dharma sangrah

Motivational Story : पत्ता बना जब घास की पात

Updated: बुधवार, 12 फ़रवरी 2020 (11:26 IST)
इस कथा को थोड़ा समझना मुश्किल है लेकिन यदि तुम समझ गए तो जीवन के चक्र को भी समझ जाओगे और अपने भीतर के चक्र को भी समझ जाओगे। ओशो रजनीश ने अपने किसी प्रवचन में इस कथा को सुनाया था।
 
 
‘दि मैडमैन’ बुक में खलील जिब्रान की प्रतीक कथाएं हैं- पतझड़ में एक पत्‍ते से घास की एक पात ने विनम्रता से कहा- तुम नीचे गिरते हुए कितना शोर मचाते हो। मेरे शिशिर स्‍वप्‍नों को बिखेर देते हो।
 
 
पत्‍ता क्रोधित होकर बोला- बदजात, माटी मिली, बेसुरी, नीच कहीं की। तू ऊंची हवाओं में नहीं रहती, तू संगीत की ध्‍वनि को क्‍या जाने। क्या जाने तू ऊंचाइयों को।
 
 
फिर वह पतझड़ का पत्‍ता जमीन पर गिरा और सो गया। जब वसंत आया वह पत्‍ता जाग गया, लेकिन अब वह घास की पात बन चुका था।
 
 
फिर पतझड़ आया और शिशिर की नींद से उसकी पलकें भरी हुई थी, लेकिन ऊपर से हवा के कारण दूसरे पत्‍तों की बौछार हो रही थी। वह घास की पात (जो पहले कभी पत्ता था) बुदबुदाया- उफ, ये पतझड़ के पत्‍ते कितना शोर करते हैं। मेरे शिशिर-स्‍वप्‍नों को बिखेर देते हैं।
 
 
इस प्रतीकात्मक कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि ऊंचाइयां छूने वाला एक दिन नीचे जरूर गिरता है। जब व्यक्ति ऊपर जाता है तो उसके साथी ही उसका साथ देते हैं लेकिन उपर जाकर वह अपने साथियों को भूलकर उन्हें क्षुद्र या हिन समझता है। फिर जब वह नीचे गिरता है तो उसका सामना उन्हीं साथियों से होता है जिन्होंने कभी उसकी ऊपर जाने में मदद की थी। दूसरा यह कि आज जो तुम हो कल मैं बन जाऊंगा और कल मैं जो था आज तुम बन जाओगे। इसलिए अहंकार करने वाला यह चक्र कभी समझ नहीं पाएगा।
 
लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

गरीबी चुराने कोई नहीं आता!

9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस: जानिए इतिहास और इसका महत्व

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर निबंध: जानें भारत की आजादी का इतिहास और महत्व

तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब ने किया त्रिपक्षीय सैन्य समझौता

नई स्टडी: एंथोसायनिन से घट सकता है हृदय रोग और डायबिटीज का खतरा, जानिए कैसे

अगला लेख