कभी व्यक्त नहीं होता, पर उसका मौन भी शब्दों से कहीं अधिक मुखर होता है। यही मौन ज्योति और सुधीर के बीच वर्षों तक दीवार बनकर खड़ा रहा… और फिर एक दिन उसी मौन ने प्रेम की पुकार सुन ली। ज्योति- एक जिम्मेदार गृहिणी, दो बच्चों की मां,...