ठंडी अंधेरी रात में
अजेय
थोड़ी थोड़ी ले लो
बन्धु
अपनी आग में मिला कर
इसे बरतो
और देखना इसका ताप
गुपचुप पहुँच जाती है
चीज़ों में अपने आप!
इस ठंडी अंधेरी रात में
रोशनी की रोशनी
गरमाईश की गरमाईश
बोलो रक्खोगे मुठ्ठी भर?
साभार : कृत्या प्रकाशन
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बन्धु
अपनी आग में मिला कर
इसे बरतो
और देखना इसका ताप
गुपचुप पहुँच जाती है
चीज़ों में अपने आप!
इस ठंडी अंधेरी रात में
रोशनी की रोशनी
गरमाईश की गरमाईश
बोलो रक्खोगे मुठ्ठी भर?
साभार : कृत्या प्रकाशन
