ramcharitmanas

महाराणा प्रताप "वीर आल्हा छंद"

Updated: मंगलवार, 9 मई 2023 (10:35 IST)
Maharana Pratap Poetry: 9 मई को महाराणा प्रताप की जयंती रहती है। राजस्थान ही नहीं संपूर्ण भारत के वीर सपूत महाराणा प्रताप पर कई लोगों ने छंद में अपने भाव व्यक्त किए हैं। उन की वीरता पर हजारों कविताएं लिखी गई है। प्रस्तुत है उन्हीं में से एक कविता।
 
चली चाल अकबर ने भारी, 
मुगल  दासता  राणा  मान।
नहीं  दासता  मैं  स्वीकारूं, 
जब तक मेरे तन  में  जान।।
 
           अकबर का सिंघासन डोला,
           रच तब  हल्दी घाटी   युद्ध। 
           चेतक पर  चढ़   बैठे  राणा, 
           आए  समर भूमि  में  क्रुद्ध।।
 
देख हजारों मुगल लश्करी,
भाला  ताने  कुँवर  प्रताप।
दूजे  कर  तलवार थामकर,
भू  से  नभ  गूँजे  पदचाप।।
 
           मुगलों  की   सेना   घबराई, 
           छोड़ी  जहाँगीर  ने   आस।
           मातृभूमि  की  रक्षा  वास्ते,
           खाई रोटियां वो जो  घास।।
 
तोड़ दिए गुरूर अकबर का,
शीश   झुका  वो  माने  हार।
जिए आत्म-गौरव से  राणा,
है   मेवाड़ी   जय-जयकार।।
           धूल चटा अकबर को राणा, 
           बना लिए वह अपनी  छाप।
           गाता  है  इतिहास  सुगाथा,
           वीर सदा ही  राणा प्रताप।।
 
सपना सी.पी. साहू "स्वप्निल", 
इंदौर (म.प्र.)
लेखक के बारे में
सपना सीपी साहू 'स्वप्निल'

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

सावधान! थाली में रखा पनीर असली है या वेजिटेबल ऑयल से बना नकली? 2 मिनट के इस टेस्ट से जानें सच्चाई

कांवड़ यात्रा : ‘बोल बम’ का सनातन संदेश

भारत की विभिन्नताओं में समाहित है अटूट अभिन्नता!

स्पेन में मोरक्को से घुसपैठ, यूरोपीय संघ में मचा हड़कंप

दादाजी की याद में पोती की पाती, पढ़कर आंखें भी नम होगी, उर्जा भी मिलेगी

अगला लेख